Ludhiana Factory Fire: होजरी फैक्टरी में लगी भीषण आग, एक जिंदा जला, दो की दम घुटने से मौत
पांच लोगों के फंसे होने और धुआं की वजह से बेहोश होने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। थाना डिविजन आठ की पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने सीढ़ी से सभी को बाहर निकाला। पहले चार लोगों को उतारकर तुरंत डीएमसी अस्पताल पहुंचाया लेकिन माधव राम अंदर ही जल चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी।
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पंजाब के लुधियाना में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यहां पुरानी कचहरी के पास स्थित एडीसीपी वन दफ्तर के सामने मंगलवार की दोपहर गणेश होजरी फैक्टरी में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। आग की लपटे दूर दूर तक दिखाई दे रही थी। आग उस समय लगी जब फैक्टरी में लंच टाइम था। भीषण आग में अंदर आराम कर रहे पांच लोग फंस गए। जब तक उन्हें निकाला गया तो वह बेहोशी की हालत में थे।
एक की तो अंदर जिंदा जलकर ही मौत हो गई, जबकि चार लोगों को डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां दो की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने के कुछ समय बाद ही सभी फायर स्टेशनों से गाड़ियां पहुंच गईं। 25 के करीब गाड़ियां ने करीब तीन घंटे बाद कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया।
सूचना मिलने के बाद थाना डिविजन आठ की पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी विजय कुमार ने पूरी टीम के साथ मिलकर झुससे लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
पुरानी कचहरी के पास एडीसीपी वन का दफ्तर है। उसके बिल्कुल सामने गणेश होजरी फैक्टरी है। जहां होजरी का सामान तैयार किया जाता है। फैक्टरी में काम करने वाले राज कुमार ने बताया कि करीब एक बजे फैक्टरी में लंच टाइम था। वह अपने घर लंच करने गया था। फैक्टरी का मेन काम संभालने वाले राजिंदर चोपड़ा, गुलशन, अश्वनी, महिंदर और माधव राम अंदर ही खाना खाने बैठे थे।
खाना खाने के बाद वह सभी फैक्टरी की ऊपरी मंजिल पर ही आराम करने लगे। इसी दौरान अचानक से आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी ज्यादा फैल गई कि लपटे दूर-दूर तक दिखाई देने लगी। आग लगते ही लोग बाहर की तरफ भागे। मालिक कुणाल अपने पिता के साथ बाहर निकले।
उन्होंने आसपास के लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। इसी दौरान किसी ने दमकल विभाग को सूचना दी। आराम कर रहे पांचों लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन वह भी कामयाब नहीं हो सके। पहले यह कहा जा रहा था कि सिर्फ एक व्यक्ति फंसा है लेकिन बाद में पता चला कि पांच लोग फंसे हैं।
सीढ़ी से पांचों लोगों को बाहर निकाला
पांच लोगों के फंसे होने और धुआं की वजह से बेहोश होने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। थाना डिविजन आठ की पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने सीढ़ी से सभी को बाहर निकाला। पहले चार लोगों को उतारकर तुरंत डीएमसी अस्पताल पहुंचाया लेकिन माधव राम अंदर ही जल चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी। करीब तीन घंटे में आग पर काबू पाने के बाद माधव राम का शव बाहर निकाला गया।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि डीएमसी अस्पताल में किन दो लोगों की मौत हुई है। डॉक्टर सिर्फ यहीं बता रहे हैं कि दो लोगों की मौत हो चुकी है और दो की हालत गंभीर है।
फैक्टरी में नहीं सीज फायर सिस्टम
महानगर में जब भी किसी बड़ी फैक्टरी में आग लगती है तो हर बार फायर ब्रिगेड टीम अपील करती है कि हर फैक्टरी मालिक को अपनी फैक्टरी में सीज फायर सिलेंडर रखने चाहिए लेकिन कोई भी विभाग का कहा नहीं मानता। गणेश होजरी फैक्टरी तीन मंजिल की बनी है लेकिन इतनी बड़ी फैक्टरी में कोई सीज फायर सिलेंडर नहीं है।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
थाना डिविजन आठ के एसएचओ विजय कुमार ने कहा कि अभी वह मौके पर ही है। किन दो लोगों की डीएमसी अस्पताल में मौत हुई है, उनका पता लगाया जा रहा है। बाकी दो की हालत गंभीर है। फैक्टरी में काम करने वाले माधव राम के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। बाकी मामले की जांच की जा रही है।