'प्रभु'! सीएनजी की DMU मात्र डेढ़ महीने में... क्यों?
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने देश की पहली सीएनजी डीएमयू को शुरू करके अपना जो सपना पूरा किया था, वह डेढ़ महीने में ही धूमिल हो गया। यह ऐतिहासिक ट्रेन विभागीय लापरवाही के चलते इतिहास का हिस्सा बनने से दूर होती जा रही है। 13 जनवरी को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेवाड़ी जंक्शन पर इस ट्रेन का शुभारंभ किया था और महज डेढ़ महीने में ही उसकी बेकद्री हो गई।
यात्रियों के मुताबिक पिछले पांच दिन से यह ट्रेन डीजल इंजन रूपी ‘वेंटीलेटर’ पर चल रही है। शनिवार को सीएनजी ट्रेन डीजल इंजन लगाकर रेवाड़ी स्टेशन पर निर्धारित समय से आधे घंटे से ज्यादा देरी से पहुंची और जाने के तय समय 07:50 की जगह आधे घंटे देरी से रोहतक के लिए रवाना हुई।
रेलमंत्री ने बताया था कि यह पहली डीएमयू ट्रेन होगी जिसमें बायो टॉयलेट होगा। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। ट्रेन के टॉयलेट की कुंडियां भी टूट गई हैं।
ये कहना है ट्रेन के डेली पैसेंजर्स का
सीएनजी ट्रेन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। आए दिन ट्रेन लेट चलती है। ट्रेन के टॉयलेट भी सील बंद किए गए हैं। यह यात्रियों के साथ नाइंसाफी है।
- रामनिवास, दैनिक यात्री, रोहतक
ट्रेन में जितनी खूबी रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने गिनाई थीं, सब नदारद हैं। पिछले पांच दिनों से ट्रेन का इंजन आए दिन खराब हो जाता है। सुधार की काफी गुंजाइश है।
- गोपाल मित्तल, रेवाड़ी-रोहतक रूट के दैनिक यात्री
सीएनजी डीएमयू ट्रेन की हालत बेहद खस्ता है। ट्रेन नियत समय से लगातार देरी से चल रही है। इस तरह आलम रहा तो यह एतिहासिक ट्रेन जल्द ही इतिहास का हिस्सा बन जाएगी।
- रवि भार्गव, दैनिक यात्री
ट्रेन के इंजन में संभवत: कुछ खराबी आ गई होगी, जिस वजह से डीजल इंजन लगाया गया होगा। अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार, डीआरएम, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (जयपुर मंडल)