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पंजाब: बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में आतंकी जगतार सिंह तारा को तीन साल की सजा, कहा-बर्तनों से बनाई थी 94 फुट लंबी सुरंग
Mon, 08 Nov 2021 10:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 08 Nov 2021 10:31 PM IST
सार
तारा ने जज के सामने कुबूलनामे में बताया साल 2004 में उसने ही बुड़ैल जेल में 94 फुट लंबी सुरंग बनाई। इसे बनाने के लिए उसने नुकीले बर्तनों का इस्तेमाल किया। इसी जेल से वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया।
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आतंकी जगतार सिंह तारा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी आतंकी जगतार सिंह तारा को बुड़ैल जेल तोड़ने के मामले में जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही उसे अंडरगोन (जितनी सजा काटी है, वही पर्याप्त) कर दिया। कड़ी सुरक्षा में सीजेएम अमन इंदर सिंह की अदालत में पेश हुए तारा ने कुबूल किया कि उसने ही बुड़ैल जेल में सुरंग बनाई और फरार हो गया।
तारा ने जज के सामने कुबूलनामे में बताया साल 2004 में उसने ही बुड़ैल जेल में 94 फुट लंबी सुरंग बनाई। इसे बनाने के लिए उसने नुकीले बर्तनों का इस्तेमाल किया। इसी जेल से वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया। अपने लिखित कबूलनामे में तारा ने कहा कि उसने जेल से भागने का फैसला सोच समझ कर लिया था।
यह फैसला लेने के पीछे कारण था कि उसे देश की न्यायपालिका से इंसाफ की उम्मीद नहीं थी। जेल से बाहर जाकर वह सिख कौम के साथ हो रहे धोखे के खिलाफ काम करना चाहता था और सिख कौम में पैदा होना उसका सौभाग्य है।
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जेल में ही रहेगा आतंकी तारा
सुरंग बनाकर जेल से फरार होने के मामले में तारा 2015 से ही कैद है। ऐसे में अदालत की ओर से सुनाई गई तीन साल सजा की अवधि भले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। क्योंकि उस पर अन्य केस चल रहे हैं, जो विचाराधीन हैं।
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तारा ने जज के सामने कुबूलनामे में बताया साल 2004 में उसने ही बुड़ैल जेल में 94 फुट लंबी सुरंग बनाई। इसे बनाने के लिए उसने नुकीले बर्तनों का इस्तेमाल किया। इसी जेल से वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया। अपने लिखित कबूलनामे में तारा ने कहा कि उसने जेल से भागने का फैसला सोच समझ कर लिया था।
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यह फैसला लेने के पीछे कारण था कि उसे देश की न्यायपालिका से इंसाफ की उम्मीद नहीं थी। जेल से बाहर जाकर वह सिख कौम के साथ हो रहे धोखे के खिलाफ काम करना चाहता था और सिख कौम में पैदा होना उसका सौभाग्य है।
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जेल में ही रहेगा आतंकी तारा
सुरंग बनाकर जेल से फरार होने के मामले में तारा 2015 से ही कैद है। ऐसे में अदालत की ओर से सुनाई गई तीन साल सजा की अवधि भले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। क्योंकि उस पर अन्य केस चल रहे हैं, जो विचाराधीन हैं।
पेशी के दौरान अदालत परिसर पुलिस छावनी में तबदील
अदालत परिसर में पुलिस की गाड़ी से बाहर निकलकर तारा ने हाथ हिलाकर आसपास खड़े लोगों से कहा, ‘मैं जगतार तारा’। इस दौरान कोर्ट परिसर को छावनी में तबदील कर दिया गया था। अतिरिक्त पुलिस बल की पांच टुकड़ियां सुरक्षा में तैनात थीं। चंडीगढ़ पुलिस के करीब 50 से 55 जवान कोर्ट परिसर में मौजूद थे।