Swine flu in Haryana: रोहतक में सूअरों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, हरियाणा में अलर्ट
पड़ोसी जिले रोहतक के कलानौर में कई सूअर की रिपोर्ट अफ्रीकन स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई है। इसके बाद पूरे हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया है। पड़ोसी जिला होने के नाते भिवानी में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। यहां मुख्यत: तीन बड़े फार्म हैं।
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पशुओं में फैल रहे लंपी चर्मरोग के बाद अब हरियाणा में अब स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दे दी है। इसके बाद पशुपालन विभाग ने प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। रोहतक के कलानौर में सूअरों की मौत के बाद पशुपालन विभाग ने सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भोपाल भेजे थे। खून, स्वैब की जांच रिपोर्ट में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
इसके बाद पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. बीएस लौरा की ओर से सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र भेजकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करने निर्देश दिए हैं। रोहतक जिले को नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। कलानौर के जहां सूअरों में स्वाइन फ्लू मिला है, वहां एक किलोमीटर क्षेत्र में सभी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
प्रभावित इलाकों के 10 किलोमीटर के घेरे में सूअरों से सैंपल लिए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सतर्क बरतने और संदिग्ध सूअरों को अलग कर सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। सूअर पालकों को भी इस बीमारी के संबंध में लक्षण और बचाव की जानकारी देने को कहा है।
भिवानी में अलर्ट
पड़ोसी जिले रोहतक के कलानौर में कई सूअर की रिपोर्ट अफ्रीकन स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई है। इसके बाद पूरे हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया है। पड़ोसी जिला होने के नाते भिवानी में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। यहां मुख्यत: तीन बड़े फार्म हैं। इसके अलावा जिले के गांवों सहित शहरी क्षेत्र के करीब पांच हजार परिवार सूअर पालन करते हैं।
पशुपालन विभाग लंपी स्किन वायरस से जूझ रहा है। जिले में आई करीब 13 हजार वैक्सीन को लगाने का काम शुरू हो चुका है। अब तक करीब 50 आशंकित गाय सामने आई हैं, जिनको अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। शुक्रवार को छुट्टी होने के बावजूद पशुपालन विभाग की टीमें वैक्सीनेशन अभियान में जुटी रही।
अब पशुपालन विभाग की ओर से अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के प्रति अलर्ट का पत्र आने के बाद स्थानीय पशु चिकित्सकों की चिंता और बढ़ गई है। लंपी वायरस के साथ अब पशु चिकित्सकों को इस ओर भी फोकस करना होगा। फिलहाल राहत की बात यह है कि जिले में लंपी वायरस से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का कोई केस भी नहीं है।
लंपी वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन शुरू कर दी गई है। अभी तक हमारे यहां लंपी वायरस से कोई मौत की सूचना नहीं है। पशुपालकों को भी नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है। रोहतक में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद अलर्ट किया गया है। यहां मुख्यत: दो-तीन ही बड़े फार्म हैं। उनके यहां फिलहाल पशु स्वस्थ हैं। - प्रदीप कुमार, वेटनरी सर्जन, पशुपालन विभाग।