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डेराबस्सीः ईंटों के भट्ठे पर खेलते-खेलते चली गई दो भाइयों की जान, डूबने से हुई मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, डेराबस्सी(मोहाली)
Updated Thu, 21 Jun 2018 09:27 AM IST
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पानी में डूबकर दो मासूम भाइयों की मौत
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ईंटों के भट्ठे पर दो मासूम भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई ईंटें बनाने के लिए मिट्टी खोदने के बाद बने गड्ढे में बारिश का पानी भरने से बने तालाब में गिर गए थे। दोनों भाइयों को बाहर निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उनको मृतक घोषित कर दिया।
दोनों मृतक भाइयों की पहचान अमन (9) और कार्तिक (7) पुत्र संजीव कुमार और माता पिंकी के तौर पर हुई है। संजीव और पिंकी लेबर का काम करते हैं। वे पहले मुबारिकपुर में एक ईंटों के भट्ठे पर कार्य करते थे। मंगलवार की शाम उक्त गांव में स्थित बीआईके ईंटों के भट्ठे का ठेकेदार ईंटों की भराई करने के लिए उन्हें ले गया था।
बीती रात ही पति पत्नी अपने तीन बच्चों को साथ ले कर भट्ठे पर पहुंच गए थे। बुधवार सुबह दोनों पति पत्नी भट्ठे पर काम कर रहे थे जबकि उनके तीनों बच्चे नजदीक खेल रहे थे। खेलते हुए दो बच्चे ईंटें बनाने के लिए खुदाई के बाद बने गड्ढे के पास पहुंच गए जहां बारिश का पानी भरा हुआ था।
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दोपहर तकरीबन ढाई बजे संजीव और पिंकी को कार्तिक और अमन के साथ खेलते बच्चों ने पानी में डूबने के बारे में जानकारी दी। उस समय एक बच्चा पानी के ऊपर तैर रहा था जबकि दूसरा पानी में डूब गया था। मौके पर लोगों ने दोनों भाइयों को बाहर निकाला।
दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने उनको मृतक करार दे दिया। पीड़ित मां बाप के पास तीन बच्चे थे जिनमें से दो की पानी में डूबने कारण मौत हो गई, जबकि तीन साल का एक छोटा लड़का नजदीक खेलते हुए बाल बाल बच गया।
परिवार नहीं चाहता कोई कार्रवाई : पुलिस
थाना प्रभारी महिंद्र सिंह ने कहा कि मृतक के रिश्तेदार व अन्य परिजनों ने पुलिस स्टेशन में पहुंच कर बयान दिए हैं कि इस हादसे में भट्ठा मालिक बलजीत सिंह का कोई कसूर नहीं है। वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते। परिजनों की मांग पर बिना कोई कार्रवाई शव को परिजनों के हवाले कर दिया है। भट्ठा मालिक की ओर से पीड़ित परिवार को अपनी ओर से बनता मुआवजा भी दिया गया है। पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के शव को परिजनों के हवाले कर दिया।
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दोनों मृतक भाइयों की पहचान अमन (9) और कार्तिक (7) पुत्र संजीव कुमार और माता पिंकी के तौर पर हुई है। संजीव और पिंकी लेबर का काम करते हैं। वे पहले मुबारिकपुर में एक ईंटों के भट्ठे पर कार्य करते थे। मंगलवार की शाम उक्त गांव में स्थित बीआईके ईंटों के भट्ठे का ठेकेदार ईंटों की भराई करने के लिए उन्हें ले गया था।
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बीती रात ही पति पत्नी अपने तीन बच्चों को साथ ले कर भट्ठे पर पहुंच गए थे। बुधवार सुबह दोनों पति पत्नी भट्ठे पर काम कर रहे थे जबकि उनके तीनों बच्चे नजदीक खेल रहे थे। खेलते हुए दो बच्चे ईंटें बनाने के लिए खुदाई के बाद बने गड्ढे के पास पहुंच गए जहां बारिश का पानी भरा हुआ था।
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दोपहर तकरीबन ढाई बजे संजीव और पिंकी को कार्तिक और अमन के साथ खेलते बच्चों ने पानी में डूबने के बारे में जानकारी दी। उस समय एक बच्चा पानी के ऊपर तैर रहा था जबकि दूसरा पानी में डूब गया था। मौके पर लोगों ने दोनों भाइयों को बाहर निकाला।
दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने उनको मृतक करार दे दिया। पीड़ित मां बाप के पास तीन बच्चे थे जिनमें से दो की पानी में डूबने कारण मौत हो गई, जबकि तीन साल का एक छोटा लड़का नजदीक खेलते हुए बाल बाल बच गया।
परिवार नहीं चाहता कोई कार्रवाई : पुलिस
थाना प्रभारी महिंद्र सिंह ने कहा कि मृतक के रिश्तेदार व अन्य परिजनों ने पुलिस स्टेशन में पहुंच कर बयान दिए हैं कि इस हादसे में भट्ठा मालिक बलजीत सिंह का कोई कसूर नहीं है। वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते। परिजनों की मांग पर बिना कोई कार्रवाई शव को परिजनों के हवाले कर दिया है। भट्ठा मालिक की ओर से पीड़ित परिवार को अपनी ओर से बनता मुआवजा भी दिया गया है। पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के शव को परिजनों के हवाले कर दिया।