ये बनेंगे कैशलेस अभियान के ब्रांड एंबेसडर, पांच विकल्प होंगे अहम
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कैशलेस अभियान के लिए प्रशासन ने विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स को ब्रांड एंबेसडर बनाया है। इनकी मदद से ही शहर में कैशलेस मोड अपनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सेक्टर वाइज स्कूलों के वालंटियर्स की टीम तैयार की जा रही है। सोमवार से इस अभियान की शुरुआत हो जाएगी। स्टूडेंट्स अपने एरिया में लोगों को कैशलेस मोड से लेनदेन करना सिखाएंगे।
प्रशासन के विभाग कैशलेस के लिए पांच विकल्पों को अपना रहे हैं। इन पांचों विकल्पों को ही शहर के व्यापारियों, दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों को अपनाने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने यह बात भी स्पष्ट कर दी है कि कैश मोड भी पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन प्रयास ज्यादा से ज्यादा कैशलेस मोड अपनाने पर रहेगा। कैशलेस मोड की शुरुआत सबसे पहले सेक्टर-17 प्लाजा और सेक्टर-26 ग्रेन मार्केट से हो रही है।
कैशलेस के लिए ये पांच विकल्प अपनाएगा प्रशासन
सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर को अपने बैंक खाते में रजिस्टर करवाना होगा। यूपीआई एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। एप को खोलने के बाद अपनी यूनीक आईडी बनानी होगी। इस आईडी का पिन नंबर भी निर्धारित करना होगा। इसके बाद कोई भी ट्रांजेक्शन आसानी से की जा सकती है। इसके लिए इंटरनेट होना जरूरी है।
अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा (यूएसएसडी)-
अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा (यूएसएसडी) से बिना इंटरनेट साधारण फीचर फोन से भी ट्रांजेक्शन की जा सकती है। खाते में शेष राशि और मिनी स्टेटमेंट भी बिना किसी झंझट देख सकते हैं।
यूएसएसडी के लिए आपका मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए। सबसे पहले फोन में *99# डायल करें। अपने बैंक के शॉर्ट नाम के पहले 3 अक्षर या फिर आईएफएससी कोड के पहले 4 अक्षर डालें।
इसके बाद फंड ट्रांसफर (मोबाइल मनी आईडेंटिफायर) एमएमआईडी नंबर डालना होगा। ट्रांसफर की जाने वाली रकम और मोबाइल पिन डालना होगा। पिन डालने के बाद स्पेस छोड़कर अपने खाता नंबर के आखिरी 4 अंक डालें और ओके करते ही पैसा ट्रांसफर हो जाएगा।
आधार आधारित पेमेंट सिस्टम पर भी फोकस
ई-वालेट
ई-वालेट एक तरह के पर्स समान है। इसमें रखे पैसों से खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए पहले किसी भी बैंक या कंपनी का ई-वॉलेट गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। बैंक में रजिस्टर नंबर से वॉलेट को रजिस्टर करना होगा। वालेट से डेबिट-क्रेडिट कार्ड लिंक करना होगा। इसके बाद आपका फोन ही आपका वालेट होगा।
कार्ड, पीओएस
प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) में पहले डेबिट या क्रेडिट कार्ड को स्वाइप करवाना होगा। इसके बाद अपना डेबिट-क्रेडिट कार्ड पिन डालना होगा। इस बात का ध्यान रहे कि पिन बिन बताए डालना है। पिन डालने के बाद ट्रांजेक्शन की रसीद मिल जाएगी।
आधार आधारित पेमेंट सिस्टम
आधार आधारित पेमेंट सिस्टम के लिए पहले आधार नंबर बैंक खाते में दर्ज करवाना होगा। इसके बाद बायोमीट्रिक सिस्टम से कोई भी ट्रांजेक्शन की जा सकती है। हालांकि अभी चंडीगढ़ में आधार से ट्रांजेक्शन शुरू नहीं हुई है। अगले कुछ दिन बाद यह सुविधा शोरूम और दूसरे स्टोर पर मिलने लगेगी।