हरियाणा में बसों का रात्रि ठहराव बंद, विभाग और कर्मचारियों में फिर ठनी, रोहतक में बुलाई बैठक
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हरियाणा रोडवेज की बसों का ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि ठहराव बंद करने पर एक बार फिर परिवहन विभाग और कर्मचारियों में ठन गई है। रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने जनता से जुड़े इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का एलान कर दिया है। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए कमेटी ने 5 दिसंबर को रोहतक में बैठक बुलाई है।
कमेटी के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, सरबत सिंह पूनिया, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल व सुल्तान सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने एक बार फिर ग्रामीण जनता को राम भरोसे छोड़कर गांव में रात्रि ठहराव करने वाली बसों को बंद करने का महाप्रबंधकों को आदेश दिया है।
प्रदेश की 70 प्रतिशत ग्रामीण जनता, छात्र-छात्राएं स्कूल-कालेज, शहरों व कस्बों में जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बसों पर ही निर्भर है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गांव में बसों का रात्रि ठहराव बंद करने से यात्रियों को जहां देर शाम गंतव्य स्थान पर पहुंचने में दिक्कत होगी, वहीं सुबह गांव से जाने वाले यात्रियों व छात्र-छात्राओं को स्कूल-कालेज जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। अगर रात में गांव से डिपो में बसें वापसी जाएंगी व सुबह डिपो से गांव जाएंगी तो उनके खाली जाने पर विभाग को भारी घाटा होगा।
उधर, इंटक नेता प्रदीप बूरा ने भी विभाग के फैसले का विरोध किया है। तालमेल कमेटी के नेताओं ने कहा कि चालक-परिचालकों की भर्ती किए बिना ओवरटाइम समाप्त करने से पहले ही परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा चुकी है। जबकि तालमेल कमेटी ने 45 दिन के लिए ओवरटाइम का लाभ लिए बिना पूरी ड्यूटी करने के बारे में सरकार व महानिदेशक को पत्र लिख चुकी है, मगर कर्मचारियों के सुझाव को मानने की बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का रात्रि ठहराव बंद कर परिवहन विभाग ने एक ओर तुगलकी फरमान जारी किया है।
सरकार ने अपने चहेते लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए 700 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने के लिए यह निर्णय लिया है। ओवरटाइम समाप्त करने के बहाने परिवहन सेवा कम कर एवं बसों का रात्रि ठहराव बंद कर विभाग ने सरकार की छवि धूमिल करने का एक और प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों, विभाग में सरकारी बसें बढ़ाने एवं स्थायी भर्ती करने की मांग को लेकर एक बार फिर रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करेंगे।