फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Tagore Theatre, chandigarh event, aahat play , sector 18

एक पति-पत्नी की कहानी, ‘आहट’ में दिखी मानवीय मूल्यों की संवेदनहीनता

Mon, 21 Nov 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 21 Nov 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
Tagore Theatre, chandigarh event, aahat play , sector 18
विंटर फेस्टिवल का आखिरी दिन - फोटो : अमर उजाला
आज के समय में इंसान इतना भौतिकतावादी हो चुका है कि उसके सामने मानवीय मूल्य मायने नहीं रखते हैं। ज्यादा कमाने की लालसा में रिश्तों को भी दांव पर लगा देते हैं। कुछ ऐसे ही दृश्य का मंचन ‘आहट’ नाटक में देखने को मिला। इस नाटक का मंचन रविवार को टैगोर थिएटर में चल रहे विंटर फेस्टिवल के अंतिम दिन किया गया। नाटक में चंडीगढ़ के खेल नाट्य संस्थान के दो कलाकारों ने मंचन किया।
विज्ञापन


 नाटक की निर्देशिका नम्रता शर्मा ने बताया कि यह मराठी के नाटक ‘चाहुल’ का हिंदी रूपांतरण है। इसे जाने माने मराठी थिएटर और फिल्म डायरेक्टर चंद्रकांत कुलकर्णी ने लिखा है। अनिल देशमुख ने हिंदी में इस नाटक का रूपांतरण किया है। पहली बार इस नाटक को एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी ने तुषार दलवी के साथ मराठी भाषा में मंचन किया था। इसके अलावा इस नाटक मुंबई और चेन्नई में काफी बार मंचन किया गया है। इस नाटक का मंचन नार्थ इंडिया में पहली बार किया गया है। 
विज्ञापन

'ज्यादा कमाने की लालसा में रिश्तों को भी दांव पर लगा देते हैं'

Tagore Theatre, chandigarh event, aahat play , sector 18
एक पति-पत्नी की कहानी - फोटो : अमर उजाला
नाटक की कहानी इंटर कास्ट मैरिज, इंसान का भौतिकतावादी होना, पेरेंट्स और मां-बाप और पति-पत्नी के बीच कम्यूनिकेशन नहीं होने के इर्द-गिर्द घूमती है। ‘आहट’ एक पति-पत्नी की कहानी है। इंटर कास्ट मैरिज करने के कारण दोनों को उनके माता-पिता घर से निकाल देते हैं।

इसके बाद दोनों लोन पर नया घर लेते हैं। लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति काफी बद्तर होती है। पति का बॉस प्रमोशन के लिए उसकी पत्नी के साथ संबंध बनाने की बात करता है। नाटक में उस समय नया मोड़ आता है, जब पत्नी को अपने पति और घर के हालातों के कारण बॉस की बात माननी पड़ती है। अंत में नाटक संदेश देता है कि इंसान को दिखावे के लिए अपनी चादर से बाहर पैर नहीं पसारने चाहिए। नाटक का नायक झूठी शान के लिए नया घर खरीद लेता है।

इससे वह कर्ज के बोझ तले दब जाता है। इन हालातों से बाहर निकालने के लिए उसे पत्नी को भी दांव पर लगना पड़ता है। नाटक का निर्देशन करने के साथ-साथ नम्रता ने नाटक में भूमिका निभाई, जबकि उनके पति का किरदार गोर्की सिंह ने निभाया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed