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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 5 मई तक पीयू को अंतरिम राशि जारी करे यूजीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 02 May 2017 09:37 AM IST
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सु्प्रीम कोर्ट
- फोटो : SELF
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हाईकोर्ट के आदेश पर यूजीसी को पंजाब यूनिवर्सिटी को अतिरिक्त ग्रांट देने के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पीयू ने कोर्ट में अपनी स्टेट्स रिपोर्ट रखी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी को स्पष्ट आदेश दिए कि वह पांच मई तक यूजीसी को अंतरिम राहत राशि जारी कर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से पीयू बड़ी राहत मिली है। इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट अब 5 मई को करेगी।
गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी की कमजोर आर्थिक हालातों को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यूजीसी को आदेश दिए थे कि वह पीयू को अतिरिक्त ग्रांट जारी करें। लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश को यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए दाखिल याचिका में कहा था कि वह पीयू को अतिरिक्त ग्रांट देने असमर्थ है। दूसरी ओर, यूजीसी के इसी रवैये के खिलाफ 24 अप्रैल को पीयू ने सुप्रीम कोर्ट में अपना विरोध पत्र दाखिल किया था।
इसमें वीसी ने सुप्रीम कोर्ट केा बताया कि पीयू को पहले तो कुछ वर्ष पूर्व यूजीसी के नॉन प्लान बजट में शामिल कर दिया गया। उसके बावजूद साल-दर-साल यूजीसी का नान प्लान बजट तो बढ़ता गया, लेकिन इसकी अपेक्षाकृत यूजीसी की ओर से पीयू को जारी ग्रांट का प्रतिशत घटता गया। इससे पीयू की आर्थिक स्थिति और गड़बड़ाती गई।
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गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी की कमजोर आर्थिक हालातों को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यूजीसी को आदेश दिए थे कि वह पीयू को अतिरिक्त ग्रांट जारी करें। लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश को यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए दाखिल याचिका में कहा था कि वह पीयू को अतिरिक्त ग्रांट देने असमर्थ है। दूसरी ओर, यूजीसी के इसी रवैये के खिलाफ 24 अप्रैल को पीयू ने सुप्रीम कोर्ट में अपना विरोध पत्र दाखिल किया था।
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इसमें वीसी ने सुप्रीम कोर्ट केा बताया कि पीयू को पहले तो कुछ वर्ष पूर्व यूजीसी के नॉन प्लान बजट में शामिल कर दिया गया। उसके बावजूद साल-दर-साल यूजीसी का नान प्लान बजट तो बढ़ता गया, लेकिन इसकी अपेक्षाकृत यूजीसी की ओर से पीयू को जारी ग्रांट का प्रतिशत घटता गया। इससे पीयू की आर्थिक स्थिति और गड़बड़ाती गई।
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आश्वासन के बाद भी नहीं मिली ग्रांट
Panjab University
- फोटो : amar ujala
पीयू के वीसी ने सुप्रीम कोर्ट में पीयू के आर्थिक हालातों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करते हुए सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि वह पीयू को यूजीसी से अतिरिक्त ग्रांट जारी करवाए।
आश्वासन के बाद भी नहीं मिली ग्रांट
सुप्रीम कोर्ट में विरोध पत्र दाखिल करने के बाद 26 अप्रैल को पीयू अथॉरिटी ने एमएचआरडी को भी अपनी आर्थिक रिपोर्ट सौंपी। इसमें वीसी ने एमएचआरडी के समक्ष पीयू की आय, व्यय और कास्ट कटिंग के प्लान संबंधी रिपोर्ट पेश की। पीयू ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वर्ष 2016-17 में पीयू का बेस घाटा 197.73 करोड़ है। पीयू की रिपोर्ट पर एमएचआरडी के अफसरों ने पीयू अथारिटी को आश्वस्त किया था कि यूजीसी से पीयू को अतिरिक्त ग्रांट दिलवाई जाएगी। लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक यूजीसी ने पीयू को अतिरिक्त ग्रांट प्रदान नहीं की।
आश्वासन के बाद भी नहीं मिली ग्रांट
सुप्रीम कोर्ट में विरोध पत्र दाखिल करने के बाद 26 अप्रैल को पीयू अथॉरिटी ने एमएचआरडी को भी अपनी आर्थिक रिपोर्ट सौंपी। इसमें वीसी ने एमएचआरडी के समक्ष पीयू की आय, व्यय और कास्ट कटिंग के प्लान संबंधी रिपोर्ट पेश की। पीयू ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वर्ष 2016-17 में पीयू का बेस घाटा 197.73 करोड़ है। पीयू की रिपोर्ट पर एमएचआरडी के अफसरों ने पीयू अथारिटी को आश्वस्त किया था कि यूजीसी से पीयू को अतिरिक्त ग्रांट दिलवाई जाएगी। लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक यूजीसी ने पीयू को अतिरिक्त ग्रांट प्रदान नहीं की।