शहादत को सलाम: शहीद गज्जण सिंह को सीएम चन्नी ने दिया कंधा, अंतिम यात्रा में हर आंख हो गई नम
28 वर्षीय 23 सिख रेजीमेंट के सैनिक गज्जण सिंह पुंछ में आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए पांच सैनिकों में शामिल थे। उनकी शहादत से पूरे जिले में मातम छाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें गज्जण सिंह की शहादत पर गर्व है।
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जम्मू और कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद पंजाब के नूरपुरबेदी के गांव पंचरंडा के सैनिक गज्जण सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को घर पहुंचा। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही माहौल बेहद गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने बाइक रैली निकाल गज्जण सिंह अमर रहे और भारत माता के जयकारे लगाए। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अंतिम यात्रा में शामिल होने शहीद के गांव पहुंचे। शहीद गज्जण सिंह के पिता चरन सिंह, माता, भाई और पत्नी हरप्रीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। सबकी जुबान पर एक ही शब्द है कि उन्हें शहीद गज्जण की शहादत पर गर्व है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शहीद को कंधा दिया।
मुझे पति की शहादत पर गर्व: हरप्रीत कौर
शहीद गज्जण सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका फरवरी में ही विवाह हुआ था। गज्जण सिंह को 10 दिन बाद छुट्टी पर घर आना था। शहीद के पिता चरन सिंह दो एकड़ जमीन में कृषि करते हैं। शहीद के पिता ने कहा कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले पैसों से उनका बेटा तो वापस नहीं आ सकता। शहीद की पत्नी हरप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। उन्होंने बताया कि शहीद गज्जण सिंह उन्हें कहते थे कि उनकी जान वतन के लिए है और उसकी जिंदगी शहादत के लेखे लगे। उन्होंने कहा कि रिश्तेदारी में एक विवाह में शामिल होने उन्हें घर आना था।