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जाट आंदोलन: हरियाणा सरकार व जाटों के बीच नहीं बनी बात, जारी रहेंगे धरने

Sun, 12 Feb 2017 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Sun, 12 Feb 2017 12:52 AM IST
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talk in between jat people and haryana govt for reservation is failed
जाट नेता यशपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में पिछले 14 दिन से चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन का पटाक्षेप करने के लिए शनिवार को पानीपत में रिफाइनरी टाउनशिप के कम्युनिटी सेंटर में जाटों और सरकार की मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी के बीच करीब साढ़े तीन घंटे चली वार्ता सिरे नहीं चढ़ सकी।
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तीन चरणों की वार्ता खत्म होने के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने एलान किया कि शांतिपूर्ण धरने जारी रहेंगे और सरकार के साथ फिर से बातचीत के लिए समय मांगा जाएगा। कमेटी ने भी जाट नेताओं की मांगों को सीएम के समक्ष रखने का भरोसा दिया। 
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कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित समय से करीब चार घंटे देरी से दोपहर 1.28 बजे शुरू हुई बैठक में जाट नेताओं व कमेटी सदस्यों ने अपनी-अपनी बात रखी। जाट नेताओं ने अपनी सातों मांगों के साथ वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की पिछले आंदोलन में फूंकी कोठी की जांच सीबीआई को देने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने साफ कहा कि इस दौरान दो युवाओं की भी जान गई थी। मलिक ने कमेटी के समक्ष बातचीत के लिए द्वार खुले होने की बात कहते हुए सभी मांगे मानने तक प्रदेश में धरने जारी रखने की बात कही। वार्ता सफल न हो पाने पर कमेटी सदस्य मीडिया से बचकर निकल गए। 
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जाट नेताओं के तल्ख रहे तेवर

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जाट नेता यशपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
जाट नेताओं के तल्ख रहे तेवर
वार्ता का दौर तीन चरणों में चला। अंतिम दौर की वार्ता शाम पांच बजे तक चली। बैठक में जाट नेताओं के तेवर तल्ख रहे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पिछले आंदोलन में 31 युवकों की जान गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने देंगे। एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अकील मोहम्मद ने बताया कि पिछले आंदोलन में दर्ज मुकदमों में से 1392 वापस ले लिए हैं।

खाना तक नहीं खाया
जाट नेताओं ने बैठक में सरकार की ओर से परोसा गया खाना तक नहीं खाया और बैठक के बाद उठकर सीधे चले गए। 

वार्ता का पहला चरण
पहले चरण में कमेटी ने प्रदेश के जिलावार धरनों से आई कमेटियों की बात सुनी। जिला कमेटी के नेताओं ने सरकार व अधिकारियों को आड़े हाथ लेते कहा कि अधिकारी धरनों की सही व पुख्ता रिपोर्ट सरकार को नहीं दे रहे। इससे सारा मामला बिगड़ रहा है। कमेटी अधिकारी जाट नेताओं के आक्रोश को भांपते हुए शांत बैठे रहे। 

वार्ता का दूसरा चरण
कमेटी ने दूसरे चरण में खाप नेताओं से बात की। अलग-अलग खापों के प्रतिनिधियों ने कहा कि जाट नहीं बल्कि अधिकारी व सरकार प्रदेश का माहौल बिगाड़ने में लगी हुई है। अधिकारी ही तो सरकार व जाटों के बीच सुलह नहीं होने दे रहे। आंदोलन में मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी देने और प्रत्येक को 20-20 लाख रुपये देने की मांग रखी जा रही है। क्या सरकार के पास 30 नौकरियां नहीं है। 

वार्ता का तीसरा चरण
तीसरे चरण में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से बातचीत की गई। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिक ने कहा कि जाट समाज के लोग शांतिपूर्वक धरनों पर बैठे हैं। वे पहले दिन से ही सात मांगें रख रहे हैं, लेकिन मानी नहीं जा रही। उन्होंने सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने हांसी एसडीएम व रोहतक के सिपाही की बात रखी।  

वार्ता बेनतीजा नहीं, फिर होगी बातचीत: सीएम

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यशपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
मलिक बोले, कमेटी के साथ बातचीत हुई, धरने जारी रहेंगे
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि सरकार द्वारा गठित कमेटी के साथ शांतिपूर्वक माहौल में बातचीत हुई है। इसमें सभी 22 जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। कमेटी की तरफ से अपनी सातों को मांगों को रख दिया गया है। कमेटी ने इन्हें सरकार तक पहुंचाने की बात कही है। सरकार के पास सोचने व फैसले लेने का वक्त है।

एक दौर में बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई है तो दूसरे व तीसरे दौर की बैठक भी बुला सकते हैं। वे इसके लिए तैयार हैं, लेकिन तब तक प्रदेश में शांतिपूर्वक धरने जारी रहेंगे। सरकार बातचीत को लेकर दो साल का भी समय लें तो प्रदेश के लोग धरना जारी रखने को तैयार हैं। सरकार प्रदेश के आरक्षण की भी एक समय सीमा निर्धारित करें। इसके अलावा केंद्र के आरक्षण को लेकर केंद्र के प्रतिनिधि को बातचीत में शामिल करें। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की ही कोठी में आग के मामले की जांच सीबीआई से कराना चिंता का विषय है।  अब धरनों की बागडोर प्रदेश की जनता के हाथ में है। 

वार्ता बेनतीजा नहीं, फिर होगी बातचीत: सीएम
सोनीपत। सरकार की ओर से गठित कमेटी व जाट प्रतिनिधियों के बीच भले ही बातचीत बेनतीजा रही हो लेकिन सीएम मनोहर लाल खट्टर सकारात्मक बता रहे हैं। सीएम ने कहा कि वार्ता बेनतीजा नहीं कही जा सकती है, क्योंकि उसमें काफी कुछ निकलकर सामने आया और वार्ता को जारी रखा जाएगा। 
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