हलवारा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्टः मुआवजा तय करने पहुंची टीम विरोध देख बैरंग लौटी, किसान बोले...
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अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा की जमीन अधिग्रहण के एवज में शुक्रवार को मुआवजा राशि घोषित करने पहुंचे अधिकारी किसानों का आक्रोश को देख बिना घोषणा किए ही लौट गए। खुफिया विभाग ने पहले सतर्क कर दिया था कि किसान बड़ी संख्या में एकत्र होंगे, ऐसे में अगर मुआवजा राशि उनके अनुसार नहीं हुई तो टकराव हो सकता है।
खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार को गांव एतिआणा में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। गांव में थाना सुधार, जोधां, दाखा सहित कई अन्य जगह से पुलिस बल को बुलाया गया था। प्रशासन ने नोटिस भेजकर सभी किसानों को भी हाजिर रहने के लिए कहा था।
बैठक शुरू होते ही किसान बलविंदर सिंह गिल और सोहन सिंह ने मंच से प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उन्हें मुआवजा राशि कम मिली तो इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। किसानों का रुख भांपकर सभी अधिकारी चुप्पी साध गए। आखिरकार टिल्ली कंपनी के सीनियर अधिकारी अश्वनी गंभीर ने मौके की नजाकत को समझते हुए कहा कि आज सेक्शन 21 के तहत मुआवजा राशि घोषित करने से पहले यह अंतिम बैठक है।
मुआवजा राशि की घोषणा अगली बैठक में होगी। इसमें एक माह तक का समय लग सकता है। सेक्शन 21 के तहत माल विभाग रिकॉर्ड में त्रुटियों को दूर करने के लिए आए हैं। उन्होंने दावा जताया कि वैसे तो माल विभाग 9 जनवरी तक सभी त्रुटियां दुरुस्त कर चुका है फिर भी कोई कमी रह गई है तो उसे दो दिन में ठीक कर दिया जाएगा।
पुनर्वास भत्ते को लेकर सरकार के नोटिफिकेशन में क्लेरिटी नहीं है। यह साफ होने के बाद गांव में बैठक कर भत्ते की घोषणा की जाएगी। गांव के सरपंच लखबीर सिंह का कहना है कि 191 परिवारों की जगह 61 परिवारों को पुनर्वास भत्ता देने के नोटिस दिए गए हैं। यह सरासर गलत है। किसान इसे सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस फोर्स भेजकर उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रही है लेकिन वह डरेंगे नहीं।
मर जाएंगे, जमीन नहीं देंगे
37 साल पहले मर चुके किसान साधु सिंह के नाम पर सेक्शन 21 का नोटिस भेजे जाने पर परिवार के सदस्य हैरान है। मृतक किसान के पोते प्रितपाल सिंह ने कहा कि माल विभाग ने अभी तक अपना रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया है। पुनर्वास के नाम पर हर परिवार को पांच लाख रुपये, एक सदस्य नौकरी या पेंशन के सवाल पर अश्वनी गंभीर ने कहा कि सरकार के पास देने को नौकरी नहीं है, एयरपोर्ट पर योग्यता के अनुसार नौकरी मिल सकती है। वहीं किसान बलविंदर सिंह ने मंच से कहा कि मर जाना मंजूर है लेकिन वह किसी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।
मुआवजा राशि तय करना सरकार का काम है। वह किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे। अगली बैठक में मुआवजा राशि की घोषणा होगी। इसके अलावा किसानों की स्टांप ड्यूटी और मोटर कनेक्शन चेंज करने पर कोई फीस नहीं ली जाएगी। -भूपिंदर सिंह, एसीए गलाडा