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तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी असरदार, पंजाब शुरू करेगा खास अभियान
ब्यूरो्/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 02:24 PM IST
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तंबाकू, तंबाकू उत्पाद
- फोटो : डेमो फोटो
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तंबाकू उत्पादों पर सेहत संबंधित चेतावनी असरदार होती है। चेतावनी का बड़ा आकार लोगों को तंबाकू उत्पाद छोड़ने को प्रोत्साहित करता है। यह खुलासा सेहत विभाग की ओर से पंजाब में कराई स्टडी में हुआ है।
सेहत विभाग की प्रमुख सचिव विन्नी महाजन ने बताया कि पीजीआई केस्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डॉ.सोनू गोयल और पंजाब के स्टेट नोडल अफसर डॉ. राकेश गुप्ता की अगुवाई में टीमों ने दिसंबर-15 से मार्च-16 तक सर्वे किया। इसमें बड़े दिलचस्प नतीजे सामने आए हैं।
इन नतीजों में पिक्टोरियल सेहत चेतावनी के कारण तंबाकू का सेवन करने वालों में सार्थक परिवर्तन शामिल है। स्टडी में सामने आया कि 97.4 प्रतिशत लोगों ने पैकेटों पर दर्शाई पिक्टोरियल सेहत चेतावनी की तरफ ध्यान दिया। इनमें से 61.5 फीसदी लोगों ने चेतावनी देखने के बाद तंबाकू छोड़ने केबारे में सोचा। यह चेतावनी अधिकतर 25-44 साल के लोगों द्वारा नोटिस की गई।
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उन्होंने कहा कि यह स्टडी काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि देश में अब तक कोई ऐसी स्टडी नहीं हुई जो यह दर्शाए कि चेतावनी का कितना असर होता है। डॉ. गोयल ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के निर्देशों के मुताबिक तंबाकू उत्पादों पर बड़ी चेतावनी की जरूरत है। लोगों को तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करने का यह एक सस्ता तरीका है। डब्ल्यूएचओ गाइडलाइंस केमुताबिक चेतावनी रंगदार होनी चाहिए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी यह आदेश दिए हैं कि केंद्र सरकार यकीनी बनाए कि सभी तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी बड़े आकार में हो। डॉ. गुप्ता ने कहा कि पिक्टोरियल सेहत चेतावनी का आकार बड़ा करने को सेहत मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक एक अप्रैल-16 से सभी उत्पादों के पैकेट के 85 फीसदी हिस्से में चेतावनी होगी।
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सेहत विभाग की प्रमुख सचिव विन्नी महाजन ने बताया कि पीजीआई केस्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डॉ.सोनू गोयल और पंजाब के स्टेट नोडल अफसर डॉ. राकेश गुप्ता की अगुवाई में टीमों ने दिसंबर-15 से मार्च-16 तक सर्वे किया। इसमें बड़े दिलचस्प नतीजे सामने आए हैं।
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इन नतीजों में पिक्टोरियल सेहत चेतावनी के कारण तंबाकू का सेवन करने वालों में सार्थक परिवर्तन शामिल है। स्टडी में सामने आया कि 97.4 प्रतिशत लोगों ने पैकेटों पर दर्शाई पिक्टोरियल सेहत चेतावनी की तरफ ध्यान दिया। इनमें से 61.5 फीसदी लोगों ने चेतावनी देखने के बाद तंबाकू छोड़ने केबारे में सोचा। यह चेतावनी अधिकतर 25-44 साल के लोगों द्वारा नोटिस की गई।
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उन्होंने कहा कि यह स्टडी काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि देश में अब तक कोई ऐसी स्टडी नहीं हुई जो यह दर्शाए कि चेतावनी का कितना असर होता है। डॉ. गोयल ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के निर्देशों के मुताबिक तंबाकू उत्पादों पर बड़ी चेतावनी की जरूरत है। लोगों को तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करने का यह एक सस्ता तरीका है। डब्ल्यूएचओ गाइडलाइंस केमुताबिक चेतावनी रंगदार होनी चाहिए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी यह आदेश दिए हैं कि केंद्र सरकार यकीनी बनाए कि सभी तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी बड़े आकार में हो। डॉ. गुप्ता ने कहा कि पिक्टोरियल सेहत चेतावनी का आकार बड़ा करने को सेहत मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक एक अप्रैल-16 से सभी उत्पादों के पैकेट के 85 फीसदी हिस्से में चेतावनी होगी।