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चंडीगढ़ से पद्म पुरस्कारों के लिए तीन नाम मंजूर, जानिए कौन-कौन?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 Sep 2016 04:28 PM IST
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चंडीगढ़ से पद्म पुरस्कारों के लिए तीन नामों को मिली मंजूरी
- फोटो : फाइल फोटो
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पद्म पुरस्कारों के लिए इस साल चंडीगढ़ से तीन नामों को मंजूरी दी गई है और इन्हें केंद्र सरकार के पास नॉमिनेशन के लिए भेज दिया गया है।
इनमें पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के हेड डा. डी. बेहरा, अभिनव बिंद्रा के मेंटर डा. अमित भट्टाचार्जी और क्लासिकल सिंगर सुभाष घोष का नाम शामिल है। इससे पहले प्रशासन ने बुधवार को इन नामों को प्रशासक की मंजूरी के लिए भेजा था।
डा. डी. बेहरा पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के हेड और सीनियर प्रोफेसर हैं। पिछले 38 साल से डा. बेहरा पीजीआई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डा. बेहरा को अभी तक 26 राष्ट्रीय और 7 अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिल चुके हैं।
475 पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी पल्मोनरी मेडिसिन पर लिखी टेक्स्ट बुक हजारों स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। 1980 से वह पीजीआई में लंग कैंसर क्लीनिक चला रहे हैं। नेशनल टीबी सेंट्रल प्रोग्राम के चेयरमैन भी हैं। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यों का भी अच्छा अनुभव रखते हैं।
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डॉ. अमित भट्टाचार्जी ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा के मेंटर हैं। वह पिछले 20 सालों से शूटर अभिनव बिंद्रा को कोचिंग दे रहे हैं। खासतौर पर मानसिक रूप से फिट रखने में बड़ा योगदान रहा है। डॉ. भट्टाचार्जी को इस 15 अगस्त पर प्रशस्ति पत्र से भी नवाजा गया। डॉ. अमित अल्टर्नेट मेडिसिन में पीएचडी हैं।
चंडीगढ़ के विभिन्न पार्कों में आयोजित नाद वाटिका कार्यक्रमों में सुर जमाने वाले क्लासिकल गायक सुभाष घोष का नाम भी शॉर्टलिस्ट हुआ है। सुभाष घोष उस्ताद अमजद अली खान के शार्गिद हैं। वह खुद के तैयार किए गए वाद्य यंत्र स्वर रागिनी को बजाकर क्लासिकल म्यूजिक और फ्यूजन गाते हैं।
इसके अलावा आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को संगीत की निशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। घोष मिनिस्ट्री ऑफ कल्चरल अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के पैनल आर्टिस्ट भी हैं।
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इनमें पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के हेड डा. डी. बेहरा, अभिनव बिंद्रा के मेंटर डा. अमित भट्टाचार्जी और क्लासिकल सिंगर सुभाष घोष का नाम शामिल है। इससे पहले प्रशासन ने बुधवार को इन नामों को प्रशासक की मंजूरी के लिए भेजा था।
डा. डी. बेहरा पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के हेड और सीनियर प्रोफेसर हैं। पिछले 38 साल से डा. बेहरा पीजीआई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डा. बेहरा को अभी तक 26 राष्ट्रीय और 7 अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिल चुके हैं।
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475 पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी पल्मोनरी मेडिसिन पर लिखी टेक्स्ट बुक हजारों स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। 1980 से वह पीजीआई में लंग कैंसर क्लीनिक चला रहे हैं। नेशनल टीबी सेंट्रल प्रोग्राम के चेयरमैन भी हैं। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यों का भी अच्छा अनुभव रखते हैं।
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डॉ. अमित भट्टाचार्जी ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा के मेंटर हैं। वह पिछले 20 सालों से शूटर अभिनव बिंद्रा को कोचिंग दे रहे हैं। खासतौर पर मानसिक रूप से फिट रखने में बड़ा योगदान रहा है। डॉ. भट्टाचार्जी को इस 15 अगस्त पर प्रशस्ति पत्र से भी नवाजा गया। डॉ. अमित अल्टर्नेट मेडिसिन में पीएचडी हैं।
चंडीगढ़ के विभिन्न पार्कों में आयोजित नाद वाटिका कार्यक्रमों में सुर जमाने वाले क्लासिकल गायक सुभाष घोष का नाम भी शॉर्टलिस्ट हुआ है। सुभाष घोष उस्ताद अमजद अली खान के शार्गिद हैं। वह खुद के तैयार किए गए वाद्य यंत्र स्वर रागिनी को बजाकर क्लासिकल म्यूजिक और फ्यूजन गाते हैं।
इसके अलावा आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को संगीत की निशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। घोष मिनिस्ट्री ऑफ कल्चरल अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के पैनल आर्टिस्ट भी हैं।