Chandigarh: फर्जी दस्तावेज लगाकर दिलवाते थे जमानत, एक गिरफ्तार, मोगा से आई शिकायत पर हुआ था खुलासा
मोगा के गांव बुक्कन भट्टी निवासी कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उसे अदालत से नोटिस आया था। नोटिस के माध्यम से उसे पता चला कि एक नाइजीरियन आरोपी एनडीपीएस के केस में अदालत में पेश नहीं हो रहा है।
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चंडीगढ़ अपराध शाखा ने ट्राइसिटी में फर्जी दस्तावेज लगाकर आरोपियों की जमानत करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो दिन के रिमांड के बाद सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी की पहचान हरजीत सिंह के रूप में हुई है। रिमांड के दौरान आरोपी ने दो और साथियों के नाम का खुलासा किया है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि फरार दोनों आरोपी गिरोह के मास्टरमाइंड हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई लोगों की जमानत करवाई है। इस गिरोह में चार आरोपी शामिल हैं। अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि दो और आरोपियों का सुराग लगा लिया है, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी संपत्तियों के दस्तावेज तैयार कर अदालत में पेश करते थे और आरोपियों की जमानत करवाते थे।
मोगा के व्यक्ति को पहुंचा नोटिस तो हुआ मामले का खुलासा
मोगा के गांव बुक्कन भट्टी निवासी कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उसे अदालत से नोटिस आया था। नोटिस के माध्यम से उसे पता चला कि एक नाइजीरियन आरोपी एनडीपीएस के केस में अदालत में पेश नहीं हो रहा है। उक्त मामले में कुलदीप सिंह ने नाइजीरियन की जमानत दी है। जब वह अदालत पहुंचा तो उसने देखा कि दस्तावेजों पर आरोपी हरजीत सिंह की तस्वीर लगी है, जबकि सभी दस्तावेज उसके नाम पर हैं। इसके बाद उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पांच हजार रुपये लेकर हरजीत ने लगाई थी फोटो
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने वर्ष 2019 में आरोपी नाइजीरियन ऑस्कर फ्रेडरिक मिट्टी को नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। राजीव कुमार ने बताया कि नाइजीरियन ने जमानत करवाने के लिए आरोपियों को रुपये दिए थे। इसमें से हरजीत सिंह को अपनी फोटो लगाने के लिए पांच हजार रुपये मिले थे।
हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज के फर्जी दस्तावेज तैयार कर आर्डर जारी करने का मामला सामने आया था। साइबर सेल हाईकोर्ट के हरियाणा विजिलेंस के मनीष दुआ की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है। मनीष दुआ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक आदेश की फोटो कॉपी मिली थी। इसमें हाईकोर्ट के जज के दस्तखत थे। मामला चीफ जस्टिस के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट के हरियाणा विजिलेंस विभाग को जांच के आदेश दिए।