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Chandigarh: केंद्र ने अब तक नहीं जारी किया रिवाइज्ड एस्टीमेट, कई काम अटके; कर्मियों के भत्ते भी रुके

Fri, 17 Jan 2025 01:38 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 17 Jan 2025 01:38 AM IST
सार

यूटी प्रशासन ने रिवाइज्ड एस्टीमेट में वर्ष 2024-25 के बजट को करीब 14 फीसदी बढ़ाने की मांग रखी है। कारण टीए-डीए और एचआरए में बढ़ोतरी है। इसके अलावा कुछ विकास कार्यों के लिए भी रुपयों की मांग की गई है। कुल करीब 911 करोड़ रुपये आरई में मांगे गए हैं। 

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Centre has not yet released revised estimate, many works of administration stuck
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

केंद्र सरकार द्वारा अब तक रिवाइज्ड एस्टीमेट (आरई) जारी न किए जाने के कारण चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के कई नॉन-प्लान कार्यों पर ब्रेक लग गया है। फंड की कमी होने की वजह से दो से ढाई महीने पुराने बिल क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई ठेकेदारों की पेमेंट रुकी हुई है और कर्मचारियों के भत्तों का भी भुगतान नहीं हो पाया है। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में आरई जारी होगा, जिसके बाद स्थिति सुधरेगी।
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यूटी प्रशासन ने रिवाइज्ड एस्टीमेट में वर्ष 2024-25 के बजट को करीब 14 फीसदी बढ़ाने की मांग रखी है। कारण टीए-डीए और एचआरए में बढ़ोतरी है। इसके अलावा कुछ विकास कार्यों के लिए भी रुपयों की मांग की गई है। कुल करीब 911 करोड़ रुपये आरई में मांगे गए हैं। 
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आमतौर पर अब तक केंद्र की तरफ से आरई जारी कर दी जाती है लेकिन इस बार काफी देरी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर उन कार्यों पर पड़ा है, जो नॉन-प्लांड है और जिनके लिए फंड पहले से बजट में अप्रूव नहीं था। ऐसे विकास कार्य वह होते हैं, जो पहले से तय नहीं होते हैं। इसमें स्कूल व अस्पताल आदि के विशेष मरम्मत समेत कई कार्य शामिल हैं। वर्तमान में भी इन्हीं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कई हेड खाली पड़े हैं, जिससे कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कई पुराने बिल भी भुगतान के लिए लंबित हैं। 

आमतौर पर हर साल दिसंबर में आरई जारी हो जाता है। इस बार आधा जनवरी भी बीत चुका है लेकिन प्रशासन को एक रुपया भी नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रिवाइज्ड एस्टीमेट जल्द जारी नहीं किया गया, तो कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर संकट खड़ा हो सकता है। समस्या इसलिए भी ज्यादा है कि क्योंकि वित्त सचिव पिछले कई दिनों से छुट्टी पर हैं। ऐसे में विभाग अतिरिक्त प्रभार पर चल रहा है।

नगर निगम को भी आरई से है उम्मीद

नगर निगम भी भीषण वित्तीय संकट झेल रहा है। निगम की हालत इतनी ज्यादा खराब है कि उनके पास जनवरी महीने में अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के भी पर्याप्त रुपये नहीं है। ऐसे नगर निगम को भी रिवाइज्ड ऐस्टीमेट से काफी उम्मीदें हैं। निगम में तो पिछले कई महीनों से विकास कार्य ठप पड़े हैं। विकास कार्य का कोई भी नया टेंडर नहीं लग रहा है। निगम ने प्रशासन से 200 करोड़ रुपये की मांग की है। उन्हें उम्मीद है कि अगर आरई में केंद्र सरकार से ज्यादा रुपये मिलेंगे तो निगम की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आरई में हर साल ज्यादा रुपयो की मांग की जाती है लेकिन केंद्र सरकार कट लगाकर ही पैसे जारी करता है।

अगले वित्त वर्ष के लिए प्रशासन ने मांगे करीब 7950 करोड़

यूटी प्रशासन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 7950 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए प्रशासन को 6,513.62 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें प्रशासन ने कई प्लान विकास कार्य आदि के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है। हालांकि हर साल प्रशासन ज्यादा बजट की मांग करता है लेकिन केंद्र सरकार कट लगाकर ही जारी करता है। पिछली बार भी करीब 7000 करोड़ रुपये की मांग की गई थी लेकिन केंद्र ने 6,513.62 करोड़ रुपये दिए थे।

पिछले 5 वर्षों में रेवेन्यू और कैपिटल हेड

वर्ष             रेवेन्यू हेड        कैपिटल हेड
2024-25     5858.62          655.00
2023-24     5365.07          722.03
2022-23      4843.46         539.33
2021-22      4567.67        618.45
2020-21      4643.96        494.14
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