बीमा के लिए बेगुनाह का कत्लः भिखारी को मारकर दिखाई खुद की हत्या, ऐसे खुला राज
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तरनतारन पुलिस ने अनूप सिंह के फर्जी कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। अनूप ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ करवाने और जीवन बीमा की रकम हासिल करने के उद्देश्य से अपने घरेलू नौकर के साथ मिलकर एक लावारिस भिखारी को मारकर जलाया और खुद की हत्या की झूठी कहानी बनाई थी। इस मामले में सीधे तौर पर शामिल तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में अनूप सिंह के पिता समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सड़क किनारे रहने वाले भिखारी को मारकर जलाया
शनिवार को पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मामले की छानबीन के दौरान करनदीप सिंह ने बताया कि उसका भाई अनूप सिंह और उनका घरेलू नौकर करण उर्फ काका सड़क किनारे रहने वाले बब्बा नामक एक बेघर, प्रवासी को शैवरले कार में हरीके-पट्टी रोड पर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद दोनों ने बब्बा को तेजधार गंडासे से मार दिया और फिर तेल डालकर लाश को जला दिया।
जली लाश को कार के पास सड़क पर फेंक दिया। करनदीप ने अनूप सिंह और काका को भगाने में मदद की। तीनों ने योजना बनाकर बब्बा की हत्या की। इन खुलासों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में धारा 182, 420, 120बी भी जोड़ दिया और करनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अनूप सिंह और करण उर्फ काका को टोहाना जिला फतेहाबाद से गिरफ्तार किया है ।
लाश की जांच ने ही दिए पुलिस को अहम सुराग
अनूप सिंह और उसके भाई करनदीप सिंह के अलावा अन्य पारिवारिक सदस्यों और उसके कारखाने के कर्मचारियों के अलग-अलग बयान के अलावा अनूप सिंह और लाश के कंकाल की विशेषताओं में अंतर ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिए। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि अनूप सिंह पर कई कर्ज थे और उसने कई बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं, जो उसे अपने फर्जी मौत का ड्रामा रचकर आर्थिक रूप से लाभ पहुंचा सकती थीं।
उसने लगभग 75 लाख रुपये के कर्ज का बीमा करवाया था, जो उसकी मौत के बाद माफ हो सकते थे। यदि उसकी मौत साबित हो जाती तो उसे कर्ज माफी और प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ से लेकर बीमा पॉलिसियों से कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हो सकता था।
यह था घटनाक्रम
थाना हरिके के एसएचओ को 5 दिसंबर की सुबह सूचना मिली कि हरिके-पट्टी रोड के किनारे एक जली हुई लाश पड़ी है। लाश के पास ही पीबी 02 सीवी 9351 नंबर की एक शैवरले कार भी खड़ी है। जांच में सामने आया कि पीड़ित के शरीर को केरोसिन डालकर जलाया गया है। वहां से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और कुछ फोटो बरामद हुए।
इनके आधार पर मृतक की पहचान अनूप सिंह पुत्र तरलोक सिंह, निवासी 75- वाहेगुरु सिटी, चभाल रोड, अमृतसर के तौर पर की गई। पुलिस ने अनूप सिंह के पिता तरलोक सिंह को जानकारी दी। तरलोक सिंह ने शव की पहचान अपने पुत्र अनूप सिंह के तौर पर की।