{"_id":"58bad0e34f1c1b9e64832055","slug":"two-farmer-commit-suicide-in-punjab-sangrur-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"किसान, कर्ज और खुदकुशीः एक ही दिन में दो अन्नदाताओं ने मौत को लगाया गले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान, कर्ज और खुदकुशीः एक ही दिन में दो अन्नदाताओं ने मौत को लगाया गले
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर/सरदूलगढ़(पंजाब)
Updated Sat, 04 Mar 2017 08:06 PM IST
विज्ञापन
सुसाइड
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हलका लहरागागा में किसान-मजदूरों का खुदकुशी करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को हलके के गांव नंगला में 42 वर्षीय किसान ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
थाना छाजली के एएसआई प्रदीप सिंह ने बताया कि गांव नंगला का किसान रघवीर सिंह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। कुछ समय से आर्थिक तंगी के कारण वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था। इसी परेशानी के चलते उसने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मृतक के भाई दर्शन सिंह के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए सुनाम भेज दिया है।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता धर्मेंद्र सिंह पिशौर ने बताया कि मृतक रघवीर सिंह के पास महज एक एकड़ जमीन थी और वह भी गिरवी पड़ी थी। इसके अलावा उसके सिर पर सरकारी व गैर सरकारी करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था। इसे उतारने में वह असमर्थ था। परेशानी के चलते उसने खुदकुशी कर ली। उन्होंने मांग की कि मृतक के परिवार को बनता उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना छाजली के एएसआई प्रदीप सिंह ने बताया कि गांव नंगला का किसान रघवीर सिंह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। कुछ समय से आर्थिक तंगी के कारण वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था। इसी परेशानी के चलते उसने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मृतक के भाई दर्शन सिंह के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए सुनाम भेज दिया है।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता धर्मेंद्र सिंह पिशौर ने बताया कि मृतक रघवीर सिंह के पास महज एक एकड़ जमीन थी और वह भी गिरवी पड़ी थी। इसके अलावा उसके सिर पर सरकारी व गैर सरकारी करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था। इसे उतारने में वह असमर्थ था। परेशानी के चलते उसने खुदकुशी कर ली। उन्होंने मांग की कि मृतक के परिवार को बनता उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
विज्ञापन
कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर खुदकुशी की
सुसाइड
- फोटो : File Photo
बेटी के विवाह में लिए गए कर्ज से परेशान होकर गांव झंडा खुर्द के एक युवा किसान ने जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। किसान का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उसके सिर पर 6 लाख रुपये का कर्ज था। थाना सरदूलगढ़ पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया।
पुलिस के अनुसार किसान दलबीर सिंह (40) ने 3 मार्च को अपने घर में कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उसे सिरसा के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां इलाज के दौरान 4 मार्च को उसकी मौत हो गई। गांव झंडा खुर्द के किसान दलवीर सिंह ने चार माह पहले अपनी लड़की का विवाह किया था। इस विवाह से चढ़े कर्ज व ठेके पर जमीन लेकर खेती करते किसान की पैदावार भी अच्छी नहीं हुई थी। इससे किसान दलवीर सिंह परेशानी में रहता था।
उसकी पत्नी शिमला देवी ने बताया कि इस परेशानी को लेकर उसने कई बार उसके पति ने उससे बात भी की थी। शुक्रवार को पति ने घर में कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दलवीर सिंह के सिर 6 लाख रुपये का कर्ज था। वह अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे छोड़ गया है। थाना सरदूलगढ़ के सहायक थानेदार मेजर सिंह ने बताया कि पत्नी के बयानों पर 174 कार्रवाई करने के बाद लाश वारिसों के हवाले कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार किसान दलबीर सिंह (40) ने 3 मार्च को अपने घर में कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उसे सिरसा के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां इलाज के दौरान 4 मार्च को उसकी मौत हो गई। गांव झंडा खुर्द के किसान दलवीर सिंह ने चार माह पहले अपनी लड़की का विवाह किया था। इस विवाह से चढ़े कर्ज व ठेके पर जमीन लेकर खेती करते किसान की पैदावार भी अच्छी नहीं हुई थी। इससे किसान दलवीर सिंह परेशानी में रहता था।
उसकी पत्नी शिमला देवी ने बताया कि इस परेशानी को लेकर उसने कई बार उसके पति ने उससे बात भी की थी। शुक्रवार को पति ने घर में कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दलवीर सिंह के सिर 6 लाख रुपये का कर्ज था। वह अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे छोड़ गया है। थाना सरदूलगढ़ के सहायक थानेदार मेजर सिंह ने बताया कि पत्नी के बयानों पर 174 कार्रवाई करने के बाद लाश वारिसों के हवाले कर दी गई है।