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हरियाणा के बाद पंजाब के चार रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की जैश ने दी धमकी
Fri, 20 Sep 2019 11:23 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Sep 2019 11:23 AM IST
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मुंबई, चेन्नई औरबेंगलुरु समेत हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों और मंदिरों के बाद पंजाब के भी चार रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी मिली है। जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने अंबाला और फिरोजपुर डिवीजन के चार स्टेशनों पर विस्फोट करने की धमकी दी है, जिसके चलते फिरोजपुर और अंबाला डिवीजन के स्टेशनों पर चेकिंग अभियान शुरू किया गया है।
फिरोजपुर रेलवे स्टेशन पर वीरवार शाम को जीआरपी और आरपीएफ ने चेकिंग अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि आतंकी संगठन ने आठ अक्तूबर को बठिंडा, अमृतसर, पटियाला और फगवाड़ा स्टेशन को विस्फोट कर उड़ाने की धमकी दी है। जीआरपी थाना फिरोजपुर के प्रभारी सुखदेव सिंह ने कहा कि डिवीजन के स्टेशनों की चेकिंग चल रही है, वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से उन्हें चेकिंग करने के आदेश आए हैं।
स्टेशनों और ट्रेनों की चेकिंग की जा रही है। वीरवार को फिरोजपुर शहर और छावनी रेलवे स्टेशन की चेकिंग की गई। ये अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी आतंकी की तरफ से धमकी भरा पत्र आया है या नहीं इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के सतर्क रहने के आदेश हैं।
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फिरोजपुर रेलवे स्टेशन पर वीरवार शाम को जीआरपी और आरपीएफ ने चेकिंग अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि आतंकी संगठन ने आठ अक्तूबर को बठिंडा, अमृतसर, पटियाला और फगवाड़ा स्टेशन को विस्फोट कर उड़ाने की धमकी दी है। जीआरपी थाना फिरोजपुर के प्रभारी सुखदेव सिंह ने कहा कि डिवीजन के स्टेशनों की चेकिंग चल रही है, वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से उन्हें चेकिंग करने के आदेश आए हैं।
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स्टेशनों और ट्रेनों की चेकिंग की जा रही है। वीरवार को फिरोजपुर शहर और छावनी रेलवे स्टेशन की चेकिंग की गई। ये अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी आतंकी की तरफ से धमकी भरा पत्र आया है या नहीं इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के सतर्क रहने के आदेश हैं।
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जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसुल अहमद के नाम से रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर को धमकी भरा पत्र मिला है। रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा को शनिवार की दोपहर डाकिया के माध्यम से दो पत्र मिले। जैसे ही स्टेशन मास्टर ने पहला पत्र खोलकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुल अहमद जम्मू-कश्मीर, करांची पाकिस्तान लिखा था।
पत्र में लिखा है कि आठ अक्तूबर को जैश-ए-मोहम्मद अपने जेहादियों की हुई मौत का बदला जरूर लेगा और रेलवे स्टेशनों व मंदिरों में धमाके करेगा। पत्र में लिखा है कि रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग के स्टेशनों पर बम धमाके होंगे। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, हरियाणा व यूपी के स्टेशन पर मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ाया जाएगा।
स्टेशन मास्टर ने तुरंत मामले की जानकारी दिल्ली मुख्यालय के अधिकारियों को दी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग), आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) और हरियाणा की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई। जीआरपी और आरपीएफ के उच्चाधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। जिन-जिन रेलवे स्टेशनों के नाम पत्र में लिखे गए हैं, वहां-वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है।
मामले की गंभीरता को देख उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद रोहतक स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा ने आरपीएफ से संपर्क साधा और फिर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जीआरपी ने यह मामला आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1) बी में दर्ज करके अंबाला मुख्यालय को सूचित किया। इसकी जानकारी होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ मुख्यालयों से रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
पत्र में लिखा है कि आठ अक्तूबर को जैश-ए-मोहम्मद अपने जेहादियों की हुई मौत का बदला जरूर लेगा और रेलवे स्टेशनों व मंदिरों में धमाके करेगा। पत्र में लिखा है कि रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग के स्टेशनों पर बम धमाके होंगे। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, हरियाणा व यूपी के स्टेशन पर मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ाया जाएगा।
स्टेशन मास्टर ने तुरंत मामले की जानकारी दिल्ली मुख्यालय के अधिकारियों को दी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग), आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) और हरियाणा की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई। जीआरपी और आरपीएफ के उच्चाधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। जिन-जिन रेलवे स्टेशनों के नाम पत्र में लिखे गए हैं, वहां-वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है।
मामले की गंभीरता को देख उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद रोहतक स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा ने आरपीएफ से संपर्क साधा और फिर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जीआरपी ने यह मामला आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1) बी में दर्ज करके अंबाला मुख्यालय को सूचित किया। इसकी जानकारी होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ मुख्यालयों से रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
धमकी भरे पत्र का मजमून
हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। इस बार भारत सरकार के होश उड़ा देंगे। आठ अक्तूबर को स्टेशनों व मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ा देंगे। हम जेहादी हजारों की संख्या में हिंदुस्तान को तबाह कर देंगे। चारों ओर खून ही खून नजर आएगा। खुदा हाफिज, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुद अहमद।
पत्र किसी की शरारत, आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं लिखते
जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह, पत्र में कहीं भी उर्दू के कोई अल्फाज नहीं। दूसरा कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।
लिफाफे की मोहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क
जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मोहरें काफी हल्की है। मोहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र जुट गए हैं। उन्होंने डाकघर के अफसरों से संपर्क साधाकर कहां से पत्र पर मोहर लगी है, इसका पता लगाने के लिए कहा है। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।
पत्र किसी की शरारत, आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं लिखते
जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह, पत्र में कहीं भी उर्दू के कोई अल्फाज नहीं। दूसरा कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।
लिफाफे की मोहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क
जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मोहरें काफी हल्की है। मोहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र जुट गए हैं। उन्होंने डाकघर के अफसरों से संपर्क साधाकर कहां से पत्र पर मोहर लगी है, इसका पता लगाने के लिए कहा है। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।
आरपीएफ की एसआईवी टीम ने ली जानकारी
स्टेशनों को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के बाद आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग) सक्रिय हो गई है। इसके चलते रविवार को रोहतक आए एक अफसर ने आरपीएफ और जीआरपी से मामले की जानकारी हासिल की। उन्होंने ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशन पर संदिग्धों पर नजर रखने और सक्रियता बढ़ाने के आदेश दिए। स्टेशन पर आने वाले वाहनों की विशेष चेकिंग करने के लिए भी निर्देश दिए।
जीआरपी से प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने लिया इनपुट
प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने रविवार को मामले की जानकारी होने के बाद संपर्क करके पत्र के बारे में जानकारी ली। खुफिया एजेंसियों ने अब तक की गई जांच में मिले इनपुट के बारे में भी पता किया है।
जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई वैसे ही जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य डाकघर से संपर्क करके डाकिया के बारे में जानकारी की गई।
डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।
जीआरपी से प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने लिया इनपुट
प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने रविवार को मामले की जानकारी होने के बाद संपर्क करके पत्र के बारे में जानकारी ली। खुफिया एजेंसियों ने अब तक की गई जांच में मिले इनपुट के बारे में भी पता किया है।
जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई वैसे ही जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य डाकघर से संपर्क करके डाकिया के बारे में जानकारी की गई।
डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।