फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Tubewell connection will not Issue without micro irrigation system in Haryana

खेतों में सिंचाई के लिए अपनाना होगा ये सिस्टम, वरना जारी नहीं होगा ट्यूबवेल कनेक्शन

Sun, 05 Jan 2020 05:05 PM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 05 Jan 2020 05:05 PM IST
विज्ञापन
Tubewell connection will not Issue without micro irrigation system in Haryana
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में बिजली-पानी दोनों की बचत को लेकर सरकार गंभीर है। किसानों के खेतों में नए ट्यूबवेल कनेक्शन पर जहां पहले ही फाइव स्टार रैंकिंग मोटर अनिवार्य की जा चुकी है। वहीं किसानों को अपने खेतों में माइक्रो इरिगेशन सिस्टम (सूक्ष्म सिंचाई विधि) भी लगवाना होगा, तभी उन्हें ये कनेक्शन जारी हो पाएगा। बाकायदा विभागीय अफसर खेत में जाकर इस सिस्टम की फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। 31 दिसंबर 2018 के बाद जो भी ट्यूबवेल कनेक्शन जारी होंगे, उसपर उक्त शर्ते लागू होंगी।

विज्ञापन


पहली बार प्रदेश में ऐसी शर्त लगाई जा रही है, जिससे बिजली बचत तो होगी। साथ ही सूक्ष्म सिंचाई विधि से पानी भी कम खर्च होगा। हरियाणा में 31 दिसंबर 2018 तक नए ट्यूबवेल कनेक्शन के करीब 84 हजार आवेदन पेंडिंग थे, जिनमें से लगभग 12 हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने कनेक्शन की तमाम लागत राशि बिजली निगम को जमा करवा दी है और इन किसानों को कनेक्शन जारी करने का काम भी शुरू हो गया है। गैर धान वाले इलाकों को पहले कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


माइक्रो इरिगेशन के लिए कृषि विभाग से सर्टिफिकेट जरूरी नहीं
बिजली निगम ने इस शर्त में किसान को यह राहत दी है कि उसे अपने खेत में माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगवाने के लिए कृषि विभाग से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। किसान अपनी ईमानदारी से इस सूक्ष्म सिंचाई विधि को अपने खेतों में स्थापित करवाएं। ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया के तहत ही बिजली निगम का जेई मौके पर इसकी फिजिकल वेरिफिकेशन करेगा और उसके बाद किसान को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी बिल बनवाकर निगम को देते थे धोखा

ट्यूबवेल कनेक्शन के दौरान बिजली निगम ही फाइव स्टार रैंक मोटर उपलब्ध करवाएगा। बिजली निगम के एक आला अफसर ने बताया कि हालांकि ट्यूबवेल पर मोटर लगवाना निगम का काम नहीं है। लेकिन जब फीडर चेकिंग हुई तो मालूम हुआ कि बहुत से किसानों ने ट्यूबवेलों पर मोटरें तो फोर रैंकिंग लगवा रखी थी, लेकिन बिल फर्जी रूप से फाइव स्टार रैंकिंग मोटर के बनवा रखे थे। जिससे बिजली की खपत काफी होती थी।

इस तरह करीब 250 साइट्स निगम ने चेक की थी। अब जो फाइव स्टार की मोटर ट्यूबवेल पर लगवाई जा रही है, वे नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कालीब्रेशन लेबोरट्रीज (एनएबीएल) से टेस्ट होकर आएगी और इस पर 5 साल की वारंटी भी होगी। मोटर खराब होने पर किसान को सिर्फ सूचना बिजली निगम को देनी होगी, मौके पर पहुंचकर एक्सपर्ट द्वारा मोटर की जांच की जाएगी।

जो मोटर लगवा चुके, उन किसानों को हो सकता है नुकसान
प्रदेश में कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने 40 से 60 फीट तक के छोटे स्तर के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया हुआ है। ऐसे किसानों ने बताया कि छोटे कनेक्शन के लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च कर बोर टेस्ट भी करवाना पड़ता है। उनके आवेदन के बाद उनकी साइट का सर्वे भी हो गया है, नक्शे भी बन गए हैं, लगभग फाइल पूरी तैयार हो चुकी है।

उनके अनुसार बोरिंग टेस्ट के दौरान जहां जमीन में पानी की संभावना मिलती है, वहां तुरंत मोटर लगवानी पड़ती है, क्योंकि उस बोर को खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। किसानों ने बताया कि इतना सबकुछ होने के बाद अब निगम कह रहा है कि मोटरें विभाग उपलब्ध करवाएगा। किसानों ने ऐसे मामलों में बिजली मंत्री से छूट देने की मांग की है। 

इस पर बिजली मंत्री रणजीत सिंह का कहना है कि इस तरह के मामले उनके संज्ञान में आएं हैं, वे इस बारे में मुख्यमंत्री से ही बात कर कुछ कह पाएंगे। जबकि किसानों का कहना है कि उन्होंने अपने छोटे बोर में फाइव स्टार रैंक की मोटरें ही डलवाई है, चाहे तो निगम जांच कर सकता है, लेकिन यदि सारा काम नए सिरे से करना पड़ा, तो किसानों का काफी नुकसान हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed