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कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में बेटे और पत्नी ने करोड़ों रुपये विदेश भेजे गए
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 07:51 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : file photo
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रणइंदर सिंह के स्विस बैंक अकाउंट को लेकर आम आदमी पार्टी नेत पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोला है। पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर रणइंदर और परनीत कौर के स्विस बैंक अकाउंट नंबर जारी किए।
इसके साथ ही आरोप लगाया कि कैप्टन के सीएम कार्यकाल के दौरान ही रणइंदर ने करोड़ों रुपये विदेश भेजे।
पार्टी नेता आशीष खेतान ने कहा कि 2005 में जब कैप्टन सीएम थे, रणइंदर ने सात कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों केजरिए दुबई और लंदन में दो प्राइम प्रॉपर्टी खरीदी गईं।
कैप्टन केकार्यकाल में रणइंदर और परनीत ने करोड़ों रुपये विदेश भेजने के लिए अकाउंट खोले। इन्होंने एचएसबीसी प्राइवेट बैंक जेनेवा में 26 जुलाई 2005 को अकाउंट खोले।
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इसमें पता न्यू मोती बाग पैलेस पटियाला का दिखाया गया। इन दोनों ने कुछ कंपनियां शुरू कीं, उनके अकाउंट भी इसी बैंक में खोले गए। रणइंदर ने इस कारोबार में अपने ससुर कुलदीप ढींगरा को भी शामिल कर लिया।
खेतान ने ढींगरा, रणइंदर और बैंक अधिकारियों केबीच हुई बातचीत केमिनट्स का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के चालान में कहा गया है कि रणइंदर इंग्लैंड के जकरांडा ट्रस्ट केसाथ 460 करोड़ की संपत्ति वाले चार कंपनियों में लाभपात्री बने।
सांसद भगवंत मान ने कहा कि रणइंदर का मामला एक दिन पहले सुर्खियां बन चुका है, लेकिन न तो सीएम प्रकाश सिंह बादल और न ही डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। पहले कैप्टन ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच का विरोध किया था।
अब बादल परिवार कैप्टन पर लगे आरोपों पर चुप है। इससे साफ है कि अकाली और कांग्रेसी भ्रष्टाचार के मामले में एक-दूसरे को बचाने में लगे हैं। आप प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कहा कि कैप्टन के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले सामने आए थे, जिनमें इंट्रानेट स्कैम, लुधियाना सिटी सेंटर स्कैम और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट स्कैम शामिल हैं, लेकिन इन केसों में कैप्टन को सजा दिलाने के लिए अकालियों ने कुछ नहीं किया। क्योंकि दोनों अंदरखाते मिले हुए हैं।
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इसके साथ ही आरोप लगाया कि कैप्टन के सीएम कार्यकाल के दौरान ही रणइंदर ने करोड़ों रुपये विदेश भेजे।
पार्टी नेता आशीष खेतान ने कहा कि 2005 में जब कैप्टन सीएम थे, रणइंदर ने सात कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों केजरिए दुबई और लंदन में दो प्राइम प्रॉपर्टी खरीदी गईं।
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कैप्टन केकार्यकाल में रणइंदर और परनीत ने करोड़ों रुपये विदेश भेजने के लिए अकाउंट खोले। इन्होंने एचएसबीसी प्राइवेट बैंक जेनेवा में 26 जुलाई 2005 को अकाउंट खोले।
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इसमें पता न्यू मोती बाग पैलेस पटियाला का दिखाया गया। इन दोनों ने कुछ कंपनियां शुरू कीं, उनके अकाउंट भी इसी बैंक में खोले गए। रणइंदर ने इस कारोबार में अपने ससुर कुलदीप ढींगरा को भी शामिल कर लिया।
खेतान ने ढींगरा, रणइंदर और बैंक अधिकारियों केबीच हुई बातचीत केमिनट्स का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के चालान में कहा गया है कि रणइंदर इंग्लैंड के जकरांडा ट्रस्ट केसाथ 460 करोड़ की संपत्ति वाले चार कंपनियों में लाभपात्री बने।
सांसद भगवंत मान ने कहा कि रणइंदर का मामला एक दिन पहले सुर्खियां बन चुका है, लेकिन न तो सीएम प्रकाश सिंह बादल और न ही डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। पहले कैप्टन ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच का विरोध किया था।
अब बादल परिवार कैप्टन पर लगे आरोपों पर चुप है। इससे साफ है कि अकाली और कांग्रेसी भ्रष्टाचार के मामले में एक-दूसरे को बचाने में लगे हैं। आप प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कहा कि कैप्टन के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले सामने आए थे, जिनमें इंट्रानेट स्कैम, लुधियाना सिटी सेंटर स्कैम और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट स्कैम शामिल हैं, लेकिन इन केसों में कैप्टन को सजा दिलाने के लिए अकालियों ने कुछ नहीं किया। क्योंकि दोनों अंदरखाते मिले हुए हैं।