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जेल में डोडा और उसका भतीजा चला रहे थे मोबाइल: जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Sat, 07 Jan 2017 06:52 PM IST
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सुनील जाखड़ की प्रेस वार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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फाजिल्का जेल में डीसी की छापामारी के बाद 24 लोगों की जेल में अवैध एंट्री के मामले में परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। शनिवार को जालंधर में प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने उन नंबरों की सूची जारी की जिन्हें डोडा और उसके भतीजे व रसोइया जेल में इस्तेमाल कर रहा था। जाखड़ ने इन नंबरों समेत नई शिकायत चुनाव आयोग से करते हुए मांग की कि नंबरों की कॉल डिटेल के अलावा टावर लोकेशन चेक की जाए। इससे सामने आ जाएगा कि एक साल से यह मोबाइल नंबर फाजिल्का जेल में डोडा की ओर से अवैध रूप से चलाए जा रहे थे।
जाखड़ ने बताया कि सात मोबाइल नंबर शिव डोडा व उसके भतीजे के नाम पर हैं। इन नंबरों पर डिप्टी सीएम के ओएसडी सतिंदरजीत सिंह मंटा समेत डीजीपी स्तर के अधिकारियों की बातचीत है। उन्होंने अपने सूत्रों से चेक करवाया कि नंबरों की लोकेशन एक साल से केंद्रीय जेल फाजिल्का की है।
जाखड़ ने बताया कि घटना वाले दिन जब डीसी फाजिल्का व अन्य अधिकारियों ने छापामारी की तो जेल से 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो अवैध रूप से जेल में घुसे थे। उनके पास से तीन लाख 48 हजार की राशि बरामद की गई। केस में मामूली धारा लगाकर सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
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जाखड़ ने बताया कि सात मोबाइल नंबर शिव डोडा व उसके भतीजे के नाम पर हैं। इन नंबरों पर डिप्टी सीएम के ओएसडी सतिंदरजीत सिंह मंटा समेत डीजीपी स्तर के अधिकारियों की बातचीत है। उन्होंने अपने सूत्रों से चेक करवाया कि नंबरों की लोकेशन एक साल से केंद्रीय जेल फाजिल्का की है।
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जाखड़ ने बताया कि घटना वाले दिन जब डीसी फाजिल्का व अन्य अधिकारियों ने छापामारी की तो जेल से 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो अवैध रूप से जेल में घुसे थे। उनके पास से तीन लाख 48 हजार की राशि बरामद की गई। केस में मामूली धारा लगाकर सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
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नंबरों की सूची समेत चुनाव आयोग से की गई शिकायत
सुनील जाखड़ ने बताया कि उन्होंने आयोग से शिकायत की है कि जेल में छापामारी वाले दिन के बाद शाम 6.15 पर शिव लाल डोडा, उसके भतीजे अमित डोडा व रसोइए के फोन बंद हो गए। इन फोनों को डीसी व पुलिस की टीम ने क्यों रिकवर नहीं किया। आयोग से मांग की गई है कि घटना वाले दिन अधिकारियों के फोन नंबर की डिटेल खंगाली जाए तो सामने आ जाएगा कि सत्ताधारी पार्टी के किन नेताओं ने केस में मामूली धाराएं लगाने के लिए प्रेशर डाला था।
जाखड़ ने बताया कि उन्होंने पहले भी 11 जून 2016 को खुलासा किया था कि डिप्टी सीएम का ओएसडी सतिंदरजीत सिंह मंटा अपने साथियों के साथ शिव लाल डोडा का समझौता करवाने फाजिल्का जेल गया था। उन्होंने ऑडियो रिकार्डिंग भी जारी की थी। यह उसी का नतीजा है कि फाजिल्का जेल के अधिकारी व पुलिस अधिकारी चुप बैठे रहे और 24 लोग जेल में आराम से घुसकर डोडा से मुलाकात करने पहुंच गए। जाखड़ ने कहा कि भीम टांक हत्याकांड का आरोपी अमित डोडा राजस्थान के जरिए मध्य प्रदेश शराब की खेप पहुंचाते हैं और राजस्थान में अमित डोडा पर तस्करी के केस दर्ज हैं। अमित एक बार राजस्थान पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था। प्रेस वार्ता में जिला प्रधान राजिंदर बेरी, सुनील शर्मा, निगम में विपक्ष के नेता जगदीश राज राजा भी मौजूद थे।
जाखड़ ने बताया कि उन्होंने पहले भी 11 जून 2016 को खुलासा किया था कि डिप्टी सीएम का ओएसडी सतिंदरजीत सिंह मंटा अपने साथियों के साथ शिव लाल डोडा का समझौता करवाने फाजिल्का जेल गया था। उन्होंने ऑडियो रिकार्डिंग भी जारी की थी। यह उसी का नतीजा है कि फाजिल्का जेल के अधिकारी व पुलिस अधिकारी चुप बैठे रहे और 24 लोग जेल में आराम से घुसकर डोडा से मुलाकात करने पहुंच गए। जाखड़ ने कहा कि भीम टांक हत्याकांड का आरोपी अमित डोडा राजस्थान के जरिए मध्य प्रदेश शराब की खेप पहुंचाते हैं और राजस्थान में अमित डोडा पर तस्करी के केस दर्ज हैं। अमित एक बार राजस्थान पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था। प्रेस वार्ता में जिला प्रधान राजिंदर बेरी, सुनील शर्मा, निगम में विपक्ष के नेता जगदीश राज राजा भी मौजूद थे।