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'सतलुज यमुना लिंक नहर के विवाद पर रुख साफ करें केजरीवाल'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:51 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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पीपीसीसी अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसवाईएल विवाद से जुड़े मुद्दे पर कहा है कि केजरीवाल ने अब इस मामले में यू-टर्न ले लिया है। आम आदमी पार्टी के कन्वीनर और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर से जारी यह बयान कि पानी पर कोई सियासत नहीं होनी चाहिए, उनके बदले रुख को जाहिर कर रहा है।
कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि कुछ दिन पहले ही केजरीवाल ने पंजाब में कहा था कि एसवाईएल के मुद्दे पर वह पंजाब का समर्थन करते हैं और पंजाब हरियाणा के लिए एक बूंद पानी भी नहीं दे सकता। कैप्टन ने यह भी कहा कि जब हरियाणा की सरकार ने केजरीवाल को आइना दिखाया, तो वह अपने चरित्र की विशेषता के मुताबिक पलट गए और अब कह रहे हैं कि पानी पर कोई सियासत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने केजरीवाल से कहा है कि मुद्दे पर उनका स्पष्ट रुख होना चाहिए न कि बार-बार बयान पलटें। पीपीसीसी अध्यक्ष ने केजरीवाल से कहा है कि वह अस्पष्टता का सहारा लेना छोड़ दें। कम से कम पंजाब के लोग उनसे सीधे सवाल करेंगे कि क्या आप उनके साथ हैं या फिर उनके खिलाफ हैं। कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल दो नावों पर सवार होते हुए लोगों को ज्यादा देर तक बेवकूफ नहीं बना सकते।
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कैप्टन ने केजरीवाल को पंजाब और हरियाणा के बीच लटके अन्य मुद्दों पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है, चाहे वह मुद्दा चंडीगढ़ की ट्रांसफर का हो या फिर पंजाबीभाषी इलाके पंजाब को देने का। कैप्टन ने कहा कि हरियाणा के सिंचाई मंत्री के एक पत्र ने केजरीवाल को मैदान छोड़कर पंजाब में दिखाई अपनी सारी दिलेरी भूलने के लिए मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इसमें हैरानी नहीं होगी, यदि इसी तरह की कोई अन्य चिट्ठी भी केजरीवाल को एक और यू-टर्न लेने को मजबूर कर दे। कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल जिस दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, इससे अधिक क्षेत्रफल में पंजाब के कुछ विधानसभा हलके हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वह केजरीवाल को पंजाब की सियासत को समझने के लिए अपनी म्यूनीसिपल सोच से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं।
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कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि कुछ दिन पहले ही केजरीवाल ने पंजाब में कहा था कि एसवाईएल के मुद्दे पर वह पंजाब का समर्थन करते हैं और पंजाब हरियाणा के लिए एक बूंद पानी भी नहीं दे सकता। कैप्टन ने यह भी कहा कि जब हरियाणा की सरकार ने केजरीवाल को आइना दिखाया, तो वह अपने चरित्र की विशेषता के मुताबिक पलट गए और अब कह रहे हैं कि पानी पर कोई सियासत नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने केजरीवाल से कहा है कि मुद्दे पर उनका स्पष्ट रुख होना चाहिए न कि बार-बार बयान पलटें। पीपीसीसी अध्यक्ष ने केजरीवाल से कहा है कि वह अस्पष्टता का सहारा लेना छोड़ दें। कम से कम पंजाब के लोग उनसे सीधे सवाल करेंगे कि क्या आप उनके साथ हैं या फिर उनके खिलाफ हैं। कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल दो नावों पर सवार होते हुए लोगों को ज्यादा देर तक बेवकूफ नहीं बना सकते।
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कैप्टन ने केजरीवाल को पंजाब और हरियाणा के बीच लटके अन्य मुद्दों पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है, चाहे वह मुद्दा चंडीगढ़ की ट्रांसफर का हो या फिर पंजाबीभाषी इलाके पंजाब को देने का। कैप्टन ने कहा कि हरियाणा के सिंचाई मंत्री के एक पत्र ने केजरीवाल को मैदान छोड़कर पंजाब में दिखाई अपनी सारी दिलेरी भूलने के लिए मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इसमें हैरानी नहीं होगी, यदि इसी तरह की कोई अन्य चिट्ठी भी केजरीवाल को एक और यू-टर्न लेने को मजबूर कर दे। कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल जिस दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, इससे अधिक क्षेत्रफल में पंजाब के कुछ विधानसभा हलके हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वह केजरीवाल को पंजाब की सियासत को समझने के लिए अपनी म्यूनीसिपल सोच से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं।