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पंजाब-हरियाणा में पटाखे जलाने पर नहीं है प्रतिबंध, चंडीगढ़ में भी मिले इजाजत
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चंडीगढ़। इस वर्ष दिवाली पर लोग पटाखे चला सकेंगे या नहीं, इस पर यूटी प्रशासन मंगलवार को फैसला लेगा। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने सोमवार को बैठक बुलाई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा। उधर, चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन ने पटाखों की बिक्री और चलाने की इजाजत देने के लिए डीसी मनदीप सिंह बराड़ को पत्र लिखा है।
बता दें कि पिछली बार दीवाली से कुछ दिन पहले पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, ये प्रतिबंध प्रशासन इस बार भी जारी रखेगा। हालांकि मोहाली और पंचकूला में पिछली बार पटाखे बिके और चलाए गए थे और इस बार बिक्री होगी, क्योंकि दोनों राज्यों की सरकारों ने प्रतिबंध नहीं लगाया है। पिछले वर्ष भी सवाल उठा था कि जब मोहाली और पंचकूला में पटाखे चलेंगे तो सिर्फ चंडीगढ़ में प्रतिबंध लगाकर क्या फायदा। हालांकि प्रशासन ने इस तर्क को नहीं माना था। इससे पटाखा विक्रेताओं को लाखों का नुकसान हुआ था। चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान दविंदर गुप्ता व महासचिव चिराग अग्रवाल की ओर से डीसी लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इस वर्ष भी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार ने पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। ऐसे में इस वर्ष चंडीगढ़ में भी पटाखों की बिक्री और चलाने की इजाजत दी जाए।
पटाखों पर बार-बार प्रशासन बदलता है अपना रुख
एसोसिएशन ने मांग की है कि पिछली बार पटाखे बेचने के अस्थायी लाइसेंस के लिए 1650 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 96 लोगों के ड्रॉ निकाले जाने थे। डीसी कार्यालय के पास पुराने 1650 आवेदन पड़े हैं, जिनका अब तक रिफंड भी नहीं मिला है। ऐसे में पुराने आवेदनों में से ही 96 विक्रेताओं के ड्रॉ निकाले जाएं। दरअसल, बीते पांच सालों में दीवाली पर प्रशासन का फैसला अलग-अलग रहा है। वर्ष 2017 में प्रशासन ने तीन दिन के लिए पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध हटाया था। इसमें दशहरा, दीपावली और गुरुपर्व पर शाम से 6.30 से 9.30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी गई थी। वर्ष 2018 और 2019 में प्रशासन ने रात 8 से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी थी, जबकि वर्ष 2020 में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
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बता दें कि पिछली बार दीवाली से कुछ दिन पहले पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, ये प्रतिबंध प्रशासन इस बार भी जारी रखेगा। हालांकि मोहाली और पंचकूला में पिछली बार पटाखे बिके और चलाए गए थे और इस बार बिक्री होगी, क्योंकि दोनों राज्यों की सरकारों ने प्रतिबंध नहीं लगाया है। पिछले वर्ष भी सवाल उठा था कि जब मोहाली और पंचकूला में पटाखे चलेंगे तो सिर्फ चंडीगढ़ में प्रतिबंध लगाकर क्या फायदा। हालांकि प्रशासन ने इस तर्क को नहीं माना था। इससे पटाखा विक्रेताओं को लाखों का नुकसान हुआ था। चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान दविंदर गुप्ता व महासचिव चिराग अग्रवाल की ओर से डीसी लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इस वर्ष भी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार ने पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। ऐसे में इस वर्ष चंडीगढ़ में भी पटाखों की बिक्री और चलाने की इजाजत दी जाए।
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पटाखों पर बार-बार प्रशासन बदलता है अपना रुख
एसोसिएशन ने मांग की है कि पिछली बार पटाखे बेचने के अस्थायी लाइसेंस के लिए 1650 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 96 लोगों के ड्रॉ निकाले जाने थे। डीसी कार्यालय के पास पुराने 1650 आवेदन पड़े हैं, जिनका अब तक रिफंड भी नहीं मिला है। ऐसे में पुराने आवेदनों में से ही 96 विक्रेताओं के ड्रॉ निकाले जाएं। दरअसल, बीते पांच सालों में दीवाली पर प्रशासन का फैसला अलग-अलग रहा है। वर्ष 2017 में प्रशासन ने तीन दिन के लिए पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध हटाया था। इसमें दशहरा, दीपावली और गुरुपर्व पर शाम से 6.30 से 9.30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी गई थी। वर्ष 2018 और 2019 में प्रशासन ने रात 8 से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी थी, जबकि वर्ष 2020 में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
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