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ट्रांसफर मुद्दे पर CAT पहुंचे यूटी कर्मचारियों को नहीं मिली राहत

Tue, 17 May 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 May 2016 01:34 AM IST
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transfer issue of UT staff, no relief from CAT, denial to Stay on transfer
CAT - फोटो : demo pics

ट्रांसफर किए गए यूटी के प्रशासनिक कर्मचारियों को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से राहत नहीं मिल पाई है।  दरअसल यूटी प्रशासन द्वारा हाल ही में ट्रांसफर किए गए 348 प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में से इस आदेश के खिलाफ केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का दरवाजा खटखटाने वालों को राहत नहीं मिल पाई है।

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ट्रिब्यूनल ने ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ 6 अलग-अलग याचिकाओं के तौर पर करीब 2 दर्जन कर्मियों के मामलों में एक साथ सुनवाई करते हुए उन्हें स्टे देने से इंकार कर दिया। हालांकि ट्रिब्यूनल ने यूटी प्रशासन, गृह सचिव और इसके कई विभागों के एचओडी से मामले में 4 जुलाई को जवाब दाखिल करने को कहा है। अपील करने वालों में यूटी के एजुकेशन, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्ट विभाग, यूटी पुलिस के क्लेरिकल स्टॉफ, इरीग्रेशन और प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। वहीं आईजीपी ऑफिस में तैनात 4 कर्मियों ने भी कैट में ट्रांसफर आर्डर को चुनौती दी है।
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बता दें कि संबंधित याचिकाओं में कहा गया है कि वह लंबे समय से एक ही डिपार्टमेंट में काम कर रहे हैं। उन्हें वहां के काम का अच्छा अनुभव है। नए डिपार्टमेंट में भेजे जाने से उन्हें वहां कई समस्याएं सामने आएंगी। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रशासन अधिकारियों और कर्मचारियों की सीट बदल सकता है, लेकिन डिपार्टमेंट नहीं बदल सकता। याचिका के अनुसार कई विभागों में पात्रता के तहत योग्य अधिकारी या कर्मचारी ही कार्य कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन उनका विभाग कैसे बदल सकता है। अगर कोई इंजीनियरिंग विभाग से है तो उसे एजुकेशन डिपार्टमेंट में कैसे भेज सकते हैं। ऐसे में उनकी योग्यता का कोई मतलब नहीं रह जाता। प्रशासन इंटर डिपार्टमेंट ट्रांसफर कैसे कर सकता है।
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ट्रांसफर की सूचना के बाद कई कर्मचारियों ने यूटी सचिवालय में अधिकारियों से मिलकर ट्रांसफर रोकने की गुहार लगाई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रुटीन ट्रांसफर बताया था। ट्रांसफर के तहत पर्सोनल विभाग ने 26  सुपरीटेंडेंट, 140 सीनियर असिस्टेंट, 13 सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर, 138 जूनियर असिस्टेंट/क्लर्क और 31 स्टेनो टाइपिस्ट के तबादले कर दिए थे। सबसे ज्यादा ट्रांसफर जीएमसीएच-32, डीसी-एस्टेट ऑफिस, सीटीयू और यूटी सचिवालय में हुए  हैं। इन ट्रांसफर आर्डर के तहत स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स और आर्किटेक्चर कॉलेज से भी कई कर्मचारी इधर-उधर हुए हैं।


ट्रिब्यूनल से उम्मीद टूटी 
ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ ट्रिब्यूनल से आस लगाए बैठे कई अन्य कर्मचारियों की उम्मीदों को भी धक्का लगा है। ऐसे में उनके पास अब ज्वाइन करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। हालांकि 95 फीसदी कर्मचारी नई पोस्ट पर ज्वाइन कर चुके हैं। सोमवार को ट्रिब्यूनल से स्टे न मिलने पर शेष बचे कर्मचारी भी मंगलवार तक ज्वाइन कर लेंगे। वहीं प्रशासन की ओर से ट्रांसफर की दूसरी लिस्ट भी जल्द ही जारी होने की संभावना है। इसके तहत जूनियर स्टाफ के लेवल पर बड़े स्तर पर फेरबदल होना है। वहीं ट्रिब्यूनल से कोई खास राहत न मिलते देख उनके भी चुपचाप से आदेश मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। 

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