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Chandigarh: स्मार्ट सिटी में बढ़ रहा ट्रैफिक का दबाव, आबादी से ज्यादा वाहन, यातायात प्रबंधन बना बड़ी चुनौती
Mon, 24 Apr 2023 02:50 PM IST
निवेदिता वर्मा
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 24 Apr 2023 02:50 PM IST
सार
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या आबादी से आठ प्रतिशत ज्यादा है। अब यह प्रतिशत और बड़ा हो सकता है। 2021 में शहर में 36 हजार से ज्यादा वाहन पंजीकृत हुए थे। यह 2020 के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक था। कुल 53 प्रतिशत कारें, 43 प्रतिशत दो पहिया वाहन और उसके बाद बाकी वाहन थे।
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चंडीगढ़ ट्रैफिक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आधुनिक भारत के पहले योजनाबद्ध शहर चंडीगढ़ में यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 1952 में चंडीगढ़ की नींव रखने के बाद शहर को आगामी 50 साल की जरूरतों के लिहाज से विकसित किया गया था, लेकिन अब शहर की आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने से यहां यातायात व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है। कुछ सड़कों को चौड़ा करने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में गुजर रहे वाहनों से स्थिति को काबू में रख पाना पुलिस के लिए भी एक चुनौती बनता जा रही है। ट्राईसिटी समेत दूसरे राज्यों के यातयात दबाव के कारण चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस यातायात प्रबंधन में फेल होने लगी है। शहर में आबादी और वाहनों के बढ़ने से शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी जाम लग रहा है।
शुरुआत में 5 लाख लोगों की आबादी के डिजाइन किए गए चंडीगढ़ की आबादी अब 12 लाख से ऊपर जा पहुंची है। वहीं वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में शहर के ऐसे कई मार्ग हैं जहां पर लोगों को भारी ट्रैफिक जाम के बीच से अपने घरों और दफ्तरों में पहुंचना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस भी भरसक प्रयास कर रह है। इसके बावजूद शहर में बढ़ रहे वाहनों से समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक जानकारी के मुताबिक शहर में रोजाना शहर और बाहरी वाहनों को मिला कर लगभग 15 लाख वाहन गुजरते हैं।
तेजी से बढ़ रहे वाहनों से शहर में कई जगह भीड़ बढ़ रही है। वहीं सड़क हादसे भी हो रहे हैं। वर्ष 2021 में शहर की जनसंख्या 11,78,417 थी। वहीं पंजीकृत वाहनों की संख्या 12,71,624 थी। इसके साथ ही सड़क हादसों में भी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2021 में 94 लोगों की चंडीगढ़ में हुए सड़क हादसों में मौत हुई थी।
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इन मार्गों पर ज्यादा भीड़
चंडीगढ़ में ज्यादा जाम उन सड़कों पर ड्यूटी टाइमिंग के दौरान लग रहा है जहां आसपास बड़े सरकारी दफ्तर हैं। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मध्य मार्ग (हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट से पीजीआई तक), दक्षिण मार्ग (एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से सेक्टर 25 तक), जन मार्ग (सेक्टर 3 से फर्नीचर मार्किट तक) शहर की व्यस्त मार्ग हैं।
मध्य मार्ग पर ज्यादा यातायात का कारण पीजीआई में बड़ी संख्या में मरीजों व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकीलों, स्टाफ और लोगों का केस के सिलसिले में आना तथा सचिवालय में कर्मचारियों का आना जाना है। वहीं जन मार्ग से भी बड़ी संख्या में लोग इसी वजह से गुजरते हुए हाईकोर्ट और सचिवालय की ओर निकलते हैं। इनके अलावा दक्षिण मार्ग पर दिल्ली, अंबाला समेत पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से लोग चंडीगढ़ में दाखिल होते हैं।
यातायात पुलिस की संख्या कम
शहर की आबादी 12 लाख से ऊपर जा पहुंची है और वाहनों की संख्या उससे भी ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के जवानों की संख्या सिर्फ 500 के लगभग है। वहीं शहर में वीआईपी औ अन्य रूट आदि में भी यही जवान तैनात होते हैं। वहीं शहर में कई प्रकार के आयोजनों में भी ट्रैफिक के जवान ड्यूटी पर लगा दिए जाते हैं। ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। एक अफसर ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि कई बार अफसरों को ट्रैफिक जवानों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए लिखा गया है मगर अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस पर जरुरत से ज्यादा बोझ पड़ा हुआ है।
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शुरुआत में 5 लाख लोगों की आबादी के डिजाइन किए गए चंडीगढ़ की आबादी अब 12 लाख से ऊपर जा पहुंची है। वहीं वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में शहर के ऐसे कई मार्ग हैं जहां पर लोगों को भारी ट्रैफिक जाम के बीच से अपने घरों और दफ्तरों में पहुंचना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस भी भरसक प्रयास कर रह है। इसके बावजूद शहर में बढ़ रहे वाहनों से समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक जानकारी के मुताबिक शहर में रोजाना शहर और बाहरी वाहनों को मिला कर लगभग 15 लाख वाहन गुजरते हैं।
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तेजी से बढ़ रहे वाहनों से शहर में कई जगह भीड़ बढ़ रही है। वहीं सड़क हादसे भी हो रहे हैं। वर्ष 2021 में शहर की जनसंख्या 11,78,417 थी। वहीं पंजीकृत वाहनों की संख्या 12,71,624 थी। इसके साथ ही सड़क हादसों में भी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2021 में 94 लोगों की चंडीगढ़ में हुए सड़क हादसों में मौत हुई थी।
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इन मार्गों पर ज्यादा भीड़
चंडीगढ़ में ज्यादा जाम उन सड़कों पर ड्यूटी टाइमिंग के दौरान लग रहा है जहां आसपास बड़े सरकारी दफ्तर हैं। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मध्य मार्ग (हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट से पीजीआई तक), दक्षिण मार्ग (एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से सेक्टर 25 तक), जन मार्ग (सेक्टर 3 से फर्नीचर मार्किट तक) शहर की व्यस्त मार्ग हैं।
मध्य मार्ग पर ज्यादा यातायात का कारण पीजीआई में बड़ी संख्या में मरीजों व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकीलों, स्टाफ और लोगों का केस के सिलसिले में आना तथा सचिवालय में कर्मचारियों का आना जाना है। वहीं जन मार्ग से भी बड़ी संख्या में लोग इसी वजह से गुजरते हुए हाईकोर्ट और सचिवालय की ओर निकलते हैं। इनके अलावा दक्षिण मार्ग पर दिल्ली, अंबाला समेत पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से लोग चंडीगढ़ में दाखिल होते हैं।
यातायात पुलिस की संख्या कम
शहर की आबादी 12 लाख से ऊपर जा पहुंची है और वाहनों की संख्या उससे भी ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के जवानों की संख्या सिर्फ 500 के लगभग है। वहीं शहर में वीआईपी औ अन्य रूट आदि में भी यही जवान तैनात होते हैं। वहीं शहर में कई प्रकार के आयोजनों में भी ट्रैफिक के जवान ड्यूटी पर लगा दिए जाते हैं। ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। एक अफसर ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि कई बार अफसरों को ट्रैफिक जवानों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए लिखा गया है मगर अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस पर जरुरत से ज्यादा बोझ पड़ा हुआ है।