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टेली कंसल्टेशन में नहीं लगता फोन.. नॉन-कोविड मरीजों को पीजीआई व जीएमसीएच-32 की ओपीडी खुलने का इंतजार

Fri, 05 Feb 2021 01:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 01:38 AM IST
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Tele consultation does not take phone .. Non-covid patients waiting for OPD of PGI and GMCH-32
चंडीगढ़। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है, लेकिन अभी दूसरी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज की व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। नॉन कोविड मरीज अस्पतालों की ओपीडी खुलने की उम्मीद में महीनों से दर्द बर्दाश्त कर रहे हैं।
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पीजीआई और जीएमसीएच-32 अस्पताल प्रशासन टेलीकंसल्टेशन व ऑनलाइन परामर्श देने का दावा कर रहा है। अस्पताल प्रशासन ऑनलाइन सुविधा को मरीजों के हित में बता रहा है, वहीं मरीज इस सुविधा से परेशान हैं। किसी को ऑनलाइन पंजीकरण कराने नहीं आ रहा तो कोई टेलीकंसल्टेशन का फोन न मिलने से परेशान है। ज्यादातर मरीजों की परेशानी यह है कि उन्हें फोन पर होने वाला इलाज समझ नहीं आ रहा। मरीज अस्पताल प्रशासन से एक ही गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द ओपीडी खोली जाए ताकि उन्हें सही इलाज मिल सके।
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हमारी परेशानी प्रशासन कब समझेगा
सेक्टर-22 चंडीगढ़ में रहते गौरव जैन ने कहा कि जीएमसीएच-32 में कहने के लिए ऑनलाइन माध्यमों से मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है, लेकिन मरीजों को किसी प्रकार का लाभ नहीं हो रहा है। पंजीकरण से लेकर दवा लिखवाने तक मरीज को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ई-संजीवनी और टेलीमेडिसिन सेवा के नाम पर केवल मरीजों को भ्रमित किया जा रहा है। क्योंकि ज्यादातर मरीजों को तो इन सेवाओं का लाभ उठाना ही नहीं आ रहा। आखिर प्रशासन यह परेशानी कब समझेगा।
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ऑनलाइन पंजीकरण सेवा महज दिखावा
सेक्टर-22, चंडीगढ़ में रहते अश्विनी कुमार ने कहा कि पीजीआई और जीएमसीएच-32 की ऑनलाइन व टेलीकंसल्टेशन पंजीकरण सेवा महज दिखावा है। पीजीआई में पंजीकरण की प्रक्रिया इतनी कठिन है कि मरीज व तीमारदार थक जा रहे हैं। एक पंजीकरण के लिए 3 से 4 हफ्ते तक सुबह 1.30 घंटे लगातार कॉल करने पर बड़ी मुश्किल से सफलता मिल पा रही है। फिर डॉक्टर के फोन आने का इंतजार और उसके बाद जांच और रिपोर्ट दिखाने के इंतजार में मरीज की हालत और बिगड़ जा रही है। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए कि मरीज इलाज के इंतजार में महीनों से तड़प रहे हैं।
डॉक्टर लिख रहे.. बाहर से जांच कराओ
हल्लोमाजरा निवासी श्यामा देवी ने कहा कि जीएमसीएच-32 में दिखाने के लिए काफी प्रयास के बाद ऑनलाइन पंजीकरण हुआ। डॉक्टर ने परेशानी सुनी तो बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाकर रिपोर्ट व्हाट्सएप करने का निर्देश दिया। अब जब जांच की सुविधा अस्पताल में ही उपलब्ध है तो फिर मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए क्यों कहा जा रहा है। एक तो ऑनलाइन इलाज के चक्कर में मरीज पहले से परेशान हैं, ऊपर से बाहर से जांच कराने की बात कहकर उन्हें और ज्यादा परेशानी में डाला जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी
कोरोना संक्रमण से बचाव और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन व टेलीकंसल्टेशन परामर्श की सुविधा चलाई जा गई है। अगर इसमें किसी तरह की परेशानी हो रही है तो इसकी शिकायत की जाए, उसे चेक करके तत्काल दूर किया जाएगा। -डॉ. रवि गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32 चंडीगढ़
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