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अनदेखीः पंजाब में नींव पत्थर से आगे नहीं बढ़ सका शहीद ऊधम सिंह के स्मारक का काम

Fri, 27 Jul 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) Updated Fri, 27 Jul 2018 10:04 AM IST
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The foundation stone of the memorial of Shaheed Udham Singh could not grow in Punjab
शहीद ऊधम सिंह
 देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद ऊधम सिंह के पैतृक शहर सुनाम ऊधम सिंह वाला में वर्षों बीत जाने के बाद भी उनकी याद में स्मारक नहीं बन सका। हालांकि पिछले करीब दो दशक से सरकारों द्वारा यादगार बनाने के वादे भी किए गए, लेकिन परिणाम जस का तस हैं। शहीद की यादगार सियासी भंवर में फंसकर रह गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब बनेगी शहीद ऊधम सिंह यादगार। शहीद के जन्मदिवस पर रखा नींव पत्थर, दीवारों के निर्माण की बजाय घास उगी है।
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शहीद ऊधम सिंह के जन्मदिवस (26 दिसंबर) से एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शहीद की भव्य यादगार बनाने का नींव पत्थर रखा था और इस यादगार के जल्द पूरा होने का दावा भी किया था। पिछले वर्ष 31 जुलाई को शहीद के राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह में पंजाब सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आए कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने भी यादगार बनाने का भरोसा दिलाया था कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस मांग को पूरा करवाया जाएगा। लेकिन पूरा वर्ष बीत गया है और यादगार स्थल पर निर्माण की जगह घासफूस उग रही है। हैरत की बात यह है कि फिर से शहीद का बलिदान दिवस मनाने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है।
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  कैप्टन सरकार बनाएगी शहीद की यादगार : दामन

The foundation stone of the memorial of Shaheed Udham Singh could not grow in Punjab
प्रस्तावित शहीद ऊधम सिंह स्मारक स्थल
ऐसे में यादगार स्थल पर वीरान पड़ा नींव पत्थर, सियासतदानों की नीयत व नीति पर सवाल उठाता प्रतीत हो रहा है। शहीद की नगरी के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि स्थानीय बठिंडा मुख्य रोड पर इस यादगार के लिए पिछली अकाली भाजपा सरकार ने जमीन खरीदी थी। लेकिन इस महान शहीद की याद में बनने वाली यादगार स्थल पर एक ईंट तक नहीं लग सकी है। ऐसे में विरोधी दल और समाज सेवी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि अकाली व भाजपा का तर्क है कि चुनाव आचार संहिता लगने की वजह से यादगार का निर्माण शुरू नहीं हो सका था।  

 आम आदमी पार्टी के नेता व सांसद भगवंत मान और विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस ने शहीदों के नाम पर हमेशा सियासत की है। शहीद ऊधम सिंह जैसे महान शहीद की आड़ में सियासत करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब तक शहीद की यादगार नहीं बनना, पंजाब की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस व अकाली भाजपा की विफलता का प्रमाण है।  
 
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता व हलका प्रभारी दामन बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, शहीदों के प्रति गंभीर हैं। कैप्टन सरकार द्वारा जल्द ही शहीद ऊधम सिंह की यादगार का काम शुरू करवाया जाएगा। इससे पहले सुनाम निवासियों को फायर टेंडर की सौगात भी कैप्टन सरकार ने ही दी है।
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