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चंडीगढ़ में भीषण हादसा: नोटों से भरे तीन ट्रक टकराए, बीच में फंसी महिला सिपाही, हड्डियां चकनाचूर

Tue, 07 Sep 2021 02:20 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 07 Sep 2021 02:20 AM IST
सार

हादसे में घायल 25 वर्षीय महिला आरक्षक पपीता मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली है। हाल ही में हुई 520 आरक्षकों की भर्ती में उसका चयन हुआ था। वर्तमान में वह किशनगढ़ में रहती है। उसकी तैनाती पुलिस लाइन में है।

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woman constable injured as Three Trucks of Reserve Bank of India collided with each other in Chandigarh 
हादसे के बाद ट्रक में फंसी महिला सिपाही को निकालते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोटों से भरे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पांच ट्रकों के काफिले में आगे-पीछे चल रहे दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर के ट्रक सेक्टर-26 चौक के पास आपस में ही टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीसरा और चौथा ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चौथा ट्रक आगे चल रहे तीसरे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसा, जिसमें सवार महिला सिपाही अंदर फंस गई। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। बाद में क्रेन और कटर की मदद से पुलिस ने महिला सिपाही को करीब एक घंटे बाद बाहर निकाला। उसकी हालत गंभीर है। देर रात तक पीजीआई में उसकी सर्जरी जारी थी। वहीं, तीसरे ट्रक में सवार एक पुरुष सिपाही भी घायल हुआ है। उसे सेक्टर-16 के अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने लापरवाही बरतने और तय दूरी न रखने के आरोप में ट्रक चालक तेजिंदर सिंह और गुरबेज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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सोमवार को आरबीआई के पांच ट्रक रेलवे स्टेशन से सेक्टर-17 स्थित आरबीआई दफ्तर जा रहे थे। ट्रकों में रुपये होने के चलते आगे पीछे पुलिस की गाड़ियां थीं। करीब दो बजे ट्रांसपोर्ट चौक से आगे निकलते ही सेक्टर-26 चौक से पहले यातायात की वजह से आगे चल रही पुलिस की गाड़ी ने ब्रेक लगा दिया। ऐसे में पीछे चल रहे पहले और दूसरे ट्रक भी अचानक रुक गए। तीसरे ट्रक के चालक ने भी ब्रेक लगाया लेकिन दूसरे नंबर के ट्रक से टकरा गया। वहीं, तीसरे और चौथे ट्रक भी आपस में भिड़ गए। हालांकि चौथे ट्रक के चालक ने बचने के लिए दाहिनी साइड में कट मारा लेकिन दुर्घटनाग्रस्त होने से नहीं बच सका।
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जोरदार टक्कर से तीसरे ट्रक में बैठा सिपाही राम सिंह घायल हो गया, जबकि चौथे ट्रक में बैठी महिला सिपाही पपीता अंदर ही फंस गई। लोगों ने तत्काल 112 पर कॉल किया और फंसे सिपाहियों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। महिला सिपाही की कमर से नीचे का हिस्सा गाड़ी के इंजन में बुरी तरह से फंसा था और वह चीखते-चीखते बेहोश हो गई। सफलता नहीं मिली तो पुलिस ने क्रेन और दमकल की गाड़ियां बुलाईं। क्रेन से पहले दोनों ट्रक को अलग किया गया और फिर कटर से ट्रक का हिस्सा काटकर सिपाही पपीता को बाहर निकाला। उसे सेक्टर-16 के अस्पताल ले गए, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहीं, राम सिंह के पैर में फ्रैक्चर है। बाद में क्षतिग्रस्त ट्रकों से रुपयों से भरे बॉक्स दूसरी गाड़ियों में रखकर भिजवाए गए।

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महिला सिपाही की दोनों टांगों की हड्डियां चकनाचूर 

हादसे के बाद महिला सिपाही पपीता को पहले सेक्टर-16 और वहां से पीजीआई की इमरजेंसी में दाखिल कराया गया। जब कटर से उसे निकाला गया तो उसके दोनों टांगों की हड्डियां चकनाचूर हो चुकी थीं। देर रात तक डाक्टरों की ओर से उसकी सर्जरी जारी थी। डाक्टरों ने बताया कि सर्जरी के बाद बताया जा सकेगा कि वह दोबारा से अपने पैरों पर खड़ी हो पाएगी या नहीं।

दो घंटे तक बाधित रहा यातायात
अचानक हादसे से मध्य मार्ग का यातायात रुक गया। गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तत्काल यातायात के मार्ग में बदलाव किया। गाड़ियों को ट्रांसपोर्ट चौक से ही ट्रिब्यून चौक और बापूधाम की तरफ मोड़ दिया गया। इससे करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।

नहीं आ सका परिवार का कोई सदस्य
हादसे में घायल 25 वर्षीय महिला आरक्षक पपीता मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली है। हाल ही में हुई 520 आरक्षकों की भर्ती में उसका चयन हुआ था। वर्तमान में वह किशनगढ़ में रहती है। उसकी तैनाती पुलिस लाइन में है। सोमवार को आरबीआई के ट्रकों के साथ उसकी ड्यूटी थी। पुलिसकर्मियों ने पपीता की बात घर वालों से करवाने की कोशिश की, लेकिन सभी ने चंडीगढ़ में आने में असमर्थता जता दी। 

पपीता के पिता का हाल ही में निधन हुआ है। घर में मां के अलावा एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। जब उसकी बात करवाई तो उसने कहा कि उसका हाल ही में बच्चा हुआ है। ऐसे में वह नहीं आ सकती। साथ ही उसने इस घटना की जानकारी मां से बताने को भी मना कर दिया। छोटा भाई भी है, लेकिन वह भी काफी छोटा है।

पुलिस पर देरी से आने का आरोप, अग्निशमन विभाग से भी नहीं पहुंचे अफसर

मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शी मौलीजागरां निवासी रॉबर्टस विलियम ने बताया कि सूचना देने के लगभग 40 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अपनी कर्मचारी के मुसीबत में होने के बावजूद क्रेन को भी देरी से बुलाने का आरोप लगाया है। 

वहीं, अग्निशमन विभाग में वर्तमान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी का प्रभार किसी के पास नहीं है। सूचना के बाद मौके पर सब फायर अफसर ही पहुंचे, स्टेशन फायर ऑफिसर ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि इस दौरान मौके पर पहुंचीं महिला सिपाही लगातार फाइल से ही पपीता को हवा करती रही। साथ ही अन्य लोग भी उसे हौसला देते रहे।

मामले में प्राथमिक तौर पर चालकों की लापरवाही सामने आई है। दो ट्रकों के चालकों ने उचित दूरी नहीं रखी थी, इस कारण हादसा हुआ। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच चल रही है। -केतन बंसल, एसपी सिटी

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