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हाईकोर्ट का आदेश, बैंक धोखाधड़ी के मामलों में जांच में न हो देरी, तय हो मानक प्रक्रिया
Sat, 20 Feb 2021 02:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Feb 2021 02:25 PM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
बैंक धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों और इनकी जांच में देरी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब अैर चंडीगढ़ को फटकार भी लगाई है। हाईकोर्ट ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए कदम उठाने और जांच जल्द पूरी हो, इसके लिए मानक प्रक्रिया तय करने का आदेश दिया है।
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मामला पटियाला में हुई बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें भूमि के बदले लोन के नाम पर घोटाले का आरोप था। मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने कहा कि लगातार ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐेसे में हाईकोर्ट ने लंबित मामलों के बारे में जानकारी मांगी। हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में 151 में से 67 मामले, हरियाणा में 223 में से 190 मामले जबकि चंडीगढ़ में 18 में से 16 ऐसे मामले हैं, जिनकी जांच एक वर्ष या अधिक समय से लंबित है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि फर्जी राजस्व रिकार्ड के साथ ज्यादातर ऐसी वारदात को अंजाम दिया जाता है। कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को आदेश दिया कि वे राजस्व रिकार्ड के साथ इंतकाल का मिलान करवाना सुनिश्चित करें ताकि फर्जी राजस्व रिकार्ड के सहारे बैंक से धोखाधड़ी न हो।
साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी को ऐसे मामलों की जांच के लिए मानक प्रक्रिया तय करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच में देरी से अपराध से जुड़े सबूत नष्ट होने की संभावना बढ़ जाती है और अपराधियों के मनोबल को भी बढ़ावा मिलता है।