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चंडीगढ़ प्रशासक का कार्यकाल खत्म: सबसे ज्यादा बार सचिवालय पहुंचे बदनौर, वॉर रूम की रोजाना बैठक रही चर्चा में
Sat, 21 Aug 2021 01:38 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:38 PM IST
सार
बदनौर के कार्यकाल पर कुछ शहरवासियों का मत है कि उन्होंने बड़े और कठोर फैसले लेने में काफी देर की और कुछ फैसले लिए ही नहीं। उनके सलाहकार परिषद के सुझावों को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया। सांसद किरण खेर और उनके बीच कोई विवाद नहीं हुआ।
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वीपी सिंह बदनौर।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कार्यकाल रविवार 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। बदनौर ने 22 अगस्त 2016 को पद संभाला था। चंडीगढ़ के प्रशासक के तौर पर उनका कार्यकाल निर्विवाद रहा, लेकिन पंजाब के राज्यपाल के तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ कुछ मुद्दों पर विवाद हुआ। पूरे कार्यकाल के समय बदनौर का चंडीगढ़ पर विशेष ध्यान रहा। पिछले प्रशासकों के मुकाबले बदनौर सबसे ज्यादा बार यूटी सचिवालय पहुंचे।
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कोरोना प्रबंधन के लिए 13 मार्च 2020 को बदनौर ने एक वॉर रूम का गठन किया और रोजाना चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। यह क्रम कई महीने चला। इससे प्रशासन के फैसलों में पारदर्शिता आई। वॉर रूम की चर्चा पूरे देश में हुई। बदनौर ने तीन सलाहकारों के साथ काम किया। इनमें 14 मार्च 2016 से 24 दिसंबर 2018 तक परिमल राय, 26 दिसंबर 2012 से 22 जून 2021 तक मनोज परिदा और 23 जून से धर्पमाल हैं।
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बदनौर के कार्यकाल पर कुछ शहरवासियों का मत है कि उन्होंने बड़े और कठोर फैसले लेने में काफी देर की और कुछ फैसले लिए ही नहीं। उनके सलाहकार परिषद के सुझावों को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया। सांसद किरण खेर और उनके बीच कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन पंजाब में मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाने की खबरों को लेकर सीएम और उनके बीच विवाद हो गया था। राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने मुख्य सचिव और डीजीपी को समन भेजकर जवाब मांगा तो पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर राज्यपाल को कोई स्पष्टीकरण चाहिए तो उन्हें नोटिस भेजकर बुलाना चाहिए, अफसरों को नहीं क्योंकि गृह विभाग उनके पास है।
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शिक्षा
ये हुआ
- 66 साइंस व नॉलेज पार्क, 50 किड्स एडवेंचर पार्क, 20 मैथ्स पार्क
- बच्चों व अध्यापकों के लिए फीनिक्स एप की शुरुआत
- परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) और नेशनल अचीवमेंट सर्वे में प्रथम
ये नहीं हुआ
- प्रयोगशाला के अभाव में साइंस स्ट्रीम के लिए एक भी सीट नहीं बढ़ा पाए
- सरकारी स्कूल ऑनलाइन कक्षाओं को प्रभावी तरीके से नहीं चला पाए
- लेक्चरर के पद खाली, लेकिन नहीं करा पाए भर्ती
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड
ये हुआ
- आवासीय इकाइयों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड में परिवर्तित करना और आवश्यकता आधारित परिवर्तनों की अनुमति देना (वर्ष 2018)
- मलोया में 4960 मकानों का निर्माण और उनका आवंटन
ये नहीं हुआ
- दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस चेंज को नहीं कर पाए लागू
- मलोया में मकान दिए, लेकिन न मार्केट, न ही सफाई की व्यवस्था
नगर निगम
ये हुआ
- 13 गांवों को नगर निगम में शामिल करने का फैसला
- सेक्टर-17 को वेंडर मुक्त बनाने का दावा
- 200 किमी से ज्यादा साइकिल ट्रैक और बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत
- मैटीरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर शुरू
- घर-घर कूड़ा उठाने के लिए 390 गाड़ियों की खरीद
- औद्योगिक क्षेत्र में नया श्मशान घाट
ये नहीं हुआ
- निगम में शामिल होने के बाद भी गांवों की नहीं बदली सूरत
- वेंडरों पर करोड़ों खर्च, कम होने के बजाय बढ़ गई संख्या
- निगम की वित्तीय हालत को नहीं कर पाए मजबूत
- 66 साइंस व नॉलेज पार्क, 50 किड्स एडवेंचर पार्क, 20 मैथ्स पार्क
- बच्चों व अध्यापकों के लिए फीनिक्स एप की शुरुआत
- परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) और नेशनल अचीवमेंट सर्वे में प्रथम
ये नहीं हुआ
- प्रयोगशाला के अभाव में साइंस स्ट्रीम के लिए एक भी सीट नहीं बढ़ा पाए
- सरकारी स्कूल ऑनलाइन कक्षाओं को प्रभावी तरीके से नहीं चला पाए
- लेक्चरर के पद खाली, लेकिन नहीं करा पाए भर्ती
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड
ये हुआ
- आवासीय इकाइयों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड में परिवर्तित करना और आवश्यकता आधारित परिवर्तनों की अनुमति देना (वर्ष 2018)
- मलोया में 4960 मकानों का निर्माण और उनका आवंटन
ये नहीं हुआ
- दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस चेंज को नहीं कर पाए लागू
- मलोया में मकान दिए, लेकिन न मार्केट, न ही सफाई की व्यवस्था
नगर निगम
ये हुआ
- 13 गांवों को नगर निगम में शामिल करने का फैसला
- सेक्टर-17 को वेंडर मुक्त बनाने का दावा
- 200 किमी से ज्यादा साइकिल ट्रैक और बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत
- मैटीरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर शुरू
- घर-घर कूड़ा उठाने के लिए 390 गाड़ियों की खरीद
- औद्योगिक क्षेत्र में नया श्मशान घाट
ये नहीं हुआ
- निगम में शामिल होने के बाद भी गांवों की नहीं बदली सूरत
- वेंडरों पर करोड़ों खर्च, कम होने के बजाय बढ़ गई संख्या
- निगम की वित्तीय हालत को नहीं कर पाए मजबूत
पर्यावरण विभाग
- 24 अप्रैल 2018 को नगर वन का उद्घाटन
- सुखना वेटलैंड घोषित
- सेक्टर-22 और 53 में दो सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थापना
ये नहीं हुआ
- पक्षीशाला का काम अभी तक नहीं हुआ पूरा
सीटीयू
- 80 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी और एक बस का उद्घाटन
- सीटीयू बस ट्रैक्टर मोबाइल एप की शुरुआत
ये नहीं बढ़ा
- चार साल में भी नहीं बना पाए बस क्यू शेल्टर
- करोड़ों खर्चे लेकिन बसों में नहीं बढ़ी सवारी
- लोकल रूट पर घाटे से नहीं उबर पाए
स्वास्थ्य
ये हुआ
- कोरोना प्रबंधन और 13 मार्च 2020 को वॉर रूम बैठक की शुरुआत
- मिनी कोविड केयर, विभिन्न अस्पतालों में बेड बढ़ाने और ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना
- एमबीबीएस कोर्स में सीटें 100 से बढ़ाकर 150 की गईं
- 30 जनवरी 2018 को पीजीआई में बहुमंजिला रेड क्रॉस सराय (300 बिस्तरों वाली) का उद्घाटन
- दिव्यांग फ्रेंडली शहर बनाने के लिए 10 सितंबर 2018 को ग्रिड संस्थान की शुरुआत
ये नहीं हुआ
- डॉक्टरों के नियमित 100 से ज्यादा पद 10 साल से खाली, नहीं करा पाए भर्ती
पुलिस
ये हुआ
- रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लड़कियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा शुरू करना
- सीनियर सिटीजन सेफ्टी एप, ई-चालान, मौके पर भुगतान का विकल्प
- 16 नवंबर 2018 को सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम की शुरुआत
ये नहीं हुआ
- कई साल से रुके पुलिसकर्मियों के प्रमोशन को नहीं शुरू करा पाए
- पुलिस के मकानों की दशा नहीं सुधार पाए
इंजीनियरिंग विभाग
ये हुआ
- विभिन्न इमारतों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाया
- 13 सरकारी स्कूल, पांच स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बने
- कई सामुदायिक केंद्रों का काम जारी
ये नहीं हुआ
- जिला अदालत में नहीं बनी पार्किंग
- टूटी सड़कों की वजह से हुआ शहर का नाम खराब
- इंटरनेशनल शूटिंग रेंज का नहीं कर पाए उद्घाटन
- गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में म्यूजियम अब तक नहीं हुआ शुरू
- सभी साइकिल ट्रैक पर अब तक नहीं लगा पाए लाइटें
स्मार्ट सिटी
ये हुआ
- दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए सेक्टर 17 में बैटरी संचालित कार्ट
- 7.50 करोड़ की लागत से रोज गार्डन अंडर पास बनाया गया
- स्मार्ट सिटी की 37 योजनाओं में से 26 पर ही काम शुरू
- लाब बत्तियों को बदला गया
ये नहीं हुआ
- डंपिंग ग्राउंड को हटाने का था वादा, नहीं हुआ पूरा
- तारों को नहीं किया जा सका भूमिगत
- सुखना वेटलैंड घोषित
- सेक्टर-22 और 53 में दो सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थापना
ये नहीं हुआ
- पक्षीशाला का काम अभी तक नहीं हुआ पूरा
सीटीयू
- 80 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी और एक बस का उद्घाटन
- सीटीयू बस ट्रैक्टर मोबाइल एप की शुरुआत
ये नहीं बढ़ा
- चार साल में भी नहीं बना पाए बस क्यू शेल्टर
- करोड़ों खर्चे लेकिन बसों में नहीं बढ़ी सवारी
- लोकल रूट पर घाटे से नहीं उबर पाए
स्वास्थ्य
ये हुआ
- कोरोना प्रबंधन और 13 मार्च 2020 को वॉर रूम बैठक की शुरुआत
- मिनी कोविड केयर, विभिन्न अस्पतालों में बेड बढ़ाने और ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना
- एमबीबीएस कोर्स में सीटें 100 से बढ़ाकर 150 की गईं
- 30 जनवरी 2018 को पीजीआई में बहुमंजिला रेड क्रॉस सराय (300 बिस्तरों वाली) का उद्घाटन
- दिव्यांग फ्रेंडली शहर बनाने के लिए 10 सितंबर 2018 को ग्रिड संस्थान की शुरुआत
ये नहीं हुआ
- डॉक्टरों के नियमित 100 से ज्यादा पद 10 साल से खाली, नहीं करा पाए भर्ती
पुलिस
ये हुआ
- रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लड़कियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा शुरू करना
- सीनियर सिटीजन सेफ्टी एप, ई-चालान, मौके पर भुगतान का विकल्प
- 16 नवंबर 2018 को सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम की शुरुआत
ये नहीं हुआ
- कई साल से रुके पुलिसकर्मियों के प्रमोशन को नहीं शुरू करा पाए
- पुलिस के मकानों की दशा नहीं सुधार पाए
इंजीनियरिंग विभाग
ये हुआ
- विभिन्न इमारतों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाया
- 13 सरकारी स्कूल, पांच स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बने
- कई सामुदायिक केंद्रों का काम जारी
ये नहीं हुआ
- जिला अदालत में नहीं बनी पार्किंग
- टूटी सड़कों की वजह से हुआ शहर का नाम खराब
- इंटरनेशनल शूटिंग रेंज का नहीं कर पाए उद्घाटन
- गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में म्यूजियम अब तक नहीं हुआ शुरू
- सभी साइकिल ट्रैक पर अब तक नहीं लगा पाए लाइटें
स्मार्ट सिटी
ये हुआ
- दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए सेक्टर 17 में बैटरी संचालित कार्ट
- 7.50 करोड़ की लागत से रोज गार्डन अंडर पास बनाया गया
- स्मार्ट सिटी की 37 योजनाओं में से 26 पर ही काम शुरू
- लाब बत्तियों को बदला गया
ये नहीं हुआ
- डंपिंग ग्राउंड को हटाने का था वादा, नहीं हुआ पूरा
- तारों को नहीं किया जा सका भूमिगत