Jalandhar News: परिवहन मंत्री ने की बसों की जांच, इंडो कैनेडियन की बस समेत 16 के कटे चालान
परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर इंडो-कैनेडियन के कार्यालय के बाहर जा पहुंचे और वहां बस के दस्तावेज जांचे तो टूरिस्ट परमिट मिला। हालांकि सवारियों की टिकट काटी जा रही थी। इससे सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा था। आरटीए बलजिंदर ढिल्लों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि एक इंडो-कैनेडियन बस का चालान किया गया है।
विस्तार
पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बस स्टैंड के आसपास कई बस सर्विस के ऑफिस में पहुंचकर औचक निरीक्षण किया और 16 बसों के चालान कटवाए। इनमें जालंधर से सीधा दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाली इंडो-कैनेडियन बस का भी चालान किया गया, जिसका मालिक बादल परिवार है। परमिट की जांच भी की गई।
मंत्री लालजीत सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि कई प्राइवेट बस सर्विस बिना परमिट के बसें दूसरे राज्यों में भेज रही हैं। लंबे समय से बादल परिवार की इंडो-कैनेडियन टूरिस्ट परमिट पर चल रही थी जबकि इसकी टिकट काटकर सवारियों को बेचा जा रहा था। नियमानुसार अगर कोई टूरिस्ट परमिट पर बस चलती है तो उसकी सवारी की टिकट नहीं काटी जा सकती और साथ ही कौन सा जत्था घूमने कहां जा रहा है, उनके नाम और पते की जानकारी आरटीए कार्यालय के पास एक दिन पहले पहुंचना होता है। इतना ही नहीं पंजाब रोडवेज के जीएम मनिंदर सिंह के कार्यालय की दीवार के पास से ही इंडो-कैनेडियन बसें सवारियां भरकर रोजाना दिल्ली एयरपोर्ट तक आवाजाही करती हैं। इसकी काफी शिकायतें विभाग को मिली थीं लेकिन अधिकारी नेताओं की बसों पर हाथ डालने से कतरा रहे थे।
सोमवार को मंत्री लालजीत भुल्लर इंडो-कैनेडियन के कार्यालय के बाहर जा पहुंचे और वहां बस के दस्तावेज जांचे तो टूरिस्ट परमिट मिला। हालांकि सवारियों की टिकट काटी जा रही थी। इससे सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा था। आरटीए बलजिंदर ढिल्लों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि एक इंडो-कैनेडियन बस का चालान किया गया है।
ऑनलाइन बुकिंग की सरकार को जानकारी नहीं: भुल्लर
दिलचस्प बात है यह कि सुखबीर बादल के परिवार के नाम पर चल रही इंडो-कैनेडियन बस सर्विस का कोई भी मुकाबला किसी बस से नहीं है। पिछले साल 15 जून 2022 को जालंधर से पनबस को दिल्ली एयरपोर्ट तक शुरू किया गया था। मंत्री भुल्लर ने बताया कि इंडो-कैनेडियन बस सर्विस ऑनलाइन बुकिंग करती है। मगर इस बारे में सरकार के पास कोई भी जानकारी नहीं है। कई बस सर्विस वालों के दस्तावेजों में खामियां मिली हैं।