आज होगा फिल्म फेस्टिवल का आगाज, थर्ड जैंडर पर भी दिखाई देगी डॉक्यूमेंटरी
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पर्यावरण, ह्यूमन राइट्स और डेवलेपमेंट जैसे ज्वलंत मुद्दों को फिल्मों के माध्यम से पेश किया जाएगा। सिनेमा की मौजूदा समाज में महत्व को लेकर शहर में बुधवार से तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत होने होगी।
देशभर से चुनी गई खास डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को सेक्टर-26 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) निटर में दिखाया जाएगा। पहली बार शहर में डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल सीईसी-यूजीसी द्वारा किया जा रहा है।
देशभर में हायर एजुकेशन का ई कंटेंट तैयार करने वाले संस्थान सीईसी-यूजीसी (शैक्षिक संचार संकाय) 28 से 30 दिसंबर तक प्रकृति-2016 नेशनल डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल आयोजित करेगा।
निटर के सहयोग से आयोजित फिल्म फेस्टिवल समाज और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को फिल्मों के माध्यम से पेश किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित सीईसी-यूजीसी डायरेक्टर प्रो. राजबीर सिंह की देखरेख में आयोजित डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल के लिए देशभर सेे डेवलेपमेंट, ह्यूमन राइट्स और पर्यावरण जैसे तीन थीम पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंची 64 में से 20 डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को फिल्म फेस्टिवल में दिखाने के लिए चुना है। सीईसी हर साल देश के विभिन्न राज्यों में डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करता है।
महिलाओं की ओर से निर्देशित फिल्में भी दिखाई जाएंगी
प्रो. राजबीर ने बताया कि चंडीगढ़ नार्थ रीजन के कई राज्यों से जुड़ा हुआ है। फिल्मों के थीम हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से काफी गहराई से जुड़े हैं। फिल्म फेस्टिवल में महत्वपूर्ण सहयोग करने वाले निटर डायरेक्टर डॉ.एमपी पुनिया ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल के अधिकतर थीम को कैंपस ने पहले से ही फोलो किया हुआ है।
शहर में पहले डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर-निर्माता भी शिरकत करेंगे। ट्राइसिटी और आसपास स्थित अधिकतर कॉलेज और यूनिवर्सिटी के डिजिटल डिपार्टमेंट के शिक्षकों को खास तौर से फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित किया गया है।
पहली बार फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन भी होगा। प्रो. राजबीर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में कोलकाता और कालीकट में डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ है।
फिल्म फेस्टिवल में थर्ड जैंडर पर भी डॉक्यूमेंटरी
बुधवार से शुरू होने जा रहे तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल में कुल 14 सत्र में फिल्में दिखाई जाएंगी। फेस्टिवल में महिलाओं की ओर से निर्देशित फिल्में भी दिखाई जाएंगी। शिमला से धारा सरस्वती द्वारा निर्देशित थर्ड जैंडर (मैं कौन हूं) फिल्म तैयार की गई है।
सुधीर कुमार सक्सेना ने रजनी से रोशनी ...थीम पर बनाई डॉक्यूमेंटरी में एक बेटियों के प्रति समाज की पुरातन सोच को दर्शाया है। श्रीनगर के अब्दुल राशिद भट्ट ने पेड़ों को जलाने को लेकर डॉक्यूमेंटरी बनाई है। मध्यप्रदेश के धीरज हंसराज ने पेड़ की पीड़ा जान रे ...थीम पर तैयार फिल्म को फिल्म फेस्टिवल के लिए चुना गया है।
आज होगा फेस्टिवल का उद्घाटन
सीईसी और निटर के सहयोग से आयोजित प्रकृति-2016 फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत बुधवार से होगी। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश सुबह 11 बजे निटर में फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। फिल्म फेस्टिवल में ट्राइसिटी की कई जानी मानी हस्तियां भी पहुंचेंगी।