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Chandigarh News: साइकिल चालकों के लिए भी लगेंगे टाइमर, सिग्नल लाइटों पर यू-टर्न का मिलेगा संकेत
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चंडीगढ़। शहर में साइकिल चलाने वालों लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में जब किसी लालबत्ती पर वह रुकते हैं तो उन्हें नहीं पता होता कि उन्हें कितनी देर तक रुकना है। यह मुद्दा मंगलवार को डीसी निशांत कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) की 15वीं बैठक में उठा। तय हुआ है कि अब साइकिलिस्ट और पैदल यात्रियों के लिए भी टाइमर लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें पता रहे कि उन्हें कितनी देर तक रुकना है।
यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि शहर में साइकिल चलाने वाले लोगों की संख्या में और इजाफा हो सके क्योंकि इससे समय भी बचेगा और साइकिल यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि शहर की विभिन्न लाल बत्तियों पर यू-टर्न लेने के भी संकेत होंगे। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि वह कहां से यू-टर्न ले सकते हैं। बैठक में स्मार्ट सिटी की तरफ से लगाए गए स्मार्ट कैमरों का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि कई स्मार्ट कैमरे खराब पड़े हैं। इस वजह से चालान आदि नहीं हो पा रहे हैं। इन्हें भी जल्द ठीक करने का फैसला लिया गया है। बैठक में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैदल यात्री क्रॉसवॉक एनीमेशन डिस्प्ले लगाने पर भी चर्चा हुई। ऐसे डिस्प्ले वर्तमान में सेक्टर 16 के रोज गार्डन के सामने लगाए गए हैं लेकिन कुछ सदस्यों ने कहा कि यह डिस्प्ले बहुत ज्यादा ब्राइट हैं। जो लोग बाहर से चंडीगढ़ आते हैं, वो इसे ट्रैफिक लाइट समझ लेते हैं और अचानक ब्रेक मार देते हैं। इसकी वजह से हादसा होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। साथ ही यह महंगे भी हैं, इसलिए पेलिकन क्रॉसिंग ट्रैफिक सिग्नल पर विचार किया जा सकता है।
सेक्टर-4445 की सड़क बनने में अभी भी लगेंगे तीन-चार महीने
बैठक में सेक्टर-4445 की बंद सड़क का मुद्दा भी उठा। यह सड़क पिछले करीब डेढ़ साल से बंद है। इसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानियां हो रही हैं। ट्रैफिक जाम भी लगता है, लेकिन न जाने क्यों नगर निगम इस सड़क को बना ही नहीं पा रहा है। बैठक में निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी भी काम चल रहा है। अब सर्दियों में सड़क का काम नहीं किया जा सकता। सड़क सर्दी के बाद ही बन पाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि लोगों की समस्याएं अभी खत्म नहीं होने वाली। इसे बनने में अभी भी तीन-चार महीने लगेंगे।
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ऑटो रिक्शा के लिए पिक एंड ड्रॉप पॉइंट का होगा प्रावधान
समिति ने पिछली बैठक के एजेंडा बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की, जिसमें कई प्रमुख अपडेट शामिल थे। इन अपडेट में मध्य मार्ग से लगे स्लो कैरिजवे पर ऑटो रिक्शा के लिए पिक एंड ड्रॉप पॉइंट का प्रावधान, पूर्व मार्ग पर दोनों तरफ मैंगो गार्डन के साथ ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से ट्रिब्यून चौक तक तक साइकिल ट्रैक को मुख्य सड़क से अलग करने, सभी ट्रैफिक जंक्शनों पर स्वचालित ट्रैफिक कंट्रोल सिग्नल लाइट्स (एटीसी) का बैकअप, मध्य मार्ग पर खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास चौराहे पर एटीसी सिग्नल की स्थापना के बारे में बताया गया। ओवरटेकिंग से बचने के लिए आवश्यक सड़क संकेतों के साथ विज्ञान पथ पर सड़क के बीच में पीले रंग का चिन्ह लगाने का भी फैसला हुआ है।
खराब ट्रैफिक लाइट, सर्विस लेन की अब ईमेल कर करें शिकायत
डीसी निशांत यादव के निर्देश पर एक आधिकारिक ईमेल आईडी drsc.chd@ gmail.com को जारी किया गया है। यहां शहर के लोग सड़क सुरक्षा के मुद्दों से संबंधित सुझाव व शिकायत दर्ज कर सकेंगे। लोग टूटी सड़कें, खराब ट्रैफिक लाइट, सर्विस लेन आदि सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित किसी भी मुद्दे के बारे में ईमेल भेज सकते हैं। ऐसे सभी मुद्दों को जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) की मासिक बैठक में उठाया जाएगा और हल किया जाएगा। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय अवधि में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों को पूरा करने का भी निर्देश दिया।
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यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि शहर में साइकिल चलाने वाले लोगों की संख्या में और इजाफा हो सके क्योंकि इससे समय भी बचेगा और साइकिल यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि शहर की विभिन्न लाल बत्तियों पर यू-टर्न लेने के भी संकेत होंगे। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि वह कहां से यू-टर्न ले सकते हैं। बैठक में स्मार्ट सिटी की तरफ से लगाए गए स्मार्ट कैमरों का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि कई स्मार्ट कैमरे खराब पड़े हैं। इस वजह से चालान आदि नहीं हो पा रहे हैं। इन्हें भी जल्द ठीक करने का फैसला लिया गया है। बैठक में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैदल यात्री क्रॉसवॉक एनीमेशन डिस्प्ले लगाने पर भी चर्चा हुई। ऐसे डिस्प्ले वर्तमान में सेक्टर 16 के रोज गार्डन के सामने लगाए गए हैं लेकिन कुछ सदस्यों ने कहा कि यह डिस्प्ले बहुत ज्यादा ब्राइट हैं। जो लोग बाहर से चंडीगढ़ आते हैं, वो इसे ट्रैफिक लाइट समझ लेते हैं और अचानक ब्रेक मार देते हैं। इसकी वजह से हादसा होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। साथ ही यह महंगे भी हैं, इसलिए पेलिकन क्रॉसिंग ट्रैफिक सिग्नल पर विचार किया जा सकता है।
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सेक्टर-4445 की सड़क बनने में अभी भी लगेंगे तीन-चार महीने
बैठक में सेक्टर-4445 की बंद सड़क का मुद्दा भी उठा। यह सड़क पिछले करीब डेढ़ साल से बंद है। इसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानियां हो रही हैं। ट्रैफिक जाम भी लगता है, लेकिन न जाने क्यों नगर निगम इस सड़क को बना ही नहीं पा रहा है। बैठक में निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी भी काम चल रहा है। अब सर्दियों में सड़क का काम नहीं किया जा सकता। सड़क सर्दी के बाद ही बन पाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि लोगों की समस्याएं अभी खत्म नहीं होने वाली। इसे बनने में अभी भी तीन-चार महीने लगेंगे।
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ऑटो रिक्शा के लिए पिक एंड ड्रॉप पॉइंट का होगा प्रावधान
समिति ने पिछली बैठक के एजेंडा बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की, जिसमें कई प्रमुख अपडेट शामिल थे। इन अपडेट में मध्य मार्ग से लगे स्लो कैरिजवे पर ऑटो रिक्शा के लिए पिक एंड ड्रॉप पॉइंट का प्रावधान, पूर्व मार्ग पर दोनों तरफ मैंगो गार्डन के साथ ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से ट्रिब्यून चौक तक तक साइकिल ट्रैक को मुख्य सड़क से अलग करने, सभी ट्रैफिक जंक्शनों पर स्वचालित ट्रैफिक कंट्रोल सिग्नल लाइट्स (एटीसी) का बैकअप, मध्य मार्ग पर खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास चौराहे पर एटीसी सिग्नल की स्थापना के बारे में बताया गया। ओवरटेकिंग से बचने के लिए आवश्यक सड़क संकेतों के साथ विज्ञान पथ पर सड़क के बीच में पीले रंग का चिन्ह लगाने का भी फैसला हुआ है।
खराब ट्रैफिक लाइट, सर्विस लेन की अब ईमेल कर करें शिकायत
डीसी निशांत यादव के निर्देश पर एक आधिकारिक ईमेल आईडी drsc.chd