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बलवंत सिंह राजोआना की सजा माफी का प्रस्ताव भेजने में विलंब, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Fri, 04 Dec 2020 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Dec 2020 03:00 PM IST
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उच्चतम न्यायालय।
- फोटो : फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा माफी का प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजने में विलंब पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में राजोआना की उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें उसने अपनी मौत की सजा माफ करने की याचिका का शीघ्र निस्तारण करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश देने की अपील की थी।
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प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे़, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा है कि वह बताएं कि संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत संबंधित प्राधिकारी राष्ट्रपति को इस बारे में प्रस्ताव कब भेजेंगे।
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बता दें, संविधान के अनुच्छेद 72 में राष्ट्रपति को कुछ मामलों में माफी देने, सजा निलंबित करने या सजा कम करने का अधिकार प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया कि गृह मंत्रालय ने पिछले साल सात सितंबर को पंजाब के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर सूचित किया था कि राजोआना की मौत की सजा माफ करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कोर्ट ने पूछा कि यह प्रस्ताव अभी तक क्यों नहीं भेजा गया।
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पंजाब पुलिस का पूर्व सिपाही बलवंत सिंह राजोआना को 1995 में पंजाब सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में शामिल होने का दोषी पाया गया था। इस धमाके में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 16 अन्य लोगों की जान चली गई थी।