फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Three Teachers of Amritsar will get state award on Teachers Day 2022

Teachers' Day 2022: बेमिसाल हैं ये अध्यापक, कोई जगा रहा हिंदी की अलख तो कोई पैदा कर रहा विज्ञान की जिज्ञासा

Mon, 05 Sep 2022 11:27 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 05 Sep 2022 11:27 AM IST
सार

अध्यापक राजन को भी पंजाब सरकार ने स्टेट अवार्ड के लिए चुना है। राजन हिंदी भाषा के अध्यापक है। उन्होंने पंजाब के सीमांत गांवों के छात्रों के अंदर हिंदी के प्रति प्रेम व जज्बा पैदा करने का उल्लेखनीय काम किया है। राजन ने वर्ष 2006 में पंजाब के शिक्षा विभाग में अध्यापन शुरू किया था। 

विज्ञापन
Three Teachers of Amritsar will get state award on Teachers Day 2022
अध्यापक संजय, राजन और महक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अमृतसर के तीन अध्यापकों को पंजाब सरकार ने स्टेट अवार्ड के लिए चुना है। इनमें से एक अध्यापक संजय कुमार सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा पर जीरो लाइन के समीप स्थित स्कूल में 14 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाई।

विज्ञापन


अमृतसर के झीते कलां के अध्यापक संजय कुमार, सरकारी मिडिल स्कूल लोहारका के अध्यापक राजन और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अध्यापिका खुशबू कपूर का चयन स्टेड अवार्ड के खातिर हुआ है। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल झीते कलां में काम करने वाले आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापक संजय कुमार ने करीब 14 वर्षों तक सीमावर्ती क्षेत्र के स्कूलों में काम कर शिक्षा की अलख जगाई है। 
विज्ञापन


संजय कुमार ने 1997 में सरकारी मिडिल स्कूल खेमकरण के पास गांव कालियां में ज्वाइन किया था। वह सीमा पर जीरो लाइन के समीप स्थित स्कूल में 14 वर्षों तक बच्चों को शिक्षा प्रदान करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह भगत सिंह को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनके जीवन व संघर्ष की कहानी उनको काम करने के लिए बल प्रदान करती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आज भी जब मुश्किलें आती हैं तो वह भगत सिंह की शहादत और उनके विचारों को याद कर मुश्किलों का मुकाबला करते हुए अपने क्षेत्र में विजय हासिल करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके छात्र कला के क्षेत्र में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में नाम कमा चुके हैं। उन्होंने कला के माध्यम से छात्रों और समाज को पर्यावरण रक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागृत किया है।

अध्यापक राजन ने पंजाब के सीमांत इलाकों में हिंदी के प्रति बच्चों में पैदा किया रुझान
अध्यापक राजन को भी पंजाब सरकार ने स्टेट अवार्ड के लिए चुना है। राजन हिंदी भाषा के अध्यापक है। उन्होंने पंजाब के सीमांत गांवों के छात्रों के अंदर हिंदी के प्रति प्रेम व जज्बा पैदा करने का उल्लेखनीय काम किया है। राजन ने वर्ष 2006 में पंजाब के शिक्षा विभाग में अध्यापन शुरू किया था। 

राजन कहते हैं कि आमतौर पर गांवों के बच्चे पंजाब में हिंदी की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। यहां तक कि हिंदी को पढ़ना भी पसंद नहीं करते है। यही कारण है कि हिंदी भाषा में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने छात्रों को हिंदी भाषा को आसान ढंग से पढ़ाना शुरू किया। धीरे-धीरे छात्रों का झुकाव हिंदी में बढ़ाने लगा। 

अब अधिक संख्या में छात्र हिंदी का चुनाव कर यहां अधिक अंक हासिल कर रहे है। वहीं अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिंदी में भाषण कला, कविता उच्चारण कला, हिंदी लेख लेखन आदि में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़िया स्थान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रोचक तरीके अपनाकर हिंदी को पढ़ाया और छात्रों का रुझान हिंदी भाषा में बढ़ता गया। राजन ने अजमेर, हैदराबाद व एनसीईआरटी से हिंदी भाषा को रोचक ढंग से पढ़ाने की ट्रेनिंग हासिल की और बच्चों को उसके अनुसार पढ़ाया। परिणाम यह सामने आया कि स्कूल में अधिक से अधिक बच्चे हिंदी भाषा को अपना रहे हैं।

महक कपूर के छात्रों ने राष्ट्रीय फलक पर चमकाया नाम
गांव चब्बा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की विज्ञान विषय की अध्यापिका महक कपूर को भी स्टेट अवार्ड मिलेगा। करीब 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं, नेशनल मेरिट और स्कॉलरशिप में महक कपूर ने करीब 100 छात्रों को तैयारी करवाकर सफलता दिलवाई है। महक कपूर ने 2011 में चब्बा स्कूल में ज्वाइनिंग की थी। उनके छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं और विज्ञान मेलों में अलग-अलग तरह के आधुनिक प्रोजेक्ट डिस्पले कर राष्ट्रीय अवार्ड जीत चुके हैं। 

विज्ञान विषय को आसान तरीके से छात्रों को पढ़ाना और रुचि पैदा करने में महक कपूर को विशेष महारत हासिल है। उनके छात्र हर वर्ष करीब 40 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप हासिल करते रहे हैं। महक कपूर ने बताया कि उनकी देखरेख में स्कूल में एक विज्ञान प्रयोगशाला तैयारी की है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उनके एक छात्र को आईआईटी में दाखिला भी मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed