पुनर्मतदान में हुआ विवाद, 183 मतदाता नहीं डाल सके वोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वार्ड नंबर-8 (मलोया) के बूथ नंबर-14 पर सोमवार को पुनर्मतदान हुआ। इस दौरान उन 183 मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया, जिन्होंने रविवार को मतदान किया था।
इस कारण लोगों ने पोलिंग स्टेशन के बाहर हंगामा किया। वहीं चुनाव आयोग ने 685 वोट की जगह 703 मतदान करवाने में चार कर्मचारियों को दोषी करार दिया है। आयोग ने इन्हें निलंबित कर दिया है। इसमें तीन कर्मचारी पीयू के हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन लोगों को सोमवार को वोट डालने से रोका गया, उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इनके कारण ही सोमवार को इस बूथ पर पुनर्मतदान करवाना पड़ा।
आयोग के अनुसार, यह सभी मतदाता गुरसागर कॉलोनी, एलबीएस और कबाड़ी कॉलोनी के हैं, साल 2011 के नगर निगम चुनाव के समय इनका नाम मतदाता सूची में था।
यह चार कर्मचारी हुए निलंबित
उसके बाद कॉलोनी को इस वार्ड से स्थायी तौर पर हटा दिया गया, इस कारण मतदाता सूची से इन वोटरों का नाम काट दिया गया। लेकिन, रविवार को बूथ नंबर-14 के कर्मचारियों ने खारिज हो चुके मतों को भी डलवा दिया था।
उधर, गुरसागर कॉलोनी के लोगों के हाथ में रविवार को स्याही भी लगाई गई थी। चुनाव आयुक्त के ओएसडी तरसेम लाल का कहना है कि मतदाता सूची से जिन वोटरों का नाम कट गया था, उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, इस कारण यहां पुनर्मतदान करवाया गया।
685 वोट, लेकिन 703 मतदान
बूथ नंबर-14 में कुल 680 मतदाता का नाम सूची में है, लेकिन रविवार को हुए मतदान में 703 वोट डाले गए थे। इस कारण चुनाव आयोग के अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद पता चला कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए थे, उनके वोट भी डाल दिए गए।
दाहिने हाथ पर लगाई स्याही
सोमवार को हुए पुनर्मतदान में चुनाव अधिकारी ने लोगों के दाएं हाथ की अंगुली पर स्याही लगाई, जबकि रविवार को बाएं हाथ की अंगुली पर स्याही लगाई थी।
यह चार कर्मचारी हुए निलंबित
खुडा जस्सू में नियुक्त टीजीटी टीचर मिलाप चंद के अलावा पीयू के सीनियर सहायक लक्ष्मण सिंह, जूनियर टेक्नीशियन जगदीश सिंह और क्लर्क राजेंद्र सिंह को चुनाव आयुक्त ने निलंबित कर दिया है। अध्यापक मिलाप चंद मलोया के बूथ नंबर-14 में पीठासीन अधिकारी थे।