पंजाबः सरकार और अध्यापकों में नहीं बन रही बात, दसवें दिन भी प्रदर्शन जारी
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एसएसए/रमसा, मॉडल व आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाहों में कटौती करके रेगुलर करने के प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ सांझा अध्यापक मोर्चा का आंदोलन व मरणव्रत मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा। गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के नजदीक दिए धरने में मंगलवार को भी प्रदेश भर से अध्यापक शामिल हुए।
बड़ी संख्या में पहुंचे इन अध्यापकों ने सर्किट हाउस से होते हुए बस स्टैंड तक रोष मार्च भी निकाला। उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा अध्यापकों का पक्ष जाने बिना तनख्वाह कटौती को जायज ठहराने की निंदा की। साथ ही 21 अक्तूबर को पटियाला में रोष रैली और प्रदर्शन का एलान किया। उधर सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई में मंगलवार को प्रदेश भर के अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर पढ़ाने के बाद प्रदर्शन किया।
प्रदेश कनवीनर सुखविंदर चाहल, प्रदेश को कनवीनर हरदीप सिंह टोडरपुर, दीदार सिंह मुदकी, गगन राणू ने सरकार के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने अध्यापकों के साथ बुरा व्यवहार करके अपमानित करने वाले शिक्षा सचिव को विभाग से चलता करने, कंप्यूटर अध्यापकों को विभाग में शिफ्ट करने, शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों के पद खत्म करने वाली शिक्षा विरोधी रेशनेलाइजेशन नीति वापस लेने, जनवरी 2004 के बाद भर्ती मुलाजिमों पर पुरानी पेंशन बहाल करने, महंगाई भत्ते की किश्तें समेत बकाया देने, छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट जारी करने, कच्चे अध्यापकों की रुकी तनख्वाहें जारी करने की भी मांग की।
अध्यापकों ने फूंका सरकार का पुतला
बटाला में सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई में डेरा बाबा नानक के अध्यापकों ने मांगों को लेकर पंजाब सरकार का पुतला जलाकर रोष प्रदर्शन किया। इससे पूर्व एक रोष रैली निकाली गई, जो विभिन्न बाजारों से होती हुई डेरा बाबा नानक बस स्टैंड में संपन्न हुई, जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। शिक्षक नेता सोम सिंह, गुरमीत सिंह बाजवा, उपकार सिंह, पलविंदर सिंह, संतोख सिंह, कुलदीप पूरेवाल नेअध्यापकों के वेतन में की गई कटौती की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि एसएसए/ रमसा, 5178, अध्यापकों की 10 साल की सर्विस के बाद पक्के करने के नाम पर 75 प्रतिशत वेतन घटाकर सरकार अध्यापकों के घरों के चूल्हे ठंडे करने जा रही है। शिक्षा प्रोवाइडर, ईजीएस, एसटीआर आदि कच्चे अध्यापकों को पक्के नहीं किया जा रहा। इसके अलावा डीए की किश्तों का बकाया, छठे पे कमीशन की रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। एक जनवरी 2004 के बाद भर्ती मुलाजिमों पर पुरानी पेंशन प्रणाली न लागू करके धक्का किया जा रहा है। इस अवसर पर दिलदार, सलविंदर कुमार, रुपिंदरजीत कौर, अमन, गुरप्रीत रंगीलपुर, सुभाष चंद्र, रछपाल कुमार, हरजिंदर भुल्लर, जगजीत कौर, निधि शर्मा मौजूद थीं।
सरकार साजिशन सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने पर तुली
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी टीचरों की आम आदमी पार्टी ने हिमायत की है। पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा की अगुवाई में राज्यपाल को इस संबंध में मांगपत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार साजिशन सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने पर तुली है। सूबे की स्कूल शिक्षा प्रणाली पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार को भी दिल्ली की तर्ज पर शिक्षा का बजट बढ़ाने का निर्देश दिया जाए।
दल ने पंजाब में छह हजार से ज्यादा असुरक्षित घोषित किए गए कमरों का मुद्दा भी उठाया। बाद में मीडिया से बातचीत में आप नेताओं ने कहा कि टीचरों का वेतन घटाने के फैसले ने उनका मनोबल गिरा दिया है। इसे वापस लेकर उनका सम्मान बहाल किया जाना चाहिए। उन्हें बिना शर्त पूरे वेतन के साथ शिक्षा विभाग के अधीन किया जाना चाहिए। दल में सरबजीत कौर माणुके, अमन अरोड़ा. प्रिंसिपल बुध राम भी थे।