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भाई की हत्या के दोषी को दस साल कैद

Sat, 27 Sep 2014 01:08 AM IST
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर। Updated Sat, 27 Sep 2014 01:08 AM IST
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ten years in prison convicted of Brother's murder
जगाधरी। भाई के हत्यारे (इत्तेफाकन हत्या) के दोषी को जला एवं सत्र न्यायधीश एके सिंह पंवार की कोर्ट ने 10 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी।  कोर्ट में करीब डेढ़ साल चली सुनवाई के दौरान 19 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
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29 मार्च 2013 को दर्ज हुआ था मामला
29 मार्च 2013 को बिलासपुर पुलिस ने हरिजन बस्ती निवासी अमनदीप कौर की शिकायत पर उसके देवर विक्रम के खिलाफ पति राहुल की हत्या करने का केस दर्ज किया था। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि विक्रम ने ही चाकू से गोदकर उसके पति राहुल की हत्या की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसका पति राहुल की वेल्डिंग की दुकान चलता था। जबकि उसका देवर विक्रम झगड़ालू किस्म का है। 28 मार्च की रात को उसका देवर विक्रम बाहर से कुछ लोगों से झगड़ा करके घर आया था। जब उसके पति ने विक्रम को समझाने का प्रयास किया,तो वह तैश में आ गया और उसने उसके पति के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद उसका पति बैठक (कमरे) में चला गया। जबकि विक्रम भी उसके पीछे अंदर चला गया। जहां पर विक्रम ने अलमारी में रखी खुखरी (चाकू) निकालकर राहुल की छाती पर वार कर दिया। इसके बाद राहुल खून में लथपथ होकर नीचे गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पड़ोसियों की मदद से राहुल को बिलासपुर के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटना स्थल का दौरा किया और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक राहुल की पत्नी अमनदीप कौर शिकायत पर विक्रम के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 29 मार्च को आरोपी विक्रम को गिरफ्तार किया। 30 मार्च को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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शिकायकर्ता अमनदीप कौर के वकील बलिंद्र कांबोज ने बताया कि कोर्ट में करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई के दौरान 19 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत 25 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायधीश एके सिंह पंवार की कोर्ट ने विक्रम को भादंसं की धारा 304 पार्ट (1) (इत्तेफाकन हत्या) के तहत दोषी करार दिया। शुक्रवार को कोर्ट ने विक्रम को 10 साल कैद तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।
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मृतक के हैं दो नन्हें बच्चे
शिकायतकर्ता अमनदीप कौर के वकील बलिंद्र कांबोज ने बताया कि मृतक राहुल के दो बच्चे हैं। इनमें 6 साल की बच्ची तथा चार साल का लड़का शामिल है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने जुर्माने की राशि पीड़िता और उसके बच्चों को देने के आदेश दिए हैं।
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