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आलू के चढ़े भाव, टमाटर हो गया लाल
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Nov 2013 10:14 AM IST
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दिवाली के बाद सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। सप्लाई न आने से टमाटर और आलू के दाम दोगुना से ज्यादा तक पहुंच गए हैं। सोमवार तक टमाटर का रेट जहां 35 रुपये किलो था वहीं बुधवार को यह 70 रुपये किलो बिका।
इसी तरह पहाड़ी आलू भी 30 रुपये किलो से बढ़कर 50 रुपये और फ्रासबीन 40 से बढ़कर 80 रुपये किलो तक पहुंच गया। इन सभी सब्जियों की सप्लाई हिमाचल प्रदेश से होती है।
महंगाई का कारण
सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में मंगलवार को टमाटर की एक ही गाड़ी, जबकि खपत छह गाड़ी है। एक गाड़ी में सिर्फ तीन टन टमाटर होते हैं। इसलिए मंगलवार को टमाटर को टमाटर 80 रुपये किलो तक बिका।
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बुधवार को दो ट्रक टमाटर आने से दाम दस रुपये नीचे आए।
मार्केट कमेटी ने सस्ता स्टाल बंद किया
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लगाया गया प्याज का स्टाल मार्केट कमेटी ने बंद कर दिया है। इसे दिवाली के बाद से खोला ही नहीं गया। मंगलवार को मंडी में प्याज 50 रुपये किलो बिका।
लग सकता है टमाटर का स्टाल
मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश महाजन के अनुसार अगर प्याज की तरह टमाटर भी नो प्रोफिट- नो लॉस पर बेचने की मंजूरी देता है तो मार्केट कमेटी सस्ते टमाटर के स्टाल लगाने के लिए तैयार है।
मूली और साग ही विकल्प
मूली और साग की सप्लाई लोकल है और मार्केट में यही सबसे सस्ते हैं। 26 की मंडी में तो मूली 4 रुपये किलो तक बिक रही है, जबकि शहर की अन्य मंडियों में इसके दाम 20 रुपये तक हैं।
इसी तरह साग की गुच्छियां भी पांच रुपये से 15 रुपये तक में मिल रही हैं।
--
प्रशासन लगवाए रेट के बोर्ड
फासवेक अध्यक्ष पीसी सांघी का कहना है कि शहर में लगने वाली मंडियों में सभी सब्जी और फलों का रेट तय किया जाता है और यह रेट प्रिंट भी किए जाते हैं।
इसी तरह से सेक्टर-26 मंडी में भी प्रवेश द्वार पर बोर्ड लगाए जाने चाहिए। मार्केट कमेटी सभी सब्जियों का रेट तय करके लोगों की सुविधा के लिए प्रिंट करके लगाए।
स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन, सेक्टर-26 के अध्यक्ष देसराज ने बताया कि शिमला से टमाटर की सप्लाई आती है। यह पहाड़ी टमाटर भी बस इस सप्ताह ओर आएगा, उसके बाद सीजन खत्म। लोकल टमाटर दिसंबर तक आएगा। पिछले तीन दिन से सप्लाई काफी कम हो गई है। इसलिए रेट बढ़ गए हैं।
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इसी तरह पहाड़ी आलू भी 30 रुपये किलो से बढ़कर 50 रुपये और फ्रासबीन 40 से बढ़कर 80 रुपये किलो तक पहुंच गया। इन सभी सब्जियों की सप्लाई हिमाचल प्रदेश से होती है।
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महंगाई का कारण
सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में मंगलवार को टमाटर की एक ही गाड़ी, जबकि खपत छह गाड़ी है। एक गाड़ी में सिर्फ तीन टन टमाटर होते हैं। इसलिए मंगलवार को टमाटर को टमाटर 80 रुपये किलो तक बिका।
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बुधवार को दो ट्रक टमाटर आने से दाम दस रुपये नीचे आए।
मार्केट कमेटी ने सस्ता स्टाल बंद किया
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लगाया गया प्याज का स्टाल मार्केट कमेटी ने बंद कर दिया है। इसे दिवाली के बाद से खोला ही नहीं गया। मंगलवार को मंडी में प्याज 50 रुपये किलो बिका।
लग सकता है टमाटर का स्टाल
मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश महाजन के अनुसार अगर प्याज की तरह टमाटर भी नो प्रोफिट- नो लॉस पर बेचने की मंजूरी देता है तो मार्केट कमेटी सस्ते टमाटर के स्टाल लगाने के लिए तैयार है।
मूली और साग ही विकल्प
मूली और साग की सप्लाई लोकल है और मार्केट में यही सबसे सस्ते हैं। 26 की मंडी में तो मूली 4 रुपये किलो तक बिक रही है, जबकि शहर की अन्य मंडियों में इसके दाम 20 रुपये तक हैं।
इसी तरह साग की गुच्छियां भी पांच रुपये से 15 रुपये तक में मिल रही हैं।
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प्रशासन लगवाए रेट के बोर्ड
फासवेक अध्यक्ष पीसी सांघी का कहना है कि शहर में लगने वाली मंडियों में सभी सब्जी और फलों का रेट तय किया जाता है और यह रेट प्रिंट भी किए जाते हैं।
इसी तरह से सेक्टर-26 मंडी में भी प्रवेश द्वार पर बोर्ड लगाए जाने चाहिए। मार्केट कमेटी सभी सब्जियों का रेट तय करके लोगों की सुविधा के लिए प्रिंट करके लगाए।
स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन, सेक्टर-26 के अध्यक्ष देसराज ने बताया कि शिमला से टमाटर की सप्लाई आती है। यह पहाड़ी टमाटर भी बस इस सप्ताह ओर आएगा, उसके बाद सीजन खत्म। लोकल टमाटर दिसंबर तक आएगा। पिछले तीन दिन से सप्लाई काफी कम हो गई है। इसलिए रेट बढ़ गए हैं।