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करनाल में 44 लाख के गबन का मामला आया सामने, दो पुलिस अधिकारी गिरफ्तार, कई अन्य फरार

Thu, 20 Feb 2020 01:35 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल ( हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल ( हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 20 Feb 2020 01:35 AM IST
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Two police officers arrested in 44 lakhs gaban case in Karnal
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

एसपी कार्यालय स्थित अकाउंट ब्रांच में टीए और अन्य बिलों में 44 लाख 35 हजार 475 रुपये गबन करने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस के दो अधिकारी गिरफ्तार किए गए हैं जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य अभी फरार हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी पिछले करीब तीन साल से यह धोखाधड़ी कर रहे थे। 

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इन्होंने दो फर्जी नाम से यूनीक आईडी बनाई हुई थी और दो आईडी क्लास फोर कर्मचारियों की थी, जिनमें यह टीए और अन्य बिलों की ठगी की राशि डालते थे। डीएसपी करनाल-1 की शिकायत पर जांच के बाद सिविल लाइन थाने में अकाउंटेंट एसआई गुरनाम सिंह और एएसआई टीए क्लर्क राजबीर सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि राजबीर और एक अन्य साहब सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 
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वहीं आरोपी गुरनाम सिंह से भी पूछताछ की जा रही है। एसपी के अनुसार अकाउंट ब्रांच का पूरा रिकार्ड जब्त कर खंगाला जा रहा है। साथ ही जांच के लिए मामले में एसपी द्वारा डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। सूत्रों के अनुसार मामले में पांच पुलिस अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, हालांकि इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। 
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रहने वाला करनाल का, दिखा दिया है यमुनानगर, गबन के पैसों से बनायी कोठी और ली ब्रेजा कार
पुलिस को दी शिकायत में आरोप है कि मुख्य आरोपी एसआई गुरनाम सिंह ने सर्विस रिकार्ड में गृह जिला यमुनानगर दिखाया हुआ है लेकिन यह रहने वाला करनाल के नीलोखेड़ी स्थित गांव बैड़शाल का है। दूसरा आरोपी एएसआई राजबीर सिंह भी करनाल जिले के गांव ढाकवाला रोड़ान का रहने वाला है। आरोपी गुरनाम की पुत्रवधु गांव की सरपंच भी है। 

आरोप है कि आरोपी ने इन गबन के रुपयों से गांव में कोठी बनाई हुई है और मारुति की ब्रेजा कार भी ली है। इतना ही नहीं दूसरा आरोपी राजबीर करनाल मेरठ रोड पर अभी मकान बना रहा है। इसके साथ ही आरोप है कि आरोपी गुरनाम 2012-2013 में लाइन हाजिर हुआ था व उसकी एसीआर में टिप्पणी भी है। उसने अधिकारियों के साथ सेटिंग कर 2016-2017 में उसे रफा दफा कर दिया।

सीएम के नाम दी थी शिकायत, तब हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार यमुनानगर में तैनात अकाउंट ब्रांच एएसआई राजेश कुमार के नाम से मुख्यमंत्री को टीए और अन्य बिल के 44 लाख 35 हजार 475 रुपये गबन करने की शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में करनाल एसपी कार्यालय स्थित अकाउंट ब्रांच में तैनात एसआई गुरनाम व एएसआई राजबीर पर आरोप लगाया गया था। मामले की जांच एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने 13 फरवरी को डीएसपी करनाल वन राजीव कुमार को दी, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया है। 

जानिये कैसे किया 44.35 लाख रुपये का गबन 
पुलिस में दी शिकायत के अनुसार मुख्य आरोपी अकाउंटेंट एसआई गुरनाम सिंह जून 2016 में करनाल में टीए क्लर्क पद पर तैनात हुआ था, जो 25 जुलाई 2019 तक तैनात रहा। 10 जुलाई 2019 को वह एसआई पद पर प्रमोट होकर अकाउंटेंट बन गया। टीए क्लर्क के दौरान उसने साथी एएसआई राजबीर टीए क्लर्क के साथ मिलकर चार यूनीक आईडी में गबन के 44 लाख 35 हजार 475 रुपये डाले थे। 

इनमें से इन आरोपियों ने बलवान व सुमित कुमार के नाम से दो फर्जी यूनीक आईडी बनाई हुई थी और दो यूनीक आईडी क्लास फोर विजय कुमार व नाथी राम की है। आरोपी एसआई गुरनाम के पास जब कोई पुलिस कर्मचारी टीए व अन्य बिल के लिये जाते थे तो वह बिल के आधे रुपये उस कर्मचारी की यूनीक आईडी मे डाल देता था तो आधे इन फर्जी यूनीक आईडी में डालता था। 

इस तरह आरोपी ने 24 अप्रैल 2016 से 4 अगस्त 2017 तक बलवान की फर्जी यूनीक आईडी में टीए के 10 लाख 15 हजार 670 रुपये डाले। इसी तरह 24 मई 2016 से 23 अक्टूबर 2019 तक सुमित कुमार की फर्जी यूनीक आईडी में टीए 10 लाख 60 हजार 835 रुपये डाले। इतना ही नहीं एक मई 2013 से 20 जनवरी 2020 तक आरोपी ने क्लास फोर विजय कुमार की यूनीक आईडी में टीए के 14 लाख 84 हजार 470 रुपये व एक लाख 33 हजार कंटीजेंसी बिल के डाले। ऐसे ही दूसरे क्लास फोर नाथीराम की यूनीक आईडी में 6 लाख 56 हजार 400 रुपये टीए के और 85100 रुपये कंटीजेंसी बिल के डाले गये हैं।

आरोपी के खिलाफ पहले भी दी थी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी एसआई गुरनाम सिंह के खिलाफ 21 मई 2018 को भी एसपी कार्यालय में पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी से शिकायत आई थी। इस शिकायत की जांच भी आरोपी ने अधिकारियों व राजनीतिक पहुंच से दबवा ली थी। 

अकाउंट ब्रांच में 44.35 लाख रुपये के गबन होने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलते ही प्रारंभिक जांच डीएसपी राजीव से कराई कई। उसी आधार पर सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच के लिये डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया है। जल्द ही पूरे मामले की गहनता से जांच कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।

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