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चंडीगढ़: इंडक्टिव लूप सिग्नल से संचालित होगा सिटी ब्यूटीफुल का यातायात, बनेगा देश का पहला शहर

Thu, 16 Dec 2021 12:39 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 16 Dec 2021 12:39 PM IST
सार

इंडक्टिव लूप बेल का बनाया गया एक सॉफ्टवेयर है। इसमें जेब्रा क्रॉसिंग से पहले सड़क के अंदर एक कॉपर का तार डाला जाता है, जो ट्रैफिक लाइट के जंक्शन से जुड़ी होती है। जैसे ही गाड़ी आकर इंडक्टिव लूप के पास रुकती है तो गाड़ी व कॉपर के तार के बीच लूप बनता है।

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Traffic in Chandigarh will be driven by inductive loop signal
सेक्टर 17 में तिराहे से पहले बनाया गया इंडक्टिव लूप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेशों की तर्ज पर अब देश में पहली बार चंडीगढ़ का यातायात चलेगा। सीसीटीवी कैमरों के अलावा सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग के साथ ही इंडक्टिव लूप डिवाइस लगाई जा रही है। गाड़ी ट्रैफिक लाइट पर आकर रुकने के बाद इस डिवाइस के संपर्क में आएगी। यह डिवाइस ट्रैफिक लाइटों के जंक्शन बॉक्स पर सिग्नल देकर बताएगी कि आगे यातायात साफ है और लाइट हरी हो जाएगी। इससे खाली रास्ते पर लोगों का काफी समय बचेगा। बड़ी बात यह है कि बेल कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर का ट्रायल चंडीगढ़ से शुरू किया है, इसलिए इसका योजना पर कोई खास खर्च नहीं आया है।

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इंडक्टिव लूप बेल का बनाया गया एक सॉफ्टवेयर है। इसमें जेब्रा क्रॉसिंग से पहले सड़क के अंदर एक कॉपर का तार डाला जाता है, जो ट्रैफिक लाइट के जंक्शन से जुड़ी होती है। जैसे ही गाड़ी आकर इंडक्टिव लूप के पास रुकती है तो गाड़ी व कॉपर के तार के बीच लूप बनता है। जो ट्रैफिक जंक्शन को आगे के यातायात के बारे में जानकारी देता है। जंक्शन अन्य मार्गों पर यातायात की स्थिति देखकर लाइटों को हरी करता है। इससे वाहन चालक को लाइटों का समय पूरा होने का इंतजार नहीं करना होता है और जल्द निकलने में सहायता मिलती है।

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चंडीगढ़ की बनावट के अनुकूल था डिवाइस

विदेशों और भारत के यातायात में काफी अंतर है। बेल के अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के सामने अपने नए सॉफ्टवेयर का डिजाइन रखा तो उन्होंने चंडीगढ़ में यह डिवाइस लगाने की बात कही। देश के अन्य शहरों में ट्रैफिक लाइटों पर काम किया जाता है, लेकिन चंडीगढ़ का यातायात अन्य शहरों से भिन्न है। यहां इस डिवाइस का ट्रायल करना भी आसान था। इसलिए कंपनी ने इस डिवाइस को लगाने की सहमति दे दी।

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100 चौराहों पर चल रहा है ट्रायल

बेल की ओर से वर्तमान में शहर के लगभग सभी चौराहों पर कैमरे लग गए हैं। इनमें से 100 चौराहों पर ट्रायल भी शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार इस योजना पर अब तक लगभग 295 करोड़ की लागत आ चुकी है। 31 जनवरी से कैमरों को संचालित करने का कंपनी ने लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही अगले पांच सालों तक कंपनी इन कैमरों का मेंटेनेंस भी देखेगी। शहर में कुल 100 कैमरे लगाए जाने हैं और चौराहों पर 80 डिस्प्ले बोर्ड लगाने हैं।

यातायात व्यवस्था के साथ सुरक्षा और सहूलियत के हिसाब से काम कराया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि यातायात बिलकुल सुगम हो और वारदात पर रोक लग सके। इंडक्टिव लूप लगने से लोगों का काफी समय बचेगा। -आनिंदिता मित्रा, सीईओ, स्मार्ट सिटी

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