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कुख्यात आतंकी कुलविंदरजीत गिरफ्तार: एनआईए को मिली सफलता, बम धमाकों और टारगेट किलिंग में कई वर्षों से थी तलाश
Mon, 21 Nov 2022 10:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Nov 2022 10:17 PM IST
सार
कुलविंदरजीत खानपुरिया बीकेआई और केएलएफ जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा हुआ है। उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली में बैंकॉक से आते समय गिरफ्तार किया गया था। वह 2019 से फरार था।
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NIA
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एनआईए ने दिल्ली एयरपोर्ट से कुख्यात आतंकी कुलविंदरजीत खानपुरिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी पंजाब में पंजाब में हुई टारगेट किलिंग, सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने व दिल्ली के कनाट प्लेस में हुए धमाके में शामिल था। इसके अलावा 90 के दशक में कई राज्यों में किए गए ग्रेनेड हमले में भी उसकी अहम भूमिका थी। एनआईए ने उस पर पांच लाख का का इनाम भी घोषित किया था। इसके निशाने पर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी थे। पंजाब में दहशत फैलाने के लिए वह इन अधिकारियों को अपना टारगेट बनाना चाहता था।
कुलविंदरजीत खानपुरिया बीकेआई और केएलएफ जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा हुआ है। उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली में बैंकॉक से आते समय गिरफ्तार किया गया था। वह 2019 से फरार था। पता चला है कि आरोपी पंजाब में आतंकी वारदातों को अंजाम देकर माहौल बिगाड़ने की साजिश में शामिल था। पंजाब में पुलिस और सुरक्षा से जुड़े लोगों के साथ-साथ डेरा सच्चा सौदा से जुड़े धार्मिक स्थानों को निशाना बनाकर भारत में आतंकवादी हमले करने की साजिश के पीछे मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड है। उस पर स्पेशल ऑपरेशन सेल ने 2019 में अमृतसर में मामला दर्ज किया था। जबकि इसके बाद एनआईए 27 जून 2019 को दिल्ली में केस दर्ज किया था।
कुलविंदरजीत खानपुरिया ने भारत व विदेशों में बैठे अपने हैंडलरों के साथ मिलकर भारत में आतंकवादी हमले करने की योजना बनाई। खानपुरिया बाद में भारत से भागने में सफल हो गया। जब वह विदेश में था, तो वह पाकिस्तान में बैठे हरमीत सिंह पीएचडी के संपर्क में आया था। उसकी मौत के बाद पाकिस्तान में बैठे आतंकी लखवीर सिंह रोडे के साथ मिल गया था। साथ ही भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था। इतना ही नहीं खानपुरिया को एनआईए विशेष अदालत में मोहाली द्वारा घोषित किया गया था। जिसके बाद, एक लुक आउट सर्कुलर (एलओसीयू) जारी किया गया था और उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को 5 लाख रुपये का नकद इनाम देने की भी घोषणा की थी। उन्हें 21 नवंबर 2019 को फरार के रूप में चार्जशीट किया गया था। हालांकि उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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कुलविंदरजीत खानपुरिया बीकेआई और केएलएफ जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा हुआ है। उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली में बैंकॉक से आते समय गिरफ्तार किया गया था। वह 2019 से फरार था। पता चला है कि आरोपी पंजाब में आतंकी वारदातों को अंजाम देकर माहौल बिगाड़ने की साजिश में शामिल था। पंजाब में पुलिस और सुरक्षा से जुड़े लोगों के साथ-साथ डेरा सच्चा सौदा से जुड़े धार्मिक स्थानों को निशाना बनाकर भारत में आतंकवादी हमले करने की साजिश के पीछे मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड है। उस पर स्पेशल ऑपरेशन सेल ने 2019 में अमृतसर में मामला दर्ज किया था। जबकि इसके बाद एनआईए 27 जून 2019 को दिल्ली में केस दर्ज किया था।
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कुलविंदरजीत खानपुरिया ने भारत व विदेशों में बैठे अपने हैंडलरों के साथ मिलकर भारत में आतंकवादी हमले करने की योजना बनाई। खानपुरिया बाद में भारत से भागने में सफल हो गया। जब वह विदेश में था, तो वह पाकिस्तान में बैठे हरमीत सिंह पीएचडी के संपर्क में आया था। उसकी मौत के बाद पाकिस्तान में बैठे आतंकी लखवीर सिंह रोडे के साथ मिल गया था। साथ ही भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था। इतना ही नहीं खानपुरिया को एनआईए विशेष अदालत में मोहाली द्वारा घोषित किया गया था। जिसके बाद, एक लुक आउट सर्कुलर (एलओसीयू) जारी किया गया था और उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को 5 लाख रुपये का नकद इनाम देने की भी घोषणा की थी। उन्हें 21 नवंबर 2019 को फरार के रूप में चार्जशीट किया गया था। हालांकि उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गुरलाल हत्याकांड के गवाह को धमकाने पर गैंगस्टर रिंका गिरफ्तार
फरीदकोट यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान गुरलाल पहलवान हत्याकांड के गवाह को धमकाने में सीआईए स्टाफ ने गैंगस्टर गुरचरण सिंह रिंका को गिरफ्तार किया है। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का करीबी है। दोनों गैंगस्टरों ने गुरलाल की हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह भाटी ने बताया कि रिंका इलाके के नामी व पैसे वाले लोगों को चिन्हित कर उनके बारे में गोल्डी व लॉरेंस को बताता था। फिर उनके माध्यम से फोन करवाकर उनसे रंगदारी वसूलता था। गुरलाल हत्याकांड में भी उसने एक गवाह को धमकाया था। थाना कोतवाली में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में भी उसकी तलाश की जा रही थी। रिंका के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ करीब छह केस लंबित हैं। फरीदकोट पुलिस ने ही उसे अक्टूबर 2014 के दौरान विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने उसे कुख्यात गैंगस्टर रणजीत सिंह डुपला के साथ गिरफ्तार किया था और उनसे विदेश से तस्करी करके लाए गए विदेशी हथियार बरामद किए गए थे जिन्हें वह जाली दस्तावेज तैयार करके अपराधियों व अमीर लोगों को बेचने का काम करते थे। इस समय वह जेल से बाहर था। दोनों ही केसों में उसका अदालत से रिमांड लिया जा चुका है और अब अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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