{"_id":"613135a88ebc3eb34c7e4aab","slug":"the-siege-of-pu-vc-is-condemnable-teachers-lit-candles-to-improve-the-atmosphere-chandigarh-news-pkl4254956187","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू वीसी का घेराव निंदनीय, शिक्षकों ने माहौल बेहतर करने को मोमबत्तियां जलाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू वीसी का घेराव निंदनीय, शिक्षकों ने माहौल बेहतर करने को मोमबत्तियां जलाईं
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीयू वीसी प्रो. राजकुमार के हुए घेराव की शिक्षकों ने निंदा की है। उनका कहना है कि पीयू का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने लॉ ऑडिटोरियम के बाहर मोमबत्तियां जलाकर शांति व शैक्षणिक माहौल के लिए प्रार्थना की।
शिक्षकों ने कहा कि सीनेट चुनाव के मतदान स्थल के बाहर ऐसा नहीं होना चाहिए था। अधिकारी, शिक्षक सुरक्षित रहें, ऐसा माहौल सभी को मिलकर बनाना होगा। साथ ही सभी निडर होकर काम कर सकें। पुटा पर भी शिक्षकों ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रार्थना में आना चाहिए था। पुटा शिक्षकों का संगठन है। शिक्षकों की आवाज पर पदाधिकारियों को बाहर निकलना चाहिए था। अन्य शिक्षकों को भी इस प्रार्थना में भाग लेना चाहिए था, लेकिन संदेश को देखा जरूर, पर वह नहीं पहुंचे। जानकारों का कहना है कि कुछ शिक्षक आने का मन बना भी रहे थे, लेकिन वह इस डर से नहीं पहुंचे कि कहीं वह आगे टारगेट पर न आ जाएं। प्रभावशाली लोग उन्हें नुकसान न पहुंचा दें।
वर्जन---
हमें इस पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं है। मीडिया के जरिए ही कुछ पता चला है। वैसे वीसी का रवैया ठीक नहीं है। पुटा की मांगों पर केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन काम नहीं करते। छात्रों की मांगों को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए था। उनको सुनना चाहिए था।
विज्ञापन
-प्रो. अमरजीत सिंह नौरा, सचिव पुटा
विज्ञापन
शिक्षकों ने कहा कि सीनेट चुनाव के मतदान स्थल के बाहर ऐसा नहीं होना चाहिए था। अधिकारी, शिक्षक सुरक्षित रहें, ऐसा माहौल सभी को मिलकर बनाना होगा। साथ ही सभी निडर होकर काम कर सकें। पुटा पर भी शिक्षकों ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रार्थना में आना चाहिए था। पुटा शिक्षकों का संगठन है। शिक्षकों की आवाज पर पदाधिकारियों को बाहर निकलना चाहिए था। अन्य शिक्षकों को भी इस प्रार्थना में भाग लेना चाहिए था, लेकिन संदेश को देखा जरूर, पर वह नहीं पहुंचे। जानकारों का कहना है कि कुछ शिक्षक आने का मन बना भी रहे थे, लेकिन वह इस डर से नहीं पहुंचे कि कहीं वह आगे टारगेट पर न आ जाएं। प्रभावशाली लोग उन्हें नुकसान न पहुंचा दें।
विज्ञापन
वर्जन---
हमें इस पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं है। मीडिया के जरिए ही कुछ पता चला है। वैसे वीसी का रवैया ठीक नहीं है। पुटा की मांगों पर केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन काम नहीं करते। छात्रों की मांगों को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए था। उनको सुनना चाहिए था।
विज्ञापन
-प्रो. अमरजीत सिंह नौरा, सचिव पुटा