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Chandigarh News: स्कूलों में लड़कियों के दाखिले में कमी पर मुख्य सचिव ने जताई चिंता, बोले- जागरुकता अभियान चलाए विभाग
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चंडीगढ़। नए मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग की पहली समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूलों के ढांचे और विद्यार्थियों के सीखने के नतीजों पर विभाग की प्रगति का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने लड़कियों के स्कूलों में दाखिले में कमी पर चिंता जताते हुए विभाग को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने लर्निंग नतीजों की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने विभाग की प्रगति रिपोर्ट पेश की। इसमें साक्षरता, स्कूलों के ढांचे, नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर किए गए काम की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाने और चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने खास तौर पर कहा कि छात्रों के सीखने के नतीजों (लर्निंग आउटकम्स) की कड़ी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने स्कूलों में लड़कियों के नामांकन में कमी पर चिंता जताई और विभाग से कहा कि लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए कम्युनिटी कैंपेन चलाए जाएं, ताकि लड़कियां भी बराबर से स्कूलों में आएं। मुख्य सचिव ने शिक्षकों के सभी जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरे करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र के सभी मॉड्यूल्स को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, खासकर स्कूल से बाहर बच्चों और विशेष जरूरत वाले छात्रों की शिक्षा पर ध्यान दिया जाए।
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खाली पदों को जल्द भरने के आदेश
मुख्य सचिव ने शिक्षकों के खाली पद जल्दी भरने के निर्देश दिए, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही कहा कि छात्रों के सीखने के स्तर को नियमित रूप से जांचने के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) टेस्ट कराए जाएं। ताकि नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) में प्रदर्शन बेहतर हो। उन्होंने हर छात्र के लिए हॉलिस्टिक परफॉर्मेंस कार्ड बनाने और उसे लगातार निगरानी करने को कहा।
डोम थियेटर, प्लैनेटेरियम बनाने के आदेश
बैठक में विभाग की योजनाओं जैसे उड़ान परियोजना (मेधावी छात्रों को निःशुल्क कोचिंग), एडॉप्ट-ए-स्कूल प्रोग्राम और ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन प्रोग्राम की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में जहां संभव हो, वहां डोम थियेटर या प्लैनेटेरियम बनाए जाएं ताकि बच्चों को नई चीजें अनुभव से सीखने का मौका मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि सैनिक स्कूल और हेल्थ एजुकेशन सेंटर जैसी योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए।
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बैठक में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने विभाग की प्रगति रिपोर्ट पेश की। इसमें साक्षरता, स्कूलों के ढांचे, नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर किए गए काम की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाने और चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने खास तौर पर कहा कि छात्रों के सीखने के नतीजों (लर्निंग आउटकम्स) की कड़ी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने स्कूलों में लड़कियों के नामांकन में कमी पर चिंता जताई और विभाग से कहा कि लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए कम्युनिटी कैंपेन चलाए जाएं, ताकि लड़कियां भी बराबर से स्कूलों में आएं। मुख्य सचिव ने शिक्षकों के सभी जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरे करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र के सभी मॉड्यूल्स को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, खासकर स्कूल से बाहर बच्चों और विशेष जरूरत वाले छात्रों की शिक्षा पर ध्यान दिया जाए।
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खाली पदों को जल्द भरने के आदेश
मुख्य सचिव ने शिक्षकों के खाली पद जल्दी भरने के निर्देश दिए, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही कहा कि छात्रों के सीखने के स्तर को नियमित रूप से जांचने के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) टेस्ट कराए जाएं। ताकि नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) में प्रदर्शन बेहतर हो। उन्होंने हर छात्र के लिए हॉलिस्टिक परफॉर्मेंस कार्ड बनाने और उसे लगातार निगरानी करने को कहा।
डोम थियेटर, प्लैनेटेरियम बनाने के आदेश
बैठक में विभाग की योजनाओं जैसे उड़ान परियोजना (मेधावी छात्रों को निःशुल्क कोचिंग), एडॉप्ट-ए-स्कूल प्रोग्राम और ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन प्रोग्राम की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में जहां संभव हो, वहां डोम थियेटर या प्लैनेटेरियम बनाए जाएं ताकि बच्चों को नई चीजें अनुभव से सीखने का मौका मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि सैनिक स्कूल और हेल्थ एजुकेशन सेंटर जैसी योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए।