Haryana: मोरनी व नूंह में तैनात होने वाले शिक्षकों को मिलेगा 10 फीसदी अतिरिक्त वेतन, कैबिनेट ने दी मंजूरी
हरियाणा सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक नीति में मोरनी व नूंह में तैनाती के लिए कुछ मापदंड भी बनाए गए हैं। इसके तहत इच्छुक शिक्षक का मोरनी, पलवल, नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम व पंचकूला गृह जिला नहीं होना चाहिए और न ही इन शहरों के किसी भी स्कूल से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो।
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक में शिक्षक स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत मोरनी व नूंह में तैनात होने वाले इच्छुक शिक्षकों को 10 फीसदी अतिरिक्त वेतन मिलेगा। एक शिक्षक एक स्कूल में अधिकतम पांच साल तक रह सकेगा। अब अतिथि अध्यापक भी नियमित अध्यापक की तरह तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, राज्य शिक्षक पुरस्कार और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के आधार पर जोन व अंकों की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है। अच्छे परिणाम का लाभ केवल प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को ही दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक नीति में मोरनी व नूंह में तैनाती के लिए कुछ मापदंड भी बनाए गए हैं। इसके तहत इच्छुक शिक्षक का मोरनी, पलवल, नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम व पंचकूला गृह जिला नहीं होना चाहिए और न ही इन शहरों के किसी भी स्कूल से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो। ऐसे नियमित शिक्षकों को मूल वेतन का अतिरिक्त 10 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा और अतिथि अध्यापकों को 10,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।
नई नीति में जोन की आवधारणा समाप्त कर दी गई है। पात्र नियमित शिक्षक और अतिथि शिक्षक न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक चुन सकते हैं। दंपती के मामले में उन सभी पुरुष और महिला शिक्षकों को अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे, जिनके पति/पत्नी हरियाणा राज्य के किसी विभाग/बोर्ड/निगम/पीएसयू/राज्य विश्वविद्यालय या हरियाणा में स्थित किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय में या केंद्र सरकार/पीएसयू और हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में नियमित आधार पर कार्यरत हैं या अतिथि शिक्षक के रूप में तैनात हैं।
जिला काडर होने के कारण सी एंड वी शिक्षकों को जिले के भीतर उनकी पोस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए टीजीटी काडर के शिक्षकों की तुलना में उनके जिले में प्राथमिकता दी जाएगी।
नई नीति में यह भी नियम
- शिक्षक अपने सेवा करियर के दौरान एक स्कूल में अधिकतम पांच साल तक रह सकता है।
- विधवाओं के लिए श्रेणीबद्ध तरीके से एक अतिरिक्त प्रावधान किया है।
- पात्र नियमित शिक्षक और अतिथि शिक्षक न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक चुन सकते हैं।
- सभी योग्य ईएसएचएम को अनिवार्य रूप से ईएसएचएम के साथ-साथ टीजीटी के पद का विकल्प भी भरना होगा।
- ईएसएचएम के लिए चयनित लोगों को ईएसएचएम के पद के विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी।
- ईएसएचएम के सभी पदों को आवंटित करने के बाद ही शेष ईएसएचएम को टीजीटी के पदों पर आवंटित किया जाएगा।
यह भी फैसले
- विधानसभा के मानसून सत्र को मंजूरी दी गई। 25 अगस्त से शुरू होगा सत्र
- सशस्त्र बलों व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के युद्ध के अलावा कार्डियक अरेस्ट, हवाई दुर्घटना, प्राकृतिक घटनाओं में मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाएगी।
- अवैध खनन रोकने के दौरान डीएसपी शहीद सुरेंद्र सिंह बेटे सिद्धार्थ को अनुकंपा आधार पर डीएसपी पद पर नियुक्ति दी गई।
- पोंजी स्कीम संचालकों पर कसेगा शिकंजा, संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई होगी।
- सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने के लिए 50,000 रुपये और राष्ट्रीय मेलों के लिए 25,000 रुपये तक का बोर्डिंग शुल्क प्रदान किया जाएगा।
- अब 25 एकड़ क्षेत्र में भी एमएसएमई औद्योगिक क्लस्टर विकसित हो सकेगा। पहले यह 100 एकड़ का होता था।
- पात्र पद्म पुरस्कार विजेताओं को 10,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।