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Hindi News ›   Chandigarh ›   Third death in Tarn Taran firecrackers blast incident

तरनतारन धमाकाः मरने वालों की संख्या हुई तीन, शादी के आठ साल बाद पैदा हुआ था गुरप्रीत 

Sun, 09 Feb 2020 09:36 PM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर ( पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 09 Feb 2020 09:36 PM IST
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Third death in Tarn Taran firecrackers blast incident
हादसे में ट्रैक्टर ट्रॉली के उड़े परखच्चे। - फोटो : फाइल फोटो

तरनतारन के गांव पाहुविंड में नगर कीर्तन के दौरान ट्राली में रखे पटाखों में हुए धमाकों में घायल गुरकीरत सिंह की रविवार को तरनतारन के सिविल अस्पताल में मौत हो गई। उधर, शनिवार को हादसे में मारे गए दो नाबालिग गुरप्रीत सिंह और मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को पाहुविंड में सिख मर्यादा के अनुसार कर दिया गया। 

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दोनों बच्चे अपने माता पिता की इकलौती संतान थे। इस बीच लोगों ने बताया कि पटाखे चलने वाले युवकों को कई बार कायदे से पटाखे चलने के लिए कहा गया था। कई लोगों ने उन्हें रोका भी, लेकिन वे नहीं माने। वहीं, इस मामले ने नगर कीर्तन का आयोजन करने वाले गुरुद्वारा प्रबंधकों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ट्राली में रखे पटाखों में हुए विस्फोट से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
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 इस वीडियो में नगर कीर्तन के आगे कुछ नौजवान हवा में मार करने वाले पटाखे चला रहे हैं। एक नौजवान पटाखे चलते हुए आगे बढ़ता है, उसके साथ कमीज पायजामा पहने एक नाबालिग इस नौजवान से पटाखा चलने वाले औजार को पकड़ लेता है। फिर वह पटाखे चलना शुरू कर देता है। इसके बाद वह पटाखे चलाते हुए उसी औजार को पास खड़े एक नाबालिग को पकड़ा देता है। वह भी पटाखा चलाता है। 

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एक नौजवान ने पटाखे चलने वाले इस औजार में रखने के लिए कुछ पटाखे अपने हाथ में ही पकडे़ हुए हैं। जिस बाजार में यह नौजवान पटाखे चला रहे हैं, उनके साथ-साथ वह ट्राली भी चल रही थी, जिसमें पटाखे रखे हुए थे। कुछ नौजवान इसी पटाखे की ट्राली में बैठ कर सेल्फी भी ले रहे थे। ट्राली में पटाखे रखे साफ दिखाई दे रहे हैं। 

पुलिस ने भी नहीं रोका   
नगर कीर्तन की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस अधिकारियों ने न तो नाबालिगों को पटाखे चलाने से रोका और न ही पटाखे वाली ट्राली को वहां से हटाने को कहा। यही कारण था कि एक छोटी सी गलती से तीन जानें चली गई और सात लोग घायल हो गए। नगर कीर्तन में पटाखे चलाने की अनुमति आयोजकों ने किससे ली थी, यह भी जांच का विषय है। 

शादी के आठ साल बाद पैदा हुआ था गुरप्रीत 
तरनतारन में पटाखों में हुए धमाके में मारा गया गुरप्रीत सिंह (13) छठी क्लास में पढ़ता था। जब नगर कीर्तन गांव डलिके से निकल रहा था, तब वह उसमें शामिल हुआ था। उसके साथ उसकी मां भी थी। गुरप्रीत की मां तो नगर कीर्तन के साथ-साथ थी जबकि गुरप्रीत उस ट्राली के साथ चल रहा था जिसमें पटाखे रखे हुए थे। गुरप्रीत के परिजनों ने बताया कि शादी के आठ साल बाद गुरप्रीत का जन्म हुआ था। वहीं जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां चप्पलों और जूतों के ढेर लगे हुए थे। 

मृतकों की संख्या के बारे में भ्रम में रही पुलिस 
हादसे में मारे गए लोगों की संख्या के बारे में तरनतारन पुलिस में भी भ्रम रहा। एसएसपी ध्रुव दिया ने पहले 14 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई थी। इसके तुरंत बाद आईजी बॉर्डर रेंज एसपीएस परमार ने दो बच्चों के मारे जाने की पुष्टि की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने हादसे में घायल लोगों का श्री गुरु रामदास जी अस्पताल में फ्री इलाज करने के आदेश जारी किए हैं।  

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