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शादी के 5-10 सालों बाद क्यों आ जाता है रिश्ते में खालीपन, देखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 05 Mar 2017 09:18 AM IST
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‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ नाटक का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
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अदाकार मंच मोहाली की ओर पंजाब कला भवन में सालाना थिएटर फेस्टिवल ‘अदाकारियां ’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दो पंजाबी और एक हिंदी नाटक का मंचन किया जा रहा है।
तीन दिवसीय थिएटर फेस्टिवल के दूसरे दिन हिंदी नाटक ‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ का मंचन किया गया। इसका मंचन रास कला केंद्र मंच सफीदाें की ओर से किया गया। थिएटर फेस्टिवल पंजाब आर्ट्स काउंसिल, पंजाब संगीत नाटक अकादमी और हरियाणा कला परिषद् की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा हैं।
‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ नाटक का निर्देशन रवि मोहन और लेखन विभा रानी ने किया। नाटक में शादी के बाद पत्नी और पत्नी के रिश्ताें को दर्शाया गया। कैसे शादी के पांच से दस साल बाद खाली पन आ जाता है।
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नाटक में एक शादीशुदा जोड़ा दिखाया गया, जिनका कुछ सालाें बाद अपने-अपने ऑफिस में प्यार हो जाता है। कुछ दिन इनमें ठीक-ठाक चलता है, लेकिन बाद में इनमें भी दूरियां आ जाती हैं। फिर वह दोबारा अपने पुराने रिश्ताें की ओर लौटते हैं। नाटक में दो पात्राें ने ही मंच पर काम किया। इनमें संभव सिंह का रोल रवि मोहन और शोभा का रोल डॉ. मधु ने निभाया।
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तीन दिवसीय थिएटर फेस्टिवल के दूसरे दिन हिंदी नाटक ‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ का मंचन किया गया। इसका मंचन रास कला केंद्र मंच सफीदाें की ओर से किया गया। थिएटर फेस्टिवल पंजाब आर्ट्स काउंसिल, पंजाब संगीत नाटक अकादमी और हरियाणा कला परिषद् की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा हैं।
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‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ नाटक का निर्देशन रवि मोहन और लेखन विभा रानी ने किया। नाटक में शादी के बाद पत्नी और पत्नी के रिश्ताें को दर्शाया गया। कैसे शादी के पांच से दस साल बाद खाली पन आ जाता है।
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नाटक में एक शादीशुदा जोड़ा दिखाया गया, जिनका कुछ सालाें बाद अपने-अपने ऑफिस में प्यार हो जाता है। कुछ दिन इनमें ठीक-ठाक चलता है, लेकिन बाद में इनमें भी दूरियां आ जाती हैं। फिर वह दोबारा अपने पुराने रिश्ताें की ओर लौटते हैं। नाटक में दो पात्राें ने ही मंच पर काम किया। इनमें संभव सिंह का रोल रवि मोहन और शोभा का रोल डॉ. मधु ने निभाया।