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एसवाईएल के मुद्दे पर आज फैसला देगा सुप्रीम कोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:07 AM IST
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supreme court of india
- फोटो : File Photo
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सुप्रीम कोर्ट सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के पानी के बंटवारे को लेकर 2004 में राष्ट्रपति के संदर्भ पर बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुना सकता है। इस नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच विवाद है।
जस्टिस एआर दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 12 मई को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस दवे 18 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इस मामले में केंद्र ने कहा है कि राज्य इस मामले का निपटारा खुद करें। इस मामले में दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का रुख भी रिकॉर्ड किया गया है।
इस दौरान पंजाब विधानसभा एसवाईएल नहर के लिए अधिगृहीत की गई जमीन को किसानों को लौटाने का कानून पास कर चुकी है। इसके खिलाफ हरियाणा सरकार ने शीर्ष अदालत में गुहार लगाई थी, जिस पर अदालत ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। मालूम हो कि इस नहर के पानी को लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में समझौता हुआ था।
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जस्टिस एआर दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 12 मई को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस दवे 18 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इस मामले में केंद्र ने कहा है कि राज्य इस मामले का निपटारा खुद करें। इस मामले में दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का रुख भी रिकॉर्ड किया गया है।
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इस दौरान पंजाब विधानसभा एसवाईएल नहर के लिए अधिगृहीत की गई जमीन को किसानों को लौटाने का कानून पास कर चुकी है। इसके खिलाफ हरियाणा सरकार ने शीर्ष अदालत में गुहार लगाई थी, जिस पर अदालत ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। मालूम हो कि इस नहर के पानी को लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में समझौता हुआ था।
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