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सरकार की नई नीति, अफसरों से छीनकर जनता के सुपुर्द होंगी चीनी मिलें
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:29 AM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : File Photo
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हरियाणा में घाटे में चल रही चीनी मिलों की कमान अधिकारियों से छीनकर प्रदेश सरकार जनता के हाथों में देने की तैयारी कर चुकी है। चीनी मिलों के कायाकल्प के लिए विभाग के मंत्री ने मुख्यमंत्री से मंजूरी ले ली है। अब चीनी मिलों में चेयरमैनों की नियुक्ति की जाएगी। चेयरमैन भी वह व्यक्ति होगा, जो गन्ना किसानों के हक के साथ जुड़ा हुआ होगा।
इस मामले में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सात अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। जो शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट देगी। एक दिन के लिए भी मिल बंद होने पर अधिकारियों को जवाब देना होगा। बिना किसी तकनीकी कारण के मिल बंद होने पर अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
हरियाणा में वीटा को घाटे से उबारने के बाद अब सरकार की मंशा चीनी मिलों को घाटे से उबारने की है, लेकिन यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। पहले वर्ष में लक्ष्य पेराई के सीजन में चीनी मिलों को लक्ष्य तक पहुंचाया जाए, मुनाफा उसके बाद की बात है।
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इस मामले में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सात अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। जो शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट देगी। एक दिन के लिए भी मिल बंद होने पर अधिकारियों को जवाब देना होगा। बिना किसी तकनीकी कारण के मिल बंद होने पर अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
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हरियाणा में वीटा को घाटे से उबारने के बाद अब सरकार की मंशा चीनी मिलों को घाटे से उबारने की है, लेकिन यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। पहले वर्ष में लक्ष्य पेराई के सीजन में चीनी मिलों को लक्ष्य तक पहुंचाया जाए, मुनाफा उसके बाद की बात है।
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गांव-गांव में दुग्ध संघ की कमेटी भी बनाएगी सरकार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : File Photo
इस तरह सिरे चढ़ाने की तैयारी
पानीपत चीनी मिल के स्थानांतरण, विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। करनाल चीनी मिल के विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण को स्वर्ण जयंती वर्ष में शुरू करने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को अनुमोदन के लिये भेजा गया है। मिलों में सह-उत्पाद आधारित मूल्य संवर्धित परियोजनाओं को पीपीपी मोड के अंतर्गत लगाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। शाहबाद चीनी मिल में 60 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता का इथेनॉल प्लांट लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गांवों में दुग्ध समितियां बनेंगी
गांव-गांव में सरकार दुग्ध समितियां बनाने जा रही है। इस समिति में सात सदस्य होंगे। इन्हीं सदस्यों में से एक समिति का मुखिया होगा, जो दुग्ध उत्पादकों के हितों को देखेगा और दुग्ध उत्पादकों में से एक होगा। कमेटी को प्रति लीटर एक रुपया जाएगा, जिसे कमेटी दुग्ध उत्पादकों के हित में लगाएगी।
प्रदेश की सभी चीनी मिलों का दौरा कर लिया है। अन्य प्रदेशों में चल रही चीनी मिलों का भी अध्ययन किया है। दूसरे प्रदेशों का अध्ययन करने के बाद यह देखा गया है कि हरियाणा में भी चीनी मिलों की स्थिति सुधर सकती है। हम चीनी मिलों की कमान जनता के हाथों में देंगे।
-मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री हरियाणा
पानीपत चीनी मिल के स्थानांतरण, विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। करनाल चीनी मिल के विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण को स्वर्ण जयंती वर्ष में शुरू करने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को अनुमोदन के लिये भेजा गया है। मिलों में सह-उत्पाद आधारित मूल्य संवर्धित परियोजनाओं को पीपीपी मोड के अंतर्गत लगाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। शाहबाद चीनी मिल में 60 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता का इथेनॉल प्लांट लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गांवों में दुग्ध समितियां बनेंगी
गांव-गांव में सरकार दुग्ध समितियां बनाने जा रही है। इस समिति में सात सदस्य होंगे। इन्हीं सदस्यों में से एक समिति का मुखिया होगा, जो दुग्ध उत्पादकों के हितों को देखेगा और दुग्ध उत्पादकों में से एक होगा। कमेटी को प्रति लीटर एक रुपया जाएगा, जिसे कमेटी दुग्ध उत्पादकों के हित में लगाएगी।
प्रदेश की सभी चीनी मिलों का दौरा कर लिया है। अन्य प्रदेशों में चल रही चीनी मिलों का भी अध्ययन किया है। दूसरे प्रदेशों का अध्ययन करने के बाद यह देखा गया है कि हरियाणा में भी चीनी मिलों की स्थिति सुधर सकती है। हम चीनी मिलों की कमान जनता के हाथों में देंगे।
-मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री हरियाणा